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पीयू के विकास राशि पर जवाब दे केंद्र
Updated Fri, 30 Nov 2018 02:48 AM IST
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पीयू की ग्रांट पर केंद्र चार हफ्ते में रखे पक्ष: हाईकोर्ट
विकास कार्यों के लिए पीयू ने मांगी है 282.57 करोड़ की राशि
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। केंद्र से विकास कार्यों के लिए 282.57 करोड़ की सहायता के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी ने जो मांग की है उस पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को पक्ष रखने के लिए चार हफ्ते के आदेश दिए हैं।
इससे पहले पीयू ने हाईकोर्ट को बताया था कि हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद पीयू की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हुई है लेकिन अभी भी यह नाकाफी है। आने वाले दिनों में पीयू के समक्ष और कई चुनौतियां आने वाली हैं। हाईकोर्ट को बताया गया कि संज्ञान के बाद केंद्र सरकार ने पीयू की वार्षिक ग्रांट को बढ़ा कर 207.8 करोड़ कर दिया है और पंजाब सरकार ने भी 20 करोड़ की जगह बढ़ा कर 27 करोड़ रुपये कर दिया है। रजिस्ट्रार ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया है जिसे पीयू में लागू किया जाना है। इसे लागू करने के लिए पीयू को अब अलग से 77.87 करोड़ की जरूरत है। कोर्ट से आग्रह किया गया कि पीयू की जरूरत के अनुसार ही हर वर्ष मिलने वाली ग्रांट में बढ़ोतरी की जानी चाहिए ना कि केंद्र और पंजाब सरकार की तरह एक बार में ग्रांट 6 प्रतिशत बढ़कर पीछा छुड़ा लिया जाए।
बॉक्स
पीयू ने विकास कार्यों के मांगे हैं 282.57 करोड़
रजिस्ट्रार ने हाईकोर्ट को बताया था कि पीयू में कई विकास कार्य किये जाने हैं जिनमे गर्ल्स होस्टल्स के लिए 13 करोड़, फैकल्टी अपार्टमेंट्स के लिए 12 करोड़, 50 साल पुराने सिंगल स्टोरी फ्लैट्स गिराने के लिए 36 करोड़, रिसर्च लैब्स और एनिमल हाउस के लिए 31 करोड़, रिसर्च इक्यूपमेंट्स और स्मार्ट क्लास रूम्स के लिए 20 करोड़ की जरूरत है। कुल मिलाकर 282 करोड़ रुपये से ये विकास कार्य पूरे हो सकेंगे।
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विकास कार्यों के लिए पीयू ने मांगी है 282.57 करोड़ की राशि
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। केंद्र से विकास कार्यों के लिए 282.57 करोड़ की सहायता के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी ने जो मांग की है उस पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को पक्ष रखने के लिए चार हफ्ते के आदेश दिए हैं।
इससे पहले पीयू ने हाईकोर्ट को बताया था कि हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद पीयू की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हुई है लेकिन अभी भी यह नाकाफी है। आने वाले दिनों में पीयू के समक्ष और कई चुनौतियां आने वाली हैं। हाईकोर्ट को बताया गया कि संज्ञान के बाद केंद्र सरकार ने पीयू की वार्षिक ग्रांट को बढ़ा कर 207.8 करोड़ कर दिया है और पंजाब सरकार ने भी 20 करोड़ की जगह बढ़ा कर 27 करोड़ रुपये कर दिया है। रजिस्ट्रार ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया है जिसे पीयू में लागू किया जाना है। इसे लागू करने के लिए पीयू को अब अलग से 77.87 करोड़ की जरूरत है। कोर्ट से आग्रह किया गया कि पीयू की जरूरत के अनुसार ही हर वर्ष मिलने वाली ग्रांट में बढ़ोतरी की जानी चाहिए ना कि केंद्र और पंजाब सरकार की तरह एक बार में ग्रांट 6 प्रतिशत बढ़कर पीछा छुड़ा लिया जाए।
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पीयू ने विकास कार्यों के मांगे हैं 282.57 करोड़
रजिस्ट्रार ने हाईकोर्ट को बताया था कि पीयू में कई विकास कार्य किये जाने हैं जिनमे गर्ल्स होस्टल्स के लिए 13 करोड़, फैकल्टी अपार्टमेंट्स के लिए 12 करोड़, 50 साल पुराने सिंगल स्टोरी फ्लैट्स गिराने के लिए 36 करोड़, रिसर्च लैब्स और एनिमल हाउस के लिए 31 करोड़, रिसर्च इक्यूपमेंट्स और स्मार्ट क्लास रूम्स के लिए 20 करोड़ की जरूरत है। कुल मिलाकर 282 करोड़ रुपये से ये विकास कार्य पूरे हो सकेंगे।
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