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बंदी से पहले नहरों में छोड़ा जा रहा दूषित पानी, भंडारण योग्य नहीं
Updated Wed, 04 Apr 2018 10:28 PM IST
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बंदी से पहले नहरों में छोड़ा जा रहा दूषित पानी
पीने से लोगों में कई तरह की बीमारियां होने की संभावना
जलदाय विभाग ने डिग्गियां न भरी तो गहरा सकता है पेयजल संकट
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
7 अप्रैल से शुरू हो रही नहर बंदी से ठीक पहले बीते कुछ दिनों से नहरों में दूषित काला और बदबूदार पानी छोड़ा जा रहा है। इसे पीने से लोगों में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जलदाय विभाग को मौखिक निर्देश दिए हैं कि इस पानी का भंडारण डिग्गियों में न किया जाए। वहीं दो दिनों के बाद शुरू हो रही नहर बंदी से पहले अगर डिग्गियों में पानी पूरा नहीं किया गया तो अगले कुछ दिनों बाद ही पेयजल का भारी संकट पैदा हो सकता है।
नहरी विभाग की ओर से सफाई व नहरों की मुरम्मत के लिए 7 अप्रैल से अगले आदेशों तक नहर बंदी शुरू की जा रही है। इससे पहले शहर व गांवों के जलदायों की डिग्गियों में पानी की मात्रा पूरी करनी जरूरी होती है। नहर बंदी शुरू होने से पहले बीते कई दिनों से नहरों में काला, बदबूदार और दूषित पान छोड़ा जा रहा है, जो वाटर वर्कर्स में स्टोर करने योग्य नहीं है। अगर यह पानी स्टोर कर लोगों को सप्लाई किया जाता है, तो लोगों में कई प्रकार की बीमारियां पैदा हो सकती हैं। लोगों ने नहरी विभाग से मांग की है कि नहरों में आ रहे गंदे पानी को रोक कर साफ सुथरा पानी छोड़ा जाए।
नाम न छापने की शर्त पर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भाखड़ा डैम से फिरोजपुर हरिके पत्तन हैड तक आने वाला पानी में कई शहरों से होकर गुजरता है। इससे उसमें उद्योगों से निकला हुआ दूषित पानी बड़ी तादात में शामिल हो रहा है, जो हरिके हेड से राजस्थान और सरहिंद फीडर में बंट जाता है। अधिकारी ने बताया वर्तमान में करीब 19 हजार क्यूसिक पानी ले जाने वाली राजस्थान फीडर बंद पड़ी है। इससे सरहिंद फीडर में गंदे पानी की तादात अधिक बढ़ गई है। अधिकारी ने बताया कि इस बारे में सिंचाई विभाग एवं प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने भी सरकार को कई बार चेतावनी दी कि सतलुज दरिया में फैक्ट्रियों का दूषित पानी न छोड़ा जाए, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही। इससे इन दिनों नहरों में केमिकल युक्त गंदा पानी आ रहा है। जो इंसानों के अलावा फसलों के लिए भी नुकसानदेह है। अधिकारी ने बताया कि शहर व गांवों के वाटर सप्लाई एवं सैनिटेशन अधिकारियों को दूषित पानी वाटर वर्कर्स की डिग्गियों में भंडारण न करने के मौखिक निर्देश भी दिए जा चुके हैं।
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इस समाचार की फोटो एबीआर 2 भेजी जा रही है।
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पीने से लोगों में कई तरह की बीमारियां होने की संभावना
जलदाय विभाग ने डिग्गियां न भरी तो गहरा सकता है पेयजल संकट
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
7 अप्रैल से शुरू हो रही नहर बंदी से ठीक पहले बीते कुछ दिनों से नहरों में दूषित काला और बदबूदार पानी छोड़ा जा रहा है। इसे पीने से लोगों में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जलदाय विभाग को मौखिक निर्देश दिए हैं कि इस पानी का भंडारण डिग्गियों में न किया जाए। वहीं दो दिनों के बाद शुरू हो रही नहर बंदी से पहले अगर डिग्गियों में पानी पूरा नहीं किया गया तो अगले कुछ दिनों बाद ही पेयजल का भारी संकट पैदा हो सकता है।
नहरी विभाग की ओर से सफाई व नहरों की मुरम्मत के लिए 7 अप्रैल से अगले आदेशों तक नहर बंदी शुरू की जा रही है। इससे पहले शहर व गांवों के जलदायों की डिग्गियों में पानी की मात्रा पूरी करनी जरूरी होती है। नहर बंदी शुरू होने से पहले बीते कई दिनों से नहरों में काला, बदबूदार और दूषित पान छोड़ा जा रहा है, जो वाटर वर्कर्स में स्टोर करने योग्य नहीं है। अगर यह पानी स्टोर कर लोगों को सप्लाई किया जाता है, तो लोगों में कई प्रकार की बीमारियां पैदा हो सकती हैं। लोगों ने नहरी विभाग से मांग की है कि नहरों में आ रहे गंदे पानी को रोक कर साफ सुथरा पानी छोड़ा जाए।
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नाम न छापने की शर्त पर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भाखड़ा डैम से फिरोजपुर हरिके पत्तन हैड तक आने वाला पानी में कई शहरों से होकर गुजरता है। इससे उसमें उद्योगों से निकला हुआ दूषित पानी बड़ी तादात में शामिल हो रहा है, जो हरिके हेड से राजस्थान और सरहिंद फीडर में बंट जाता है। अधिकारी ने बताया वर्तमान में करीब 19 हजार क्यूसिक पानी ले जाने वाली राजस्थान फीडर बंद पड़ी है। इससे सरहिंद फीडर में गंदे पानी की तादात अधिक बढ़ गई है। अधिकारी ने बताया कि इस बारे में सिंचाई विभाग एवं प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने भी सरकार को कई बार चेतावनी दी कि सतलुज दरिया में फैक्ट्रियों का दूषित पानी न छोड़ा जाए, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही। इससे इन दिनों नहरों में केमिकल युक्त गंदा पानी आ रहा है। जो इंसानों के अलावा फसलों के लिए भी नुकसानदेह है। अधिकारी ने बताया कि शहर व गांवों के वाटर सप्लाई एवं सैनिटेशन अधिकारियों को दूषित पानी वाटर वर्कर्स की डिग्गियों में भंडारण न करने के मौखिक निर्देश भी दिए जा चुके हैं।
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