{"_id":"596a71af4f1c1b854e8b45f4","slug":"151500148143-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विदेश में बसे पीयू के पेंशनर्स को नहीं मिलेगा डीए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विदेश में बसे पीयू के पेंशनर्स को नहीं मिलेगा डीए
Updated Sun, 16 Jul 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश में बसे पीयू के पेंशनरों को नहीं मिलेगा डीए, मेडिकल भत्ता
- सिंडिकेट में चर्चा के लिए रखा गया मामला
- पंजाब वित्त विभाग के सर्कुलर को मिल सकती है मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी के रिटायर कर्मचारी, अधिकारी या प्रोफेसर जो विदेश में बसे हैं, उन्हें अब पेंशन के साथ डीए और मेडिकल भत्ता नहीं मिलेगा। ऐसे पेंशनरों को सिर्फ मूल पेंशन ही मिलेगी। पंजाब वित्त विभाग का सर्कुलर पीयू में लागू करवाने के लिए इसे एजेंडे में शामिल किया गया है। इस पर 23 जुलाई को होने वाली सिंडिकेट मीटिंग में चर्चा की जाएगी। क्योंकि यूटी प्रशासन ने भी इस पॉलिसी को लागू करने का निर्णय लिया है।
दरअसल, पंजाब में साल 2016 में पेंशन स्कीम में बदलाव किए गए थे। पंजाब ने सभी विभागों से रिटायर कर्मचारी, जो किसी अन्य देश के नागरिक हो गए हैं, उन्हें सिर्फ पेंशन देने का प्रावधान लागू किया था। जबकि डीए और मेडिकल भत्ता बंद कर दिया था। ऐसा ही सर्कुलर पंजाब यूनिवर्सिटी पर भी लागू होना है। इस बार सिंडिकेट की मीटिंग में इसे प्रस्तावित किया गया है। पंजाब सरकार ने इस नियम को लागू करने का मकसद वित्तीय बोझ को कम करना बताया था। अब पीयू इस पॉलिसी को लागू करना चाहती है। साथ उन पेंशनर्स की भी सूची तैयार करनी है, जो विदेश में बस चुके हैं।
सिनेट की खाली सीट भरने के लिए उपचुनाव
पंजाब के एक कॉलेज के प्रिंसिपल का ट्रांसफर अन्य यूनिवर्सिटी में हो जाने से सिनेट का एक पद खाली हो गया था। इस पद के लिए उपचुनाव कराने का प्रस्ताव भी सिंडिकेट के एजेंडे में रखा गया है। साथ कुछ पार्ट टाइम प्रोफेसर को एक्सटेंड करने सहित दर्जन भर प्रपोजल चर्चा के लिए एजेंडे में शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
- सिंडिकेट में चर्चा के लिए रखा गया मामला
- पंजाब वित्त विभाग के सर्कुलर को मिल सकती है मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी के रिटायर कर्मचारी, अधिकारी या प्रोफेसर जो विदेश में बसे हैं, उन्हें अब पेंशन के साथ डीए और मेडिकल भत्ता नहीं मिलेगा। ऐसे पेंशनरों को सिर्फ मूल पेंशन ही मिलेगी। पंजाब वित्त विभाग का सर्कुलर पीयू में लागू करवाने के लिए इसे एजेंडे में शामिल किया गया है। इस पर 23 जुलाई को होने वाली सिंडिकेट मीटिंग में चर्चा की जाएगी। क्योंकि यूटी प्रशासन ने भी इस पॉलिसी को लागू करने का निर्णय लिया है।
दरअसल, पंजाब में साल 2016 में पेंशन स्कीम में बदलाव किए गए थे। पंजाब ने सभी विभागों से रिटायर कर्मचारी, जो किसी अन्य देश के नागरिक हो गए हैं, उन्हें सिर्फ पेंशन देने का प्रावधान लागू किया था। जबकि डीए और मेडिकल भत्ता बंद कर दिया था। ऐसा ही सर्कुलर पंजाब यूनिवर्सिटी पर भी लागू होना है। इस बार सिंडिकेट की मीटिंग में इसे प्रस्तावित किया गया है। पंजाब सरकार ने इस नियम को लागू करने का मकसद वित्तीय बोझ को कम करना बताया था। अब पीयू इस पॉलिसी को लागू करना चाहती है। साथ उन पेंशनर्स की भी सूची तैयार करनी है, जो विदेश में बस चुके हैं।
विज्ञापन
सिनेट की खाली सीट भरने के लिए उपचुनाव
पंजाब के एक कॉलेज के प्रिंसिपल का ट्रांसफर अन्य यूनिवर्सिटी में हो जाने से सिनेट का एक पद खाली हो गया था। इस पद के लिए उपचुनाव कराने का प्रस्ताव भी सिंडिकेट के एजेंडे में रखा गया है। साथ कुछ पार्ट टाइम प्रोफेसर को एक्सटेंड करने सहित दर्जन भर प्रपोजल चर्चा के लिए एजेंडे में शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन