फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   सेब आढ़ती इस बार कारोबार करने के लिए तैयार नहीं

सेब आढ़ती इस बार कारोबार करने के लिए तैयार नहीं

Mon, 02 Jul 2018 01:28 AM IST
Updated Mon, 02 Jul 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
सेब आढ़ती इस बार कारोबार करने के लिए तैयार नहीं
इस साल भी सेब के आढ़ती चंडीगढ़ में नहीं करेंगे कारोबार
विज्ञापन

डीसी ने बैठक कर आढ़तियों को सेक्टर-39 की मंडी में कारोबार करने के लिए कहा
डीसी ने कहा, जो आढ़ती यहां नहीं करेगा काम उसका लाइसेंस कर दिया जाएगा खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सेब का सीजन जल्द शुरू होने वाला है। डीसी ने सेब आढ़तियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक भी कर ली है, जिसमें डीसी ने आढ़तियों को कहा है कि वे सेक्टर-39 की नई मंडी में इस बार शिफ्ट हो जाएं और सेब का कारोबार वहीं पर करें। हालांकि आढ़ती इसके लिए तैयार नहीं हैं। डीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि जो सेक्टर-26 की मंडी में कारोबार करेगा उसे ही सेक्टर-39 की नई मंडी में जगह अलाट की जाएगी। जो आढ़ती काम नहीं करेगा उनके लाइसेंस खारिज कर दिए जाएंगे।
सेब का कारोबार पिछले साल ही पंचकूला की मंडी में आढ़ती शिफ्ट कर गए थे। आढ़तियों का कहना है कि हरियाणा में सेब पर मार्केट फीस चार्ज नहीं की जाती है, जबकि चंडीगढ़ की सेक्टर-26 मंडी में सेब पर दो प्रतिशत मार्केट फीस चार्ज की जाती है। ऐसे में इस बार भी इसी फीस के कारण आढ़तियों ने पंचकूला की मंडी में मार्च से ही दुकानें किराए पर ले ली थीं। एक साल का किराया भी एडवांस दे दिया था। पिछले साल सेब का सीजन पंचकूला में शिफ्ट होने से प्रशासन को जो हर साल सेब से 4 करोड़ रुपये की कमाई फीस के तौर पर होती थी वह नहीं हुई और इस बार भी यही संभावना है।
विज्ञापन

पिछले सप्ताह डीसी कार्यालय में हुई बैठक में मार्केट कमेटी के चेयरमैन, आढ़तियों के अलावा निदेशक देवेंद्र सिंह बबला भी उपस्थित थे। बबला का कहना है कि सेब आढ़तियों को पिछले साल भी काफी मनाया गया था कि वे हरियाणा में कारोबार करने के लिए न जाएं। प्रशासन के स्तर पर जो आढ़तियों की बैठक बुलाई गई है उसमें देरी हो गई है। डीसी को मार्च में ही यह बैठक बुलानी चाहिए थी। बैठक में डीसी ने आढ़तियों को सेक्टर-39 मंडी में सेब का सीजन लगाने के लिए कहा था, लेकिन आढ़ती पंचकूला की मंडी में दुकानों का एक साल का किराया दे चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स
सेक्टर-39 मंडी में अभी नहीं हैं सुविधाएं : बृज मोहन
आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बृज मोहन का कहना है कि सेक्टर-39 मंडी में सेब का कारोबार करने का कोई फायदा नहीं है। अभी न तो वहां कोई शेड है और न ही बिजली-पानी की सुविधा। इसके बावजूद आढ़ती जल्द एक बैठक करके अपना फैसला डीसी को स्पष्ट करेंगे। प्रशासन को मार्केट फीस हटा लेनी चाहिए। फीस के साथ-साथ चंडीगढ़ मंडी में भ्रष्टाचार ज्यादा है, जिससे आढ़ती ज्यादा परेशान हैं।


बॉक्स
72 एकड़ में है सेक्टर-39 की नई मंडी
सेक्टर-39 मंडी में शेड का निर्माण पूरा हो चुका है। सेक्टर-26 से सेक्टर-39 में मंडी शिफ्ट होने से जो इस समय दिक्कत आ रही है उससे मुक्ति मिल जाएगी। नई मंडी 72 एकड़ में है, जबकि इस समय जो सेक्टर-26 मंडी की जगह है वह मुश्किल से 25 एकड़ है। यह मंडी शहर की तीन लाख की आबादी के लिए थी, लेकिन अब जनसंख्या 11 लाख तक पहुंच गई है। लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से यह तय नहीं किया गया है जो आढ़तियों को दुकानों के लिए प्लाट देने हैं उसे किस तरह से अलाट किया जाए। क्या उसमें नए आढ़तियों को जगह मिलेगी या फिर पुराने आढ़तियों को रियायती दरों पर प्लाट मिलेंगे। यह प्लाट बेचकर प्रशासन को करोड़ों रुपये की कमाई होगी। अभी इस पर प्रशासन ने कोई पालिसी नहीं बनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed