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फतेहाबाद की अदालत ने सुनाया फैसला
Updated Thu, 22 Nov 2018 10:16 PM IST
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गोली कांड : पूर्व नायब तहसीलदार को उम्र कैद
अक्तूबर 2010 के मामले में फतेहाबाद की अदालत ने सुनाया फैसला
दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
मानसा। फतेहाबाद (हरियाणा) की सेशन अदालत ने 2010 में हुए गोली कांड में किसान की मौत के मामले में तत्कालीन नायब तहसीलदार को उम्र कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के प्रांतीय कमेटी सदस्य कुलवंत सिंह किशनगढ़ और ब्लाक वित्त सचिव दर्शन सिंह गुरने कलां ने बताया कि फतेहाबाद की सेशन अदालत ने जमीन बचाओ लहर के शहीद प्रिथीपाल सिंह चक्क अलीशेर (मानसा) के कत्ल के दोषी बुढलाडा के तत्कालीन तहसीलदार सुभाष मित्तल को उम्रकैद की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माना सुनाकर जेल भेज दिया है। फतेहाबाद की सेशन अदालत इसी केस के 6 दोषियों को पहले ही फरवरी 2015 में उम्र कैद की सजा सुना चुकी है। किसान नेताओं ने बताया कि 11 अक्तूबर 2010 को मानसा का नायब तहसीलदार सुभाष मित्तल आढ़ती राम किशन का दो लाख रुपये का कर्ज न लौटाने के बदले बीरोके खुर्द के किसान भोला सिंह की सवा एकड़ (10 कनाल) जमीन नीलाम करवाने गया था। भाकियू उस नीलामी का विरोध कर रही थी। तहसीलदार की हाजिरी में आढ़ती राम किशन और उसकी हिमायत में आए कुछ लोगों ने किसानों पर गोलियां चला दी, जिससे प्रिथीपाल सिंह चक्क अलीशेर की मौत हो गई थी और तरसेम सिंह व लक्ष्मण सिंह गंभीर रूप में घायल हो गए थे। आढ़ती राम किशन, उसके भाई विजय कुमार पुत्र प्रवीन कुमार, भतीजे माघी राम और नायब तहसीलदार सुभाष मित्तल समेत सात व्यक्तियों पर कत्ल का मामला दर्ज किया गया था।
किसानों का कहना है कि नायब तहसीलदार सुभाष मित्तल के खिलाफ दर्ज केस को रफा दफा करवाने की कोशिशें की गई थीं। पंजाब रेवन्यू आफिसर एसोसिएशन के आह्वान पर मानसा, बठिंडा और फरीदकोट के सभी माल अधिकारियों ने तीन नवंबर 2010 से हड़ताल भी शुरू की। यह हड़ताल 10 नवंबर को हाईकोर्ट द्वारा सुभाष मित्तल की गिरफ्तारी पर रोक लगा देने के बाद वापस ली गई। पुलिस प्रशासन ने फिर जांच में सुभाष मित्तल को बेकसूर ठहरा दिया था लेकिन भाकियू द्वारा केस की पैरवी करने पर 2011 में अदालत ने सुभाष मित्तल को तलब करके पहली वाली धाराओं के तहत मामला जस का तस रखने के आदेश दिए। वीरवार को अदालत ने सुभाष मित्तल को उम्र कैद की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।
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अक्तूबर 2010 के मामले में फतेहाबाद की अदालत ने सुनाया फैसला
दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
मानसा। फतेहाबाद (हरियाणा) की सेशन अदालत ने 2010 में हुए गोली कांड में किसान की मौत के मामले में तत्कालीन नायब तहसीलदार को उम्र कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के प्रांतीय कमेटी सदस्य कुलवंत सिंह किशनगढ़ और ब्लाक वित्त सचिव दर्शन सिंह गुरने कलां ने बताया कि फतेहाबाद की सेशन अदालत ने जमीन बचाओ लहर के शहीद प्रिथीपाल सिंह चक्क अलीशेर (मानसा) के कत्ल के दोषी बुढलाडा के तत्कालीन तहसीलदार सुभाष मित्तल को उम्रकैद की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माना सुनाकर जेल भेज दिया है। फतेहाबाद की सेशन अदालत इसी केस के 6 दोषियों को पहले ही फरवरी 2015 में उम्र कैद की सजा सुना चुकी है। किसान नेताओं ने बताया कि 11 अक्तूबर 2010 को मानसा का नायब तहसीलदार सुभाष मित्तल आढ़ती राम किशन का दो लाख रुपये का कर्ज न लौटाने के बदले बीरोके खुर्द के किसान भोला सिंह की सवा एकड़ (10 कनाल) जमीन नीलाम करवाने गया था। भाकियू उस नीलामी का विरोध कर रही थी। तहसीलदार की हाजिरी में आढ़ती राम किशन और उसकी हिमायत में आए कुछ लोगों ने किसानों पर गोलियां चला दी, जिससे प्रिथीपाल सिंह चक्क अलीशेर की मौत हो गई थी और तरसेम सिंह व लक्ष्मण सिंह गंभीर रूप में घायल हो गए थे। आढ़ती राम किशन, उसके भाई विजय कुमार पुत्र प्रवीन कुमार, भतीजे माघी राम और नायब तहसीलदार सुभाष मित्तल समेत सात व्यक्तियों पर कत्ल का मामला दर्ज किया गया था।
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किसानों का कहना है कि नायब तहसीलदार सुभाष मित्तल के खिलाफ दर्ज केस को रफा दफा करवाने की कोशिशें की गई थीं। पंजाब रेवन्यू आफिसर एसोसिएशन के आह्वान पर मानसा, बठिंडा और फरीदकोट के सभी माल अधिकारियों ने तीन नवंबर 2010 से हड़ताल भी शुरू की। यह हड़ताल 10 नवंबर को हाईकोर्ट द्वारा सुभाष मित्तल की गिरफ्तारी पर रोक लगा देने के बाद वापस ली गई। पुलिस प्रशासन ने फिर जांच में सुभाष मित्तल को बेकसूर ठहरा दिया था लेकिन भाकियू द्वारा केस की पैरवी करने पर 2011 में अदालत ने सुभाष मित्तल को तलब करके पहली वाली धाराओं के तहत मामला जस का तस रखने के आदेश दिए। वीरवार को अदालत ने सुभाष मित्तल को उम्र कैद की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।
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