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रोज गार्डन अंडरपास खोलने की कवायद
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चंडीगढ़। सेक्टर 17 से सेक्टर 16 स्थित रोज गार्डन को मिलाने वाले अंडरपास के निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है। सूत्रों की मानें तो यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से अंडरपास के उद्घाटन करने का समय मांगा है। कहा जा रहा है कि 15 जुलाई तक प्रशासक अंडरपास के उद्घाटन का समय दे सकते हैं।
रोज गार्डन आने और जाने और सेक्टर 17 की रोड को क्रास कर 16 की ओर जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए अंडरपास का निर्माण किया गया है। लगभग दो साल में यह अंडरपास बनकर तैयार हुआ है।
अंडरपास में ग्रीनरी को मेनटेन रखने केलिए पौधे लगवाए जा रहे हैं, जिससे अंडरपास से आने जाने वाले लोगों को पर्यावरण के साथ पेड़ पौधों की जानकारी मिलती रहे। इस ग्र्रीनरी लगवाने में 30 हजार खर्च किए जा रहे हैं। इस संदर्भ में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एक अधिकारी का कहना है कि अंडरपास का काम लगभग फाइनल है। प्रशासन से अनुमति मिलते ही इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
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ऐसे शुरू हुआ निर्माण कार्य
अप्रैल 2017 में इसके बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इसे एक ही साल में पूरा करने की बात कही गई थी, लेकिन दो साल से अधिक का समय बीत चुका है। अभी तक तक अंडरपास शुरू नहीं हो पाया है। इस अंडरपास के निर्माण कार्य में 8.50 करोड़ से अधिक खर्च किए गए हैं। अब लगभग निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इंजीनियरिंग विभाग प्रशासन की अनुमति मिलते ही आम लोगों के लिए खोल देगा।
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रोज गार्डन आने और जाने और सेक्टर 17 की रोड को क्रास कर 16 की ओर जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए अंडरपास का निर्माण किया गया है। लगभग दो साल में यह अंडरपास बनकर तैयार हुआ है।
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अंडरपास में ग्रीनरी को मेनटेन रखने केलिए पौधे लगवाए जा रहे हैं, जिससे अंडरपास से आने जाने वाले लोगों को पर्यावरण के साथ पेड़ पौधों की जानकारी मिलती रहे। इस ग्र्रीनरी लगवाने में 30 हजार खर्च किए जा रहे हैं। इस संदर्भ में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एक अधिकारी का कहना है कि अंडरपास का काम लगभग फाइनल है। प्रशासन से अनुमति मिलते ही इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
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ऐसे शुरू हुआ निर्माण कार्य
अप्रैल 2017 में इसके बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इसे एक ही साल में पूरा करने की बात कही गई थी, लेकिन दो साल से अधिक का समय बीत चुका है। अभी तक तक अंडरपास शुरू नहीं हो पाया है। इस अंडरपास के निर्माण कार्य में 8.50 करोड़ से अधिक खर्च किए गए हैं। अब लगभग निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इंजीनियरिंग विभाग प्रशासन की अनुमति मिलते ही आम लोगों के लिए खोल देगा।