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किशोरी से दुष्कर्म मामले का नाबालिक आरोपी दोषी करार
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चंडीगढ़। किशोरी से रेप के मामले में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज पूनम आर जोशी की अदालत ने नाबालिग आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने सजा का फैसला 10 जुलाई तक सुरक्षित रख लिया है। दोषी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मामले में ट्रायल जुवेनाइल की बजाय जिला अदालत में चल रहा था।
मामला 16 मई 2018 का है। पीड़िता की मां ने अपने ही पति और एक अन्य नाबालिग लड़के के खिलाफ शिकायत की थी। लड़की की मां ने बताया कि उसकी बेटी के पेट में अचानक दर्द हुआ, तो उसे सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही पार्किंग में पीड़िता की प्री-मेच्योर डिलीवरी हो गई। डिलीवरी के बाद नवजात की मौत हो गई थी। पुलिस पूछताछ के दौरान पीड़िता ने नाबालिग लड़के और अपने पिता पर कई बार रेप करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां लड़की ने अपने बयान बदलते हुए कहा कि उसके पिता ने गलत काम नहीं किया, बस वह उसे पीटते थे। पीड़िता केबयानों के आधार पर पिता को बरी कर दिया गया था। वारदात के समय नाबालिग लड़के की उम्र लगभग 16 साल थी।
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मामला 16 मई 2018 का है। पीड़िता की मां ने अपने ही पति और एक अन्य नाबालिग लड़के के खिलाफ शिकायत की थी। लड़की की मां ने बताया कि उसकी बेटी के पेट में अचानक दर्द हुआ, तो उसे सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही पार्किंग में पीड़िता की प्री-मेच्योर डिलीवरी हो गई। डिलीवरी के बाद नवजात की मौत हो गई थी। पुलिस पूछताछ के दौरान पीड़िता ने नाबालिग लड़के और अपने पिता पर कई बार रेप करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां लड़की ने अपने बयान बदलते हुए कहा कि उसके पिता ने गलत काम नहीं किया, बस वह उसे पीटते थे। पीड़िता केबयानों के आधार पर पिता को बरी कर दिया गया था। वारदात के समय नाबालिग लड़के की उम्र लगभग 16 साल थी।
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