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Panchkula News: सेक्टर-16 अर्बन हेल्थ सेंटर में रोज 200 मरीजों की जांच, विशेषज्ञ एक भी नहीं
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सीएमओ का पद खाली, गायनी-ऑर्थो और सर्जरी विशेषज्ञों की कमी; जांच रिपोर्ट में देरी से मरीज परेशान
गायनी, ऑर्थो और सर्जरी विशेषज्ञों के पद खाली, प्रोफाइल टेस्ट रिपोर्ट के लिए 2-3 दिन तक इंतजार
सीएमओ डेपुटेशन पर, चार डॉक्टरों के भरोसे चल रहा सेंटर
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-16 स्थित अर्बन हेल्थ सेंटर में रोजाना करीब 200 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं है। सीएमओ का पद भी लंबे समय से खाली पड़ा है। गायनी, ऑर्थो और सर्जरी विशेषज्ञों की कमी के कारण मरीजों को सेक्टर-6 सिविल अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। वहीं प्रोफाइल टेस्ट की रिपोर्ट में देरी से भी लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
राजीव कॉलोनी, बुढ़नपुर, पुराना पंचकूला, अभयपुर और औद्योगिक क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में इस सेंटर पर निर्भर हैं। रोजाना आने वाले मरीजों में 30 से अधिक महिलाएं गायनी संबंधी समस्याओं के लिए पहुंचती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से उन्हें अतिरिक्त खर्च और समय की परेशानी झेलनी पड़ती है।
प्रोफाइल टेस्ट रिपोर्ट के लिए करना पड़ रहा इंतजार
हेल्थ सेंटर में हार्ट, किडनी, लीवर, टाइफाइड और सीबीसी समेत प्रोफाइल टेस्ट की रिपोर्ट आने में एक से दो दिन का समय लग रहा है। जबकि सामान्य जांच रिपोर्ट 15 से 20 मिनट में मिल जाती है। जानकारी के अनुसार सेंटर में ऑटोमैटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन नहीं होने के कारण जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
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रोजाना करीब 150 मरीजों के खून के नमूने जांच के लिए लिए जाते हैं। मैनुअल जांच में एक टेस्ट पूरा करने में लगभग तीन घंटे लग जाते हैं। स्वास्थ्य केंद्र की ओर से इस मशीन की मांग सीएमओ कार्यालय को भेजी जा चुकी है।
सीएमओ का पद खाली, चार डॉक्टरों के भरोसे व्यवस्था
अर्बन हेल्थ सेंटर में प्रशासनिक स्तर पर भी स्टाफ की कमी बनी हुई है। सीएमओ का पद कई महीनों से खाली है। मौजूदा सीएमओ को डेपुटेशन पर स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीएचएस) कार्यालय भेजा गया है। फिलहाल सेंटर में दो नियमित मेडिकल ऑफिसर और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत तैनात दो डॉक्टरों के भरोसे व्यवस्था चल रही है। गायनी, सर्जरी और ऑर्थो विशेषज्ञ नहीं होने के कारण संबंधित मरीजों को रेफर करना पड़ता है। रात के समय ऑन-कॉल डॉक्टर की व्यवस्था है, लेकिन गंभीर मरीजों को तत्काल सेक्टर-6 सिविल अस्पताल भेजा जाता है।
हफ्ते में तीन दिन ही चलती है विशेष ओपीडी
सेंटर में गायनी और स्किन ओपीडी सप्ताह में केवल तीन दिन संचालित होती है। कई बार डॉक्टर उपलब्ध न होने पर ओपीडी भी प्रभावित होती है। हालांकि यहां एक्स-रे, ईसीजी और ऑक्सीजन जनरेटर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। आयुष ओपीडी में भी रोजाना करीब 60 मरीज आते हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण उपलब्ध संसाधनों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा।
स्थानीय लोगों ने उठाई नियुक्तियों की मांग
राजीव कॉलोनी निवासी सुनीता देवी ने बताया कि गायनी विशेषज्ञ नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को हर बार सेक्टर-6 जाना पड़ता है। वहीं बुढ़नपुर निवासी रामकुमार ने कहा कि ऑर्थो विशेषज्ञ नहीं होने के कारण उन्हें केवल दर्द निवारक दवा देकर भेज दिया गया। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से गायनी, ऑर्थो, सर्जरी और स्किन विशेषज्ञों की जल्द नियुक्ति, सीएमओ का पद भरने और लैब सुविधाओं को अपग्रेड करने की मांग की है।
कोट
अर्बन हेल्थ सेंटर में गायनी विशेषज्ञ का पद स्वीकृत नहीं है। सेंटर में ऑपरेशन थिएटर भी नहीं है इसलिए वहां गायनेकोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सेंटर में दो नियमित मेडिकल ऑफिसर कार्यरत हैं जो गायनी सहित अन्य मरीजों का उपचार कर रहे हैं। - डॉ. काजल, डिप्टी सिविल सर्जन, अर्बन हेल्थ सेंटर, सेक्टर-16
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गायनी, ऑर्थो और सर्जरी विशेषज्ञों के पद खाली, प्रोफाइल टेस्ट रिपोर्ट के लिए 2-3 दिन तक इंतजार
सीएमओ डेपुटेशन पर, चार डॉक्टरों के भरोसे चल रहा सेंटर
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-16 स्थित अर्बन हेल्थ सेंटर में रोजाना करीब 200 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं है। सीएमओ का पद भी लंबे समय से खाली पड़ा है। गायनी, ऑर्थो और सर्जरी विशेषज्ञों की कमी के कारण मरीजों को सेक्टर-6 सिविल अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। वहीं प्रोफाइल टेस्ट की रिपोर्ट में देरी से भी लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
राजीव कॉलोनी, बुढ़नपुर, पुराना पंचकूला, अभयपुर और औद्योगिक क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में इस सेंटर पर निर्भर हैं। रोजाना आने वाले मरीजों में 30 से अधिक महिलाएं गायनी संबंधी समस्याओं के लिए पहुंचती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से उन्हें अतिरिक्त खर्च और समय की परेशानी झेलनी पड़ती है।
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प्रोफाइल टेस्ट रिपोर्ट के लिए करना पड़ रहा इंतजार
हेल्थ सेंटर में हार्ट, किडनी, लीवर, टाइफाइड और सीबीसी समेत प्रोफाइल टेस्ट की रिपोर्ट आने में एक से दो दिन का समय लग रहा है। जबकि सामान्य जांच रिपोर्ट 15 से 20 मिनट में मिल जाती है। जानकारी के अनुसार सेंटर में ऑटोमैटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन नहीं होने के कारण जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
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रोजाना करीब 150 मरीजों के खून के नमूने जांच के लिए लिए जाते हैं। मैनुअल जांच में एक टेस्ट पूरा करने में लगभग तीन घंटे लग जाते हैं। स्वास्थ्य केंद्र की ओर से इस मशीन की मांग सीएमओ कार्यालय को भेजी जा चुकी है।
सीएमओ का पद खाली, चार डॉक्टरों के भरोसे व्यवस्था
अर्बन हेल्थ सेंटर में प्रशासनिक स्तर पर भी स्टाफ की कमी बनी हुई है। सीएमओ का पद कई महीनों से खाली है। मौजूदा सीएमओ को डेपुटेशन पर स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीएचएस) कार्यालय भेजा गया है। फिलहाल सेंटर में दो नियमित मेडिकल ऑफिसर और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत तैनात दो डॉक्टरों के भरोसे व्यवस्था चल रही है। गायनी, सर्जरी और ऑर्थो विशेषज्ञ नहीं होने के कारण संबंधित मरीजों को रेफर करना पड़ता है। रात के समय ऑन-कॉल डॉक्टर की व्यवस्था है, लेकिन गंभीर मरीजों को तत्काल सेक्टर-6 सिविल अस्पताल भेजा जाता है।
हफ्ते में तीन दिन ही चलती है विशेष ओपीडी
सेंटर में गायनी और स्किन ओपीडी सप्ताह में केवल तीन दिन संचालित होती है। कई बार डॉक्टर उपलब्ध न होने पर ओपीडी भी प्रभावित होती है। हालांकि यहां एक्स-रे, ईसीजी और ऑक्सीजन जनरेटर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। आयुष ओपीडी में भी रोजाना करीब 60 मरीज आते हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण उपलब्ध संसाधनों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा।
स्थानीय लोगों ने उठाई नियुक्तियों की मांग
राजीव कॉलोनी निवासी सुनीता देवी ने बताया कि गायनी विशेषज्ञ नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को हर बार सेक्टर-6 जाना पड़ता है। वहीं बुढ़नपुर निवासी रामकुमार ने कहा कि ऑर्थो विशेषज्ञ नहीं होने के कारण उन्हें केवल दर्द निवारक दवा देकर भेज दिया गया। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से गायनी, ऑर्थो, सर्जरी और स्किन विशेषज्ञों की जल्द नियुक्ति, सीएमओ का पद भरने और लैब सुविधाओं को अपग्रेड करने की मांग की है।
कोट
अर्बन हेल्थ सेंटर में गायनी विशेषज्ञ का पद स्वीकृत नहीं है। सेंटर में ऑपरेशन थिएटर भी नहीं है इसलिए वहां गायनेकोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सेंटर में दो नियमित मेडिकल ऑफिसर कार्यरत हैं जो गायनी सहित अन्य मरीजों का उपचार कर रहे हैं। - डॉ. काजल, डिप्टी सिविल सर्जन, अर्बन हेल्थ सेंटर, सेक्टर-16