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कहने को चंडीगढ़, पर रात में घर जाने में भी डरते हैं लोग, अब बच्चों ने भी बाहर खेलना छोड़ दिया
Tue, 09 Jul 2019 10:43 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jul 2019 10:43 AM IST
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लावारिस कुत्ते
- फोटो : अमर उजाला
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कहने को चंडीगढ़ यूनियन टेरेटरी है लेकिन आम जनता कुत्तों के खौफ में जी रही है। दिन हो या रात कुत्तों का आतंक हर समय रहता है। हालात यह हैं कि राहगीरों को सड़क पर चलने में भी डर लगता है। तेज बाइक के पीछे जब कुत्ते दौड़ते हैं तो अक्सर लोग गिर जाते हैं या हादसे का शिकार हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती है।
इंदिरा कालोनी निवासी भावना ने बताया कि वह पिछले सप्ताह रात के समय घर आ रहीं थीं, तब कुत्तों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। पत्थर उठाया तो कुत्ते और आक्रामक हो गए। जब तक लोगों को आवाज लगाकर बुलातीं तब तक एक कुत्ते ने पैर में काट लिया। इसी तरह मलोया निवासी संजीव ने बताया कि वह बीते शनिवार को ड्यूटी से लौटकर आ रहे थे तभी कुत्तों ने अटैक कर दिया। खून निकलने के बाद तत्काल हास्पिटल जाकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई। इसी तरह न जाने कितने लोगों को कुत्ते अपना शिकार बना चुके हैं।
लोगों ने गार्डन में जाना छोड़ा, बच्चे भी नहीं खेलते
कई सेक्टरों में लोगों ने कुत्तों के आतंक से टहलना जाना छोड़ दिया है। लोगों का कहना है कि कुत्तों को डंडा दिखाओ तो वह और खतरनाक हो जाते हैं। इसलिए टहलने जाना ही बंद कर दिया। इसी तरह बच्चों को खेलने से लोगों ने रोक दिया है। सेक्टर 21 के पार्क में अब बच्चे खेलने नहीं जाते। लोगों ने बताया कि एक बार छोटे बच्चे को कुत्ते ने काट लिया था तब से बच्चों को अकेले नहीं छोड़ते।
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कुत्तों का स्टेरलाइजेशन लगातार किया जा रहा है। जहां समस्या ज्यादा है, वहां कर्मचारी जाते हैं। जैसे-जैसे लोग समस्या बताते हैं वहां से कुत्तों को पकड़ते भी हैं।
-डॉ कंबोज, प्रभारी, एमओएच विंग
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इंदिरा कालोनी निवासी भावना ने बताया कि वह पिछले सप्ताह रात के समय घर आ रहीं थीं, तब कुत्तों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। पत्थर उठाया तो कुत्ते और आक्रामक हो गए। जब तक लोगों को आवाज लगाकर बुलातीं तब तक एक कुत्ते ने पैर में काट लिया। इसी तरह मलोया निवासी संजीव ने बताया कि वह बीते शनिवार को ड्यूटी से लौटकर आ रहे थे तभी कुत्तों ने अटैक कर दिया। खून निकलने के बाद तत्काल हास्पिटल जाकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई। इसी तरह न जाने कितने लोगों को कुत्ते अपना शिकार बना चुके हैं।
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लोगों ने गार्डन में जाना छोड़ा, बच्चे भी नहीं खेलते
कई सेक्टरों में लोगों ने कुत्तों के आतंक से टहलना जाना छोड़ दिया है। लोगों का कहना है कि कुत्तों को डंडा दिखाओ तो वह और खतरनाक हो जाते हैं। इसलिए टहलने जाना ही बंद कर दिया। इसी तरह बच्चों को खेलने से लोगों ने रोक दिया है। सेक्टर 21 के पार्क में अब बच्चे खेलने नहीं जाते। लोगों ने बताया कि एक बार छोटे बच्चे को कुत्ते ने काट लिया था तब से बच्चों को अकेले नहीं छोड़ते।
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कुत्तों का स्टेरलाइजेशन लगातार किया जा रहा है। जहां समस्या ज्यादा है, वहां कर्मचारी जाते हैं। जैसे-जैसे लोग समस्या बताते हैं वहां से कुत्तों को पकड़ते भी हैं।
-डॉ कंबोज, प्रभारी, एमओएच विंग