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जिला स्तरीय शतरंज स्कूल खेल - गर्मी में बेहाल खिलाड़ी पीने के पानी को तरसे
Updated Thu, 30 Aug 2018 10:44 PM IST
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जिला स्तरीय शतरंज स्कूल खेल, गर्मी में बेहाल खिलाड़ी पीने के पानी को तरसे
मोगा। भूपिंदरा खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चार दिवसीय पंजाब स्कूल शतरंज खेल अंडर -14, अंडर -17 ओर अंडर 19 साल (लड़के एवं लड़कियों) के जिला स्तरीय मुकाबले चल रहे हैं। गर्मी में बेहाल खिलाड़ियों के लिए पीने के पानी का प्रबंध न होने के कारण वह महंगे मूल्य की बोतलों का पानी पीकर प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। न छापने की शर्त पर यह खेल मुकाबले करवा रहे सरकारी अध्यापकों ने बताया कि इस में कोई शक नहीं कि खिलाड़ी छात्रों के लिए पानी का कोई पुखता प्रबंध नहीं हैं और न ही छा का कोई प्रबंध न होने के कारण विद्यार्थी दीवारों पर बैठने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने रोष जाहिर करते बताया कि उनको भी चाय पानी नसीब नहीं हुआ। वह घर से पानी लाए थे वह खत्म हो गया और चाय मिली ही नहीं। सहायक शिक्षा अफसर(खेल) इंद्रपाल सिंह ढिल्लों ने कहा कि विद्यार्थी के लिए रिफ्रेशमेंट का प्रबंध संबंधित स्कूलों की ओर से ही खेल फंड से करना है। उन्होंने कहा कि पानी ओर बैठने आदि का प्रबंध जिस स्कूल में खेल मुकाबले होते हैं उनकी ओर से किया जा रहा है। उन्होंने माना कि शतरंज खिलाड़ियों के लिए भूपिंदरा स्कूल में पानी का कोई विशेष प्रबंध नहीं बल्कि खेल मुकाबले स्थान के पास ही पानी की टंकी लगी हुई है।
फोटो कैप्शन - भूपिंदरा खालसा स्कूल में दीवार पर बैठे शतरंज खिलाड़ी
फोटो कैप्शन - भूपिंदरा खालसा स्कूल में शतरंज मुकाबले का दृश्य
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मोगा। भूपिंदरा खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चार दिवसीय पंजाब स्कूल शतरंज खेल अंडर -14, अंडर -17 ओर अंडर 19 साल (लड़के एवं लड़कियों) के जिला स्तरीय मुकाबले चल रहे हैं। गर्मी में बेहाल खिलाड़ियों के लिए पीने के पानी का प्रबंध न होने के कारण वह महंगे मूल्य की बोतलों का पानी पीकर प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। न छापने की शर्त पर यह खेल मुकाबले करवा रहे सरकारी अध्यापकों ने बताया कि इस में कोई शक नहीं कि खिलाड़ी छात्रों के लिए पानी का कोई पुखता प्रबंध नहीं हैं और न ही छा का कोई प्रबंध न होने के कारण विद्यार्थी दीवारों पर बैठने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने रोष जाहिर करते बताया कि उनको भी चाय पानी नसीब नहीं हुआ। वह घर से पानी लाए थे वह खत्म हो गया और चाय मिली ही नहीं। सहायक शिक्षा अफसर(खेल) इंद्रपाल सिंह ढिल्लों ने कहा कि विद्यार्थी के लिए रिफ्रेशमेंट का प्रबंध संबंधित स्कूलों की ओर से ही खेल फंड से करना है। उन्होंने कहा कि पानी ओर बैठने आदि का प्रबंध जिस स्कूल में खेल मुकाबले होते हैं उनकी ओर से किया जा रहा है। उन्होंने माना कि शतरंज खिलाड़ियों के लिए भूपिंदरा स्कूल में पानी का कोई विशेष प्रबंध नहीं बल्कि खेल मुकाबले स्थान के पास ही पानी की टंकी लगी हुई है।
फोटो कैप्शन - भूपिंदरा खालसा स्कूल में दीवार पर बैठे शतरंज खिलाड़ी
फोटो कैप्शन - भूपिंदरा खालसा स्कूल में शतरंज मुकाबले का दृश्य