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एसआईटभ् को ना ेटिस
Updated Tue, 27 Mar 2018 01:51 AM IST
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एचसीएस पेपर लीक : पूर्व जज की याचिका पर एसआईटी को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
एचसीएस पेपर लीक मामले में आरोपी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार बलविंदर कुमार शर्मा की ओर से उनके वकील ने तीन सरकारी गवाहों के बयानों की कॉपी देने के लिए याचिका दायर की है। अदालत ने मामले की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी।
बचाव पक्ष की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि एसआईटी की ओर से बनाए गए सरकारी गवाह अरुण त्यागी, सुनील ठाकुर और गुरबक्श सिंह की सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दर्ज बयान की कॉपी उन्हें दी जाए। इसके अलावा उनका कहना है कि जांच टीम ने मामले में चालान दायर कर दिया है, लेकिन अभियोजन पक्ष ने उन्हें अब तक गवाहों के बयान की कॉपी मुहैया नहीं करवाई है। गवाहों में रजिस्ट्रार विजिलेंस अरुण त्यागी, जस्टिस एके मित्तल के निजी सचिव गुरबक्श सिंह और सुपरिंटेंडेंट रिक्रूटमेंट सेल सुनील ठाकुर शामिल हैं।
इसके अलावा उन्होंने उनके घर से कब्जे में लिए दस्तावेज जिन्हें चालान का हिस्सा नहीं बनाया है, उन्हें लौटाने की भी अपील की है। अदालत ने याचिका पर जांच एजेंसी को 10 अप्रैल के लिए नोटिस किया है।
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यह है मामला
पंचकूला के पिंजौर की निवासी सुमन ने एडवोकेट मंजीत सिंह के जरिये याचिका दायर कर कहा था कि हरियाणा ने एचसीएस ज्यूडिशियल के 109 पदों के लिए आवेदन मांगे थे, जिसके लिए याची ने भी आवेदन किया था। परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया। इस दौरान उसकी दोस्ती एक लड़की सुशीला से हो गई, जिसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी, जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी। जब याची ने सुशीला से पूछा तो सुशीला ने वो ऑडियो क्लिप डिलीट कर दी। जब जोर देकर पूछा गया तो पेपर लीक होने की बात पता चली। याची ने कहा, उसे विश्वास नहीं हुआ कि इस स्तर की परीक्षा का पेपर लीक हो सकता है। सुशीला ने याचिकाकर्ता को छह सवाल भी बताए, जो परीक्षा में आने थे। जब परीक्षा हुई तो याचिकाकर्ता को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि जो सवाल उसे बताए गए थे, वह परीक्षा में आए थे। याचिकाकर्ता ने अपने पति को इसकी जानकारी दी और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस और हाईकोर्ट को एडमिनिस्ट्रेटिव साइट पर दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
एचसीएस पेपर लीक मामले में आरोपी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार बलविंदर कुमार शर्मा की ओर से उनके वकील ने तीन सरकारी गवाहों के बयानों की कॉपी देने के लिए याचिका दायर की है। अदालत ने मामले की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी।
बचाव पक्ष की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि एसआईटी की ओर से बनाए गए सरकारी गवाह अरुण त्यागी, सुनील ठाकुर और गुरबक्श सिंह की सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दर्ज बयान की कॉपी उन्हें दी जाए। इसके अलावा उनका कहना है कि जांच टीम ने मामले में चालान दायर कर दिया है, लेकिन अभियोजन पक्ष ने उन्हें अब तक गवाहों के बयान की कॉपी मुहैया नहीं करवाई है। गवाहों में रजिस्ट्रार विजिलेंस अरुण त्यागी, जस्टिस एके मित्तल के निजी सचिव गुरबक्श सिंह और सुपरिंटेंडेंट रिक्रूटमेंट सेल सुनील ठाकुर शामिल हैं।
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इसके अलावा उन्होंने उनके घर से कब्जे में लिए दस्तावेज जिन्हें चालान का हिस्सा नहीं बनाया है, उन्हें लौटाने की भी अपील की है। अदालत ने याचिका पर जांच एजेंसी को 10 अप्रैल के लिए नोटिस किया है।
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यह है मामला
पंचकूला के पिंजौर की निवासी सुमन ने एडवोकेट मंजीत सिंह के जरिये याचिका दायर कर कहा था कि हरियाणा ने एचसीएस ज्यूडिशियल के 109 पदों के लिए आवेदन मांगे थे, जिसके लिए याची ने भी आवेदन किया था। परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया। इस दौरान उसकी दोस्ती एक लड़की सुशीला से हो गई, जिसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी, जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी। जब याची ने सुशीला से पूछा तो सुशीला ने वो ऑडियो क्लिप डिलीट कर दी। जब जोर देकर पूछा गया तो पेपर लीक होने की बात पता चली। याची ने कहा, उसे विश्वास नहीं हुआ कि इस स्तर की परीक्षा का पेपर लीक हो सकता है। सुशीला ने याचिकाकर्ता को छह सवाल भी बताए, जो परीक्षा में आने थे। जब परीक्षा हुई तो याचिकाकर्ता को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि जो सवाल उसे बताए गए थे, वह परीक्षा में आए थे। याचिकाकर्ता ने अपने पति को इसकी जानकारी दी और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस और हाईकोर्ट को एडमिनिस्ट्रेटिव साइट पर दी।