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महिला कमिश्न की चेयरपर्सन ने केंद्रीय जेल का दौरा किया
Updated Fri, 25 May 2018 10:04 PM IST
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महिला कैदियों की समस्याएं सुनी
महिला आयोग की चेयरपर्सन ने केंद्रीय जेल का दौरा किया
समस्याओं के हल के लिए जेल अधिकारियों को दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
होशियारपुर। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। जब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह से जागरूक हो जाएंगी तो समाज में दहेज, बलात्कार औरघरेलू झगड़ों जैसी सामाजिक बुराइयां अपने आप दूर हो जाएंगी। पंजाब राज्य महिला आयोग की चेरयपर्सन मनीशा गुलाटी ने केंद्रीय जेल होशियारपुर में महिला कैदियों से मुलाकात दौरान यह बात कही।
उन्होंने केंद्रीय जेल का दौरा करके महिला कैदियों की समस्याएं सुनीं औरजेल अधिकारियों को समस्याओं के हल के लिए निर्देश दिए। उन्होंने बताया आयोग को अप्रैल में, दहेज, बलात्कार, जायदात, घरेलू झगड़े, सेक्सुअल हैरासमेंट संबंधी कुल 140 शिकायतें मिली थीं। इनमें से 134 केसों का निपटारा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सब से अधिक मामले एनआरआई लड़कों की ओर से प्रताड़ित महिलाओं के आते है, जो पंजाब की लड़कियों से शादी तो कर लेते है मगर उनको बीच में ही छोड़ देते है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को हल करने के लिए केंद्र सरकार विदेशी दूतावासों से संपर्क करके बढ़िया ढंग से हल कर सकती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जेल के भीतर महिला कैदियों की सेहत सहूलियत के लिए महिला डाक्टर की तैनाती करने को यकीनी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जो महिला कैदी पढ़ना भी चाहती है। इस लिए उनकी आगे की पढ़ाई करवाने के लिए विशेष प्रबंध किए जाए। इस मौके पर आयोग के काउंसलर व सलाहकार लव शर्मा, एसडीएम होशियारपुर जतिंदर जोरवाल, एसपी हरदीप सिंह मंडेर, डीएसपी सुखविंदर सिंह, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल हरभजन सिंह, एडवोकेट शिवांकर गुलाटी मौजूद थे।
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महिला आयोग की चेयरपर्सन ने केंद्रीय जेल का दौरा किया
समस्याओं के हल के लिए जेल अधिकारियों को दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
होशियारपुर। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। जब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह से जागरूक हो जाएंगी तो समाज में दहेज, बलात्कार औरघरेलू झगड़ों जैसी सामाजिक बुराइयां अपने आप दूर हो जाएंगी। पंजाब राज्य महिला आयोग की चेरयपर्सन मनीशा गुलाटी ने केंद्रीय जेल होशियारपुर में महिला कैदियों से मुलाकात दौरान यह बात कही।
उन्होंने केंद्रीय जेल का दौरा करके महिला कैदियों की समस्याएं सुनीं औरजेल अधिकारियों को समस्याओं के हल के लिए निर्देश दिए। उन्होंने बताया आयोग को अप्रैल में, दहेज, बलात्कार, जायदात, घरेलू झगड़े, सेक्सुअल हैरासमेंट संबंधी कुल 140 शिकायतें मिली थीं। इनमें से 134 केसों का निपटारा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सब से अधिक मामले एनआरआई लड़कों की ओर से प्रताड़ित महिलाओं के आते है, जो पंजाब की लड़कियों से शादी तो कर लेते है मगर उनको बीच में ही छोड़ देते है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को हल करने के लिए केंद्र सरकार विदेशी दूतावासों से संपर्क करके बढ़िया ढंग से हल कर सकती है।
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जेल के भीतर महिला कैदियों की सेहत सहूलियत के लिए महिला डाक्टर की तैनाती करने को यकीनी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जो महिला कैदी पढ़ना भी चाहती है। इस लिए उनकी आगे की पढ़ाई करवाने के लिए विशेष प्रबंध किए जाए। इस मौके पर आयोग के काउंसलर व सलाहकार लव शर्मा, एसडीएम होशियारपुर जतिंदर जोरवाल, एसपी हरदीप सिंह मंडेर, डीएसपी सुखविंदर सिंह, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल हरभजन सिंह, एडवोकेट शिवांकर गुलाटी मौजूद थे।
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