{"_id":"5ac3a93b4f1c1bf1618b52fe","slug":"15227722888-bernala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेवा केंद्र के कर्मी हडताल पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेवा केंद्र के कर्मी हडताल पर
Updated Tue, 03 Apr 2018 09:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेवा केंद्र के मुलाजिम बेमियादी हड़ताल पर
पांच माह से वेतन न मिलने पर भड़के कर्मचारियों ने किया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
जिला के समूह सेवा केंद्रों के मुलाजिम पिछले पांच महीने से वेतन न मिलने के कारण मंगलवार को अनिश्चितकाल हड़ताल पर चले गए।मनाने के लिए पहुंचे कंपनी बीएलएस के अधिकारियों की कर्मचारियों कर्मचारियों की तकरार हो गई। एसोसिएशन ने वेतन मिलने के बाद ही काम पर लौटने का एलान किया।
सेवा केंद्र एसोसिएशन के प्रधान वरजेश कुमार, कुलविंदर सिंह ने बताया कि मुलाजिमों के पिछले पांच महीनों से कंपनी वेतन नही दे रही। इससे उनका गुजारा मुश्किल हो गया है। उनके घरों के चूल्हे ठंडे होने लगे हैं। वेतन नहीं मिलने से वह बच्चों का स्कूल में दाखिला नहीं करा पा रहे । उन्होंने कहा कि मजबूरन उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि जिला में 51 सेवा केंद्र खोले गए थे। इनमें से 42 सेवा केंद्र बंद कर दिए गए हैं, जिनमें से बिल न भरने के कारण 22 सेवा केंद्रों का बिजली का कनेक्शन कट चुका है। यूनियन नेताओं खुलासा किया कि सरकार की शर्त है कि अगर सेवा केंद्र बंद होने को कंपनी को प्रति केंद्र एक दिन का लाख रुपया हर्जाना देना पडता है।
उन्होंने बताया कि कंपनी को एक सुविधा सेंटर से एक साल की साढे़ तीन करोड़ की आमदनी है, जो सीधी कंपनी के खाते जाती है। बाकी सरकार को जाने वाली इनकम अलग है, इतनी इनकम के बावजूद भी सुविधा सेंटर बंद किए जा रहे हैं और वेतन भी नहीं दिया जा रहा। इस संबंध में बीएसएल कंपनी के सूबा कोआर्डिनेटर वरिंदर कुमार ने कहा कि सरकार रुपया नही भेज रही। इसके चलते कंपनी मुलाजिमों वेतन नहीं दे पा रही है। उन्होंने कहा कि इसी कारण राज्य में 2147 सेवा केंद्रों में से सिर्फ 510 सेवा केंद्र ही कार्यरत है। जिला बरनाला में 51 सेवा केंद्रों से 09 सेवा केंद्र ही चालू रखे गए हैं। बाकी बंद कर दिए गए हैं। सरकार से रुपया आने के बाद ही वह मुलाजिमों को वेतन दे पाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पांच माह से वेतन न मिलने पर भड़के कर्मचारियों ने किया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
जिला के समूह सेवा केंद्रों के मुलाजिम पिछले पांच महीने से वेतन न मिलने के कारण मंगलवार को अनिश्चितकाल हड़ताल पर चले गए।मनाने के लिए पहुंचे कंपनी बीएलएस के अधिकारियों की कर्मचारियों कर्मचारियों की तकरार हो गई। एसोसिएशन ने वेतन मिलने के बाद ही काम पर लौटने का एलान किया।
सेवा केंद्र एसोसिएशन के प्रधान वरजेश कुमार, कुलविंदर सिंह ने बताया कि मुलाजिमों के पिछले पांच महीनों से कंपनी वेतन नही दे रही। इससे उनका गुजारा मुश्किल हो गया है। उनके घरों के चूल्हे ठंडे होने लगे हैं। वेतन नहीं मिलने से वह बच्चों का स्कूल में दाखिला नहीं करा पा रहे । उन्होंने कहा कि मजबूरन उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि जिला में 51 सेवा केंद्र खोले गए थे। इनमें से 42 सेवा केंद्र बंद कर दिए गए हैं, जिनमें से बिल न भरने के कारण 22 सेवा केंद्रों का बिजली का कनेक्शन कट चुका है। यूनियन नेताओं खुलासा किया कि सरकार की शर्त है कि अगर सेवा केंद्र बंद होने को कंपनी को प्रति केंद्र एक दिन का लाख रुपया हर्जाना देना पडता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कंपनी को एक सुविधा सेंटर से एक साल की साढे़ तीन करोड़ की आमदनी है, जो सीधी कंपनी के खाते जाती है। बाकी सरकार को जाने वाली इनकम अलग है, इतनी इनकम के बावजूद भी सुविधा सेंटर बंद किए जा रहे हैं और वेतन भी नहीं दिया जा रहा। इस संबंध में बीएसएल कंपनी के सूबा कोआर्डिनेटर वरिंदर कुमार ने कहा कि सरकार रुपया नही भेज रही। इसके चलते कंपनी मुलाजिमों वेतन नहीं दे पा रही है। उन्होंने कहा कि इसी कारण राज्य में 2147 सेवा केंद्रों में से सिर्फ 510 सेवा केंद्र ही कार्यरत है। जिला बरनाला में 51 सेवा केंद्रों से 09 सेवा केंद्र ही चालू रखे गए हैं। बाकी बंद कर दिए गए हैं। सरकार से रुपया आने के बाद ही वह मुलाजिमों को वेतन दे पाएंगे।
विज्ञापन