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एस्टेट आफिस की टीम सर्वे करनी पहुंची, उद्योग पतियों का धरना
Updated Tue, 06 Mar 2018 01:52 AM IST
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एस्टेट आफिस की टीम पहुंची सर्वे करने, उद्योगपतियों का धरना
चंडीगढ़। एस्टेट आफिस की टीम सोमवार को इंडस्ट्रियल एरिया में मिसयूज और वॉयलेशन को लेकर डोर-टू-डोर सर्वे करनी पहुंची। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज उद्योगपतियों ने एस्टेट आफिस के खिलाफ धरना दिया। उद्योगपतियों ने प्रशासन की दोहरी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
चैंबर आफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज के प्रधान नवीन मंगलानी ने बताया कि एस्टेट आफिस उद्योगपतियों को मिसयूज और वॉयलेशन के नाम पर लाखों रुपये की पेनल्टी लगाकर परेशान कर रहा है। मिसयूज और वॉयलेशन को लेकर लगाई जा रही पेनल्टी के संदर्भ में प्रशासनिक स्तर पर मामला विचाराधीन है। इसके बावजूद एस्टेट आफिस 500 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति माह जुर्माना वसूल रहा है जो गलत है। नवीन ने बताया कि इस संदर्भ में सांसद किरण खेर से बात की गई है। उनसे मिसयूज और वॉयलेशन को लेकर उद्योगपतियों से वसूल की जा रही लाखों रुपये के पेनल्टी पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
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चंडीगढ़। एस्टेट आफिस की टीम सोमवार को इंडस्ट्रियल एरिया में मिसयूज और वॉयलेशन को लेकर डोर-टू-डोर सर्वे करनी पहुंची। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज उद्योगपतियों ने एस्टेट आफिस के खिलाफ धरना दिया। उद्योगपतियों ने प्रशासन की दोहरी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
चैंबर आफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज के प्रधान नवीन मंगलानी ने बताया कि एस्टेट आफिस उद्योगपतियों को मिसयूज और वॉयलेशन के नाम पर लाखों रुपये की पेनल्टी लगाकर परेशान कर रहा है। मिसयूज और वॉयलेशन को लेकर लगाई जा रही पेनल्टी के संदर्भ में प्रशासनिक स्तर पर मामला विचाराधीन है। इसके बावजूद एस्टेट आफिस 500 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति माह जुर्माना वसूल रहा है जो गलत है। नवीन ने बताया कि इस संदर्भ में सांसद किरण खेर से बात की गई है। उनसे मिसयूज और वॉयलेशन को लेकर उद्योगपतियों से वसूल की जा रही लाखों रुपये के पेनल्टी पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
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