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चंडीगढ़वासियों के लिए बड़ी राहत, अब मिलेगी रिहायशी प्लाटों और मिनी प्लेक्स इमारतों में एफएआर में छूट
Thu, 27 Jun 2019 12:07 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Jun 2019 12:07 PM IST
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चंडीगढ़वासियों को फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) का लाभ जल्द मिलेगा। अब रिहायशी प्लाटों, शिक्षण संस्थानों की इमारतें, किराए के मकान, हॉस्टल, ढाबों, मिनी व मल्टीप्लेक्स, थोक कारोबार, वेयर हाउस, एकीकृत गोदामों और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्टों में व्यापारिक प्रयोग के लिए एफएआर का घेरा 0.20 फीसदी से एक फीसदी तक बढ़ा सकेंगे। इसके एवज में कलेक्टर रेट, मूल एफएआर और प्लॉट के आकार के हिसाब से अधिकतम 35 प्रतिशत तक चार्ज देना होगा। वहीं, उद्योगों को ग्राउंड कवरेज में 5 फीसदी तक की अतिरिक्त छूट मिल सकती है।
एडवाइजर मनोज कुमार परिदा ने शहरवासियों को एफएआर का अतिरिक्त लाभ देने के लिए नगर निगम के आयुक्त केके यादव की अगुवाई में एक समिति का गठन किया था। इस कमेटी ने विभिन्न पहलुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। समिति ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कुछ अन्य राज्यों में अतिरिक्त एफएआर के शुल्कों का अध्ययन किया। सूत्रों की मानें तो समिति ने पंजाब में लागू एफएआर में कुछ मामूली बदलाव कर चंडीगढ़ में लागू करने की सिफारिश की है। केके यादव का कहना है कि समिति ने प्रशासन को अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं। एडवाइजर के चंडीगढ़ आते ही अगले हफ्ते में एफआरए मामले में लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी।
ऐसे लग सकता है एफएआर का रेट
कमेटी ने अतिरिक्त एफएआर की दर बोली या फिर कलेक्टर रेट, मूल एफएआर और प्लॉट के आकार के हिसाब से 35 प्रतिशत तक लेने की सिफारिश की है। इसमें कहा गया है कि कलेक्टर रेट पर अतिरिक्त एफएआर तभी लग सकेगा, जब संबंधित संपत्ति की नीलामी पांच साल से अधिक समय से पहले की गई हो, तब कलेक्टर रेट का उपयोग मूल रेट के रूप में किया जाएगा।
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स्कूल और कॉलेजों में मिलेगा एफएआर
स्कूलों और कॉलेजों के मामले में 2017 की नीति के अनुसार अतिरिक्त एफएआर 0.25 फीसदी की अनुमति मिली है। अतिरिक्त एफएआर के लिए भुगतान किए जाने वाले शुल्क कलेक्टर रेट की दर के लगभग 17 फीसदी लिया जाएगा।
सोलर पैनल लगाना जरूरी
रिहायशी, शिक्षण संस्थान, सरकारी अस्पताल, औद्योगिक इमारतें और ग्रुप हाउसिंग कांप्लेक्स में बिजली पैदा करने के लिए छतों पर सोलर पैनल के प्रस्ताव को अनिवार्य कर दिया गया है। हर तरह की इमारत में कुल कवर्ड एरिया का 15 फीसदी स्टाफ या वर्करों के रहने के लिए रखने की इजाजत होगी।
करियाना उद्योग को मिलेगी अतिरिक्त छूट
करियाना उद्योग को ग्राउंड कवरेज में 5 फीसदी तक की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। औद्योगिक इमारत के लिए ग्राउंड कवरेज शामिल होंगी। इसके अलावा वृद्ध आश्रम के लिए 5 फीसदी अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) मुफ्त होगा।
स्टाफ के रहने के लिए मिल सकती है छूट
बड़े कैंपस, यूनिवर्सिटीज, आईआईटी, आईआईएम में कुल कवर्ड क्षेत्र का 30 फीसदी जरूरी स्टाफ के रहने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे एफएआर में छूट मिल सकती है। इन इमारती नियमों में नए राष्ट्रीय कोड को शामिल किया जाएगा।
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एडवाइजर मनोज कुमार परिदा ने शहरवासियों को एफएआर का अतिरिक्त लाभ देने के लिए नगर निगम के आयुक्त केके यादव की अगुवाई में एक समिति का गठन किया था। इस कमेटी ने विभिन्न पहलुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। समिति ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कुछ अन्य राज्यों में अतिरिक्त एफएआर के शुल्कों का अध्ययन किया। सूत्रों की मानें तो समिति ने पंजाब में लागू एफएआर में कुछ मामूली बदलाव कर चंडीगढ़ में लागू करने की सिफारिश की है। केके यादव का कहना है कि समिति ने प्रशासन को अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं। एडवाइजर के चंडीगढ़ आते ही अगले हफ्ते में एफआरए मामले में लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी।
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ऐसे लग सकता है एफएआर का रेट
कमेटी ने अतिरिक्त एफएआर की दर बोली या फिर कलेक्टर रेट, मूल एफएआर और प्लॉट के आकार के हिसाब से 35 प्रतिशत तक लेने की सिफारिश की है। इसमें कहा गया है कि कलेक्टर रेट पर अतिरिक्त एफएआर तभी लग सकेगा, जब संबंधित संपत्ति की नीलामी पांच साल से अधिक समय से पहले की गई हो, तब कलेक्टर रेट का उपयोग मूल रेट के रूप में किया जाएगा।
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स्कूल और कॉलेजों में मिलेगा एफएआर
स्कूलों और कॉलेजों के मामले में 2017 की नीति के अनुसार अतिरिक्त एफएआर 0.25 फीसदी की अनुमति मिली है। अतिरिक्त एफएआर के लिए भुगतान किए जाने वाले शुल्क कलेक्टर रेट की दर के लगभग 17 फीसदी लिया जाएगा।
सोलर पैनल लगाना जरूरी
रिहायशी, शिक्षण संस्थान, सरकारी अस्पताल, औद्योगिक इमारतें और ग्रुप हाउसिंग कांप्लेक्स में बिजली पैदा करने के लिए छतों पर सोलर पैनल के प्रस्ताव को अनिवार्य कर दिया गया है। हर तरह की इमारत में कुल कवर्ड एरिया का 15 फीसदी स्टाफ या वर्करों के रहने के लिए रखने की इजाजत होगी।
करियाना उद्योग को मिलेगी अतिरिक्त छूट
करियाना उद्योग को ग्राउंड कवरेज में 5 फीसदी तक की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। औद्योगिक इमारत के लिए ग्राउंड कवरेज शामिल होंगी। इसके अलावा वृद्ध आश्रम के लिए 5 फीसदी अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) मुफ्त होगा।
स्टाफ के रहने के लिए मिल सकती है छूट
बड़े कैंपस, यूनिवर्सिटीज, आईआईटी, आईआईएम में कुल कवर्ड क्षेत्र का 30 फीसदी जरूरी स्टाफ के रहने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे एफएआर में छूट मिल सकती है। इन इमारती नियमों में नए राष्ट्रीय कोड को शामिल किया जाएगा।