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जिस तरफ देखो अवैध पार्किंग, क्या ऐसे बनेगी स्मार्ट सिटी
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जहां देखो अवैध पार्किंग, क्या ऐसे बनेगा स्मार्ट सिटी: हाईकोर्ट
सबहेड
कोर्ट ने यूटी प्रशासन को लगाई फटकार, मई तक पार्किंग पॉलिसी कोर्ट में सौंपने के आदेश
प्वाइंटर
याची ने कहा- वाहनों की संख्या बढ़ती रही तो सिटी ब्यूटीफुल नाम के अर्थ को ही खो देंगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर में लगातार बढ़ती पार्किंग की समस्या और अवैध पार्किंग को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस तरफ देखें अवैध पार्किंग दिखाई देती है, क्या ऐसे शहर को स्मार्ट सिटी बनाएंगे। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को मई तक की मोहलत देते हुए पार्किंग पॉलिसी बनाकर हाईकोर्ट में सौंपने के आदेश दिए हैं।
इस संबंध में याचिका दाखिल कर सेक्टर-35 निवासी अनीष गोयल ने कहा कि जैसे-जैसे शहर में लोगों की संख्या और जीवन शैली में बदलाव हो रहा है यहां प्रति घर कारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में प्रति घर कार की संख्या औसतन चार है, जो शहर में पार्किंग की समस्या को पैदा करने के लिए काफी है। याची ने कहा कि चंडीगढ़ देश के सबसे व्यवस्थित और ग्रीनरी के मामले में सबसे बैलेंस शहरों की श्रेणी में गिना जाता है। अवैध पार्किंग के चलते शहर की ग्रीन बेल्ट सिमट कर केवल 50 प्रतिशत रह गई है। यह ग्रीन एरिया लगातार कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वाहनों की बढ़ती संख्या और अवैध पार्किंग से शहर के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। यदि इसी रफ्तार से वाहनों की संख्या बढ़ती रही तो शहर सिटी ब्यूटीफुल अपने नाम के अर्थ को ही खो देगी। हालात से वाकिफ होते हुए भी अधिकारी इस दिशा में आंखें मूंदे बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि शहर में 2001 में पेड पार्किंग आरंभ की गई थी। पार्किंग के दाम हर बार बढ़ाए गए लेकिन सुविधाओं के नाम पर टूटी-फूटी जगह, बंद पड़ी लाईटें और गंदगी के ढेर वाली पार्किंग लोगों को दी जा रही है। याची ने कहा कि ग्रीन एरिया में अभी तक ग्रीन बेल्ट में पार्किंग करने वालों पर कार्रवाई कौन करे यह जिम्मेदारी तय नहीं है। ऐसे में यह जिम्मेदारी तक की जानी चाहिए कि ग्रीन बेल्ट पर पार्किंग न हो। हाईकोर्ट ने इस पर यूटी प्रशसन को फटकार लगाते हुए कहा कि वे जहां भी जाते हैं देखते हैं कि अवैध तरीके से वाहन खड़े हुए हैं। कोर्ट ने कहा कि स्थिति से निपटना जरूरी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर प्रशासन को हाईकोर्ट में पार्किंग पॉलिसी सौंपने के आदेश दिए है।
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कोर्ट ने यूटी प्रशासन को लगाई फटकार, मई तक पार्किंग पॉलिसी कोर्ट में सौंपने के आदेश
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याची ने कहा- वाहनों की संख्या बढ़ती रही तो सिटी ब्यूटीफुल नाम के अर्थ को ही खो देंगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर में लगातार बढ़ती पार्किंग की समस्या और अवैध पार्किंग को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस तरफ देखें अवैध पार्किंग दिखाई देती है, क्या ऐसे शहर को स्मार्ट सिटी बनाएंगे। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को मई तक की मोहलत देते हुए पार्किंग पॉलिसी बनाकर हाईकोर्ट में सौंपने के आदेश दिए हैं।
इस संबंध में याचिका दाखिल कर सेक्टर-35 निवासी अनीष गोयल ने कहा कि जैसे-जैसे शहर में लोगों की संख्या और जीवन शैली में बदलाव हो रहा है यहां प्रति घर कारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में प्रति घर कार की संख्या औसतन चार है, जो शहर में पार्किंग की समस्या को पैदा करने के लिए काफी है। याची ने कहा कि चंडीगढ़ देश के सबसे व्यवस्थित और ग्रीनरी के मामले में सबसे बैलेंस शहरों की श्रेणी में गिना जाता है। अवैध पार्किंग के चलते शहर की ग्रीन बेल्ट सिमट कर केवल 50 प्रतिशत रह गई है। यह ग्रीन एरिया लगातार कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वाहनों की बढ़ती संख्या और अवैध पार्किंग से शहर के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। यदि इसी रफ्तार से वाहनों की संख्या बढ़ती रही तो शहर सिटी ब्यूटीफुल अपने नाम के अर्थ को ही खो देगी। हालात से वाकिफ होते हुए भी अधिकारी इस दिशा में आंखें मूंदे बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि शहर में 2001 में पेड पार्किंग आरंभ की गई थी। पार्किंग के दाम हर बार बढ़ाए गए लेकिन सुविधाओं के नाम पर टूटी-फूटी जगह, बंद पड़ी लाईटें और गंदगी के ढेर वाली पार्किंग लोगों को दी जा रही है। याची ने कहा कि ग्रीन एरिया में अभी तक ग्रीन बेल्ट में पार्किंग करने वालों पर कार्रवाई कौन करे यह जिम्मेदारी तय नहीं है। ऐसे में यह जिम्मेदारी तक की जानी चाहिए कि ग्रीन बेल्ट पर पार्किंग न हो। हाईकोर्ट ने इस पर यूटी प्रशसन को फटकार लगाते हुए कहा कि वे जहां भी जाते हैं देखते हैं कि अवैध तरीके से वाहन खड़े हुए हैं। कोर्ट ने कहा कि स्थिति से निपटना जरूरी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर प्रशासन को हाईकोर्ट में पार्किंग पॉलिसी सौंपने के आदेश दिए है।
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