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खैरा बोले
Updated Mon, 13 Aug 2018 10:20 PM IST
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केजरीवाल की दोगली नीति मंजूर नहीं: खैरा
पंजाब के पानी पर हरियाणा का बराबर हक जताते पर खैरा ने साधा निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। आप विधायक व पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैरा ने पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते खुलासा किया कि केजरीवाल पंजाब के पानी पर हरियाणा का बराबर हक जता रहे हैं, उनकी यह दोगली नीति हरगिज मंजूर नहीं है। एसवाईएल के पानी की लड़ाई पंजाबियों की है और इसे लड़ा जाएगा। इसमें दिल्ली हाईकमान के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। यहां जारी बयान में खैरा ने कहा कि अगर पंजाब के पानी के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पंजाब के उलट भी आ आता है तो भी मंजूर नहीं होगा। क्योंकि हरियाणा को देने के लिए पंजाब के पास पानी की एक भी बूंद नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक विधानसभा ने भी कर्नाटक के पानी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदल दिया था। दिल्ली ने हमेशा ही पंजाब के साथ भेदभाव किया है। पहले भाषा के आधार पर पंजाब को बांटकर छोटा कर दिया, अब पानी भी छीनने की कोशिश हो रही है। खैरा ने कहा कि उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है जो विभिन्न हलकों में जाकर विधानसभा चुनावों में हुई आम आदमी पार्टी की हार के कारणों की तलाश करेगी। जांच में सामने आने वाले कारणों के समाधान कि लिए कमेटी की सलाह पर हल किया जाएगा।
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पंजाब के पानी पर हरियाणा का बराबर हक जताते पर खैरा ने साधा निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। आप विधायक व पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैरा ने पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते खुलासा किया कि केजरीवाल पंजाब के पानी पर हरियाणा का बराबर हक जता रहे हैं, उनकी यह दोगली नीति हरगिज मंजूर नहीं है। एसवाईएल के पानी की लड़ाई पंजाबियों की है और इसे लड़ा जाएगा। इसमें दिल्ली हाईकमान के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। यहां जारी बयान में खैरा ने कहा कि अगर पंजाब के पानी के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पंजाब के उलट भी आ आता है तो भी मंजूर नहीं होगा। क्योंकि हरियाणा को देने के लिए पंजाब के पास पानी की एक भी बूंद नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक विधानसभा ने भी कर्नाटक के पानी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदल दिया था। दिल्ली ने हमेशा ही पंजाब के साथ भेदभाव किया है। पहले भाषा के आधार पर पंजाब को बांटकर छोटा कर दिया, अब पानी भी छीनने की कोशिश हो रही है। खैरा ने कहा कि उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है जो विभिन्न हलकों में जाकर विधानसभा चुनावों में हुई आम आदमी पार्टी की हार के कारणों की तलाश करेगी। जांच में सामने आने वाले कारणों के समाधान कि लिए कमेटी की सलाह पर हल किया जाएगा।