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अपनी लंबित मांगों को लेकर वोकेशनल टीचर्स ने दिया सेक्टर -5 ग्राउंड पर धरना
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पंचकूला। हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा लगाई गई कंपनियों के शोषण से तंग आकर हरियाणा के सरकारी स्कूलों में लगे 2600 वोकेशनल टीचर ने वीरवार को सेक्टर 5 स्थित धरना स्थल पर अनिश्चितकाल धरना शुरू कर दिया है। वीरवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका। इसके बाद ये शिक्षक धरने पर फिर से बैठ गए। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
वोकेशनल टीचर के स्टेट प्रधान मुकेश गुज्जर ने को बताया कि धरने का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में कार्यरत वोकेशनल टीचर के बारे में सरकार को जागृत करना है। शिक्षा विभाग द्वारा लगाई गई कंपनियां वोकेशनल टीचर का शोषण कर रही हैं। यह बात सरकार को कई बार बता चुके हैं। इस ओर शिक्षा मंत्री, जिला प्रशासन के आलाधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ये कंपनियां हमारे सभी वोकेशनल साथियों का मानसिक और आर्थिक शोषण करती आ रही हैं। उन्होंने बताया कि सभी वोकेशनल टीचर जी जान से बच्चों को पढ़ाते आ रहे हैं। वोकेशन का रिजल्ट 100 फीसदी आता है। 12वीं कक्षा के बाद बच्चों को नौकरी दिलवाने में भी बहुत सहयोग करते हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ाते हुए पांच साल हो गए हैं। कंपनी सैलरी बढ़ाना तो दूर जितनी मिलती है वह भी पूरी नहीं देती है।
उन्होंने बताया कि कहने को तो सैलरी 18 हजार है पर कभी भी 18 हजार नहीं मिले। कभी ईएसआई के नाम पे एक हजार रुपये काट लिए जाते हैं। शिक्षा विभाग के आलाधिकारियों को शिकायत दो तो वह भी इसकी जानकारी होने से इंकार कर देते हैं। हरियाणा सरकार से मांग करते हुए वोकेशनल टीचर्स ने कहा कि इन सभी कंपनी को बाहर का रास्ता दिखाया जाए। दूसरा सभी वोकेशनल टीचर को हरियाणा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाया जाए। सामान काम समान वेतन दिया जाए और हमारे भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार कोई योजना बनाए।
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वोकेशनल टीचर के स्टेट प्रधान मुकेश गुज्जर ने को बताया कि धरने का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में कार्यरत वोकेशनल टीचर के बारे में सरकार को जागृत करना है। शिक्षा विभाग द्वारा लगाई गई कंपनियां वोकेशनल टीचर का शोषण कर रही हैं। यह बात सरकार को कई बार बता चुके हैं। इस ओर शिक्षा मंत्री, जिला प्रशासन के आलाधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ये कंपनियां हमारे सभी वोकेशनल साथियों का मानसिक और आर्थिक शोषण करती आ रही हैं। उन्होंने बताया कि सभी वोकेशनल टीचर जी जान से बच्चों को पढ़ाते आ रहे हैं। वोकेशन का रिजल्ट 100 फीसदी आता है। 12वीं कक्षा के बाद बच्चों को नौकरी दिलवाने में भी बहुत सहयोग करते हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ाते हुए पांच साल हो गए हैं। कंपनी सैलरी बढ़ाना तो दूर जितनी मिलती है वह भी पूरी नहीं देती है।
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उन्होंने बताया कि कहने को तो सैलरी 18 हजार है पर कभी भी 18 हजार नहीं मिले। कभी ईएसआई के नाम पे एक हजार रुपये काट लिए जाते हैं। शिक्षा विभाग के आलाधिकारियों को शिकायत दो तो वह भी इसकी जानकारी होने से इंकार कर देते हैं। हरियाणा सरकार से मांग करते हुए वोकेशनल टीचर्स ने कहा कि इन सभी कंपनी को बाहर का रास्ता दिखाया जाए। दूसरा सभी वोकेशनल टीचर को हरियाणा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाया जाए। सामान काम समान वेतन दिया जाए और हमारे भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार कोई योजना बनाए।
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