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मृज्यु को भी मंगल बना देती है भागवत कथा
Updated Sun, 18 Jun 2017 07:15 PM IST
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मृत्यु को भी मंगल बना देती है भागवत कथा : अतुल कृष्ण
चंडीगढ़। भागवत जीवन ही नहीं मृत्यु को भी मंगल बना देने वाली कथा है। भक्ति के लिए सत्संग जरूरी है। मनुष्य में ईश्वर की भक्ति का होना अनिवार्य हैं। भक्ति प्राप्त करने के लिए सत्संग जरूरी है। यह बात वृंदावन से आए कथा वाचक अतुल कृष्ण शास्त्री ने रविवार को मुनि मंदिर में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन प्रवचनों के दौरान उपस्थित भक्तों को कहे। श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ मुनि गौरवानंद गिरि की 30वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में हो रहा है। भागवत कथा के दौरान कथा वाचक ने उपस्थित भक्तों को कहा कि सत्संग भी भगवान की कृपा से होती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सत्संग इस प्रकार से श्रवण करना चाहिए कि उनका मन ही वृंदावन बन जाये और मन के वृंदावन होने से उन्हें किसी भी तीर्थ यात्रा में जाने की आवश्यकता नहीं रहती है। शास्त्री ने श्रद्धालुओं को बताया कि जीवन में अच्छे संस्कारों का होना जरूरी है इससे एक ओर जहां परिवार संस्कारी कहलाता है वहीं समाज में भी अच्छे संस्कारों को अपनाने का संदेश जाता है। इस अवसर पर श्री महावीर मंदिर मुनि सभा के प्रधान दलीपचंद गुप्ता, महासचिव एनएस चौहान सहित बड़ी संख्या में भक्त कथा सुनने के लिए पहुंचे।
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चंडीगढ़। भागवत जीवन ही नहीं मृत्यु को भी मंगल बना देने वाली कथा है। भक्ति के लिए सत्संग जरूरी है। मनुष्य में ईश्वर की भक्ति का होना अनिवार्य हैं। भक्ति प्राप्त करने के लिए सत्संग जरूरी है। यह बात वृंदावन से आए कथा वाचक अतुल कृष्ण शास्त्री ने रविवार को मुनि मंदिर में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन प्रवचनों के दौरान उपस्थित भक्तों को कहे। श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ मुनि गौरवानंद गिरि की 30वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में हो रहा है। भागवत कथा के दौरान कथा वाचक ने उपस्थित भक्तों को कहा कि सत्संग भी भगवान की कृपा से होती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सत्संग इस प्रकार से श्रवण करना चाहिए कि उनका मन ही वृंदावन बन जाये और मन के वृंदावन होने से उन्हें किसी भी तीर्थ यात्रा में जाने की आवश्यकता नहीं रहती है। शास्त्री ने श्रद्धालुओं को बताया कि जीवन में अच्छे संस्कारों का होना जरूरी है इससे एक ओर जहां परिवार संस्कारी कहलाता है वहीं समाज में भी अच्छे संस्कारों को अपनाने का संदेश जाता है। इस अवसर पर श्री महावीर मंदिर मुनि सभा के प्रधान दलीपचंद गुप्ता, महासचिव एनएस चौहान सहित बड़ी संख्या में भक्त कथा सुनने के लिए पहुंचे।