फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   रॉयल कैनल क्लब की ओर से डॉग शो का अयोजन

रॉयल कैनल क्लब की ओर से डॉग शो का अयोजन

Mon, 11 Feb 2019 01:51 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Mon, 11 Feb 2019 01:51 AM IST
विज्ञापन
रॉयल कैनल क्लब की ओर से डॉग शो का अयोजन
रॉयल कैनल क्लब की ओर से डॉग शो का आयोजन
विज्ञापन

- शालीमार ग्राउंड में ट्राईसिटी के अलावा अन्य राज्यों से पहुंचे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। रॉयल कैनल क्लब की ओर से रविवार को शालीमार गार्डन में डॉग शो का आयोजन किया गया। इसमें कई देसी और विदेशी नस्लों के कुत्ते देखने को मिले। कई ऐसी नस्लों के कुत्ते भी आए जिनकी कीमत महंगी लग्जरी गाड़ी के आसपास थी। विभिन्न प्रकार, रंग-रूप, आकार और नस्लों के डॉग्स सेक्टर-5 शालीमार ग्राउंड में आयोजित डॉग शो में पहुंचे थे। रॉयल कैनल क्लब की ओर से आयोजित शो विभिन्न प्रजातियों के लगभग 300 कुत्तों को प्रदर्शित किया गया। अपनी मजबूत कद काठी के लिए प्रसिद्ध बर्नीस माउनटेन डॉग भी शो में पहुंचा। ये फार्म डॉग्स हैैं, जो असर चरवाहों के साथ नजर आते हैैं। इनकी हाइट 28 इंच तक बढ़ती है। यहां डॉग के पपी की कीमत ही 2 लाख रुपए से शुरू होती है। यह डॉग की दुर्लभ प्रजातियों में से एक है और इसे बहुत ही देखभाल की जरूरत होती है। एक माह में डॉग के रख-रखाव में उन्हें 25 हजार रुपये तक खर्चा आता है। डॉग शो में शिट्जू, अमेरिकन सैमोयड, पूडल, चाऊ-चाऊ, फ्रेंच बुलडॉग, पिटबुल, अकिता, अमेरिकन बुली, ग्रेट डेन आदि प्रजातियों के कुत्ते दिखे। रॉयल कैनल क्लब के प्रधान सन्नी सेखों ने बताया कि पंचकूला में पहली बार यह आयोजन कैनल क्लब ऑफ इंडिया के सहयोग से करवाया गया था। इस डॉग शो में इंटरनेशनल जज योगेश ने कुत्तों की ब्रीड को देखा। डॉग शो के दौरान एंटी रैबिज कैंप एवं रक्तदान शिविर भी लगाया गया। शो में रशिया की नस्ल, अलास्कन डॉग सभी का आकर्षण रहा। इस दौरान पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, दिल्ली, उत्तराखंड के डॉग्स की बेहतरीन नस्लें देखकर लोग हैरान रह गये।

पहला स्थान
तिब्ब्तन मास्टिफ रखना है मेरा शौक
अमृतसर से डॉग शो में भाग लेने आए तिब्बतन मास्टिफ डॉग के मालिक जयकरन मान ने बताया कि उन्हें अच्छी नस्ल के डॉग्स पालने का शौक बचपन से हैं। उनके पास इस नस्ल के छह कुत्ते हैं। वह हर डॉग शों में भाग लेने जाते हैं।
विज्ञापन


द्वितीय स्थान
वहीं चाऊ-चाऊ कुत्ते के मालिक अवनिंदर सांगा ने बताया कि वह संगरूर से आए हैं। इसकी खासियत यह है कि यह हर तरह के मौसम में रह लेता है। इसलिए यह कुत्ता वह चीन से लेकर आए हैं। इसके अलावा अन्य लोग भी कुत्ते लेकर आए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed