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800 एसएसए शिक्षकों को नहीं मिली सेलरी
Updated Thu, 15 Jun 2017 01:20 AM IST
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शिक्षकाें के अप्रैल माह के वेतन में 10 फीसदी की कटौती
- 800 एसएसए शिक्षकाें को दो माह से नहीं मिला वेतन
- एमएचआरडी की ओर से ग्रांट न मिलने से बनी स्थिति
योगेंद्र त्रिपाठी
चंडीगढ़।
शहर के शिक्षा विभाग की ओर से 800 एसएसए शिक्षकों के जहां अप्रैल माह के वेतन में 10 फीसदी कटौती कर दी गई। वहीं दो महीने की तनख्वाह भी अभी तक शिक्षा विभाग नहीं दे पाया है। शिक्षा विभाग इसके लिए एमएचआरडी की ओर से ग्रांट न मिलने को कारण बता रहा है।
इस वर्ष एमएचआरडी की ओर से बजट नहीं दिया गया है। हर महीने एसएसए शिक्षकों की सैलरी का प्रस्तावित बजट चार करोड़ रुपये है, लेकिन 60 लाख की कमी होने के कारण 3.40 करोड़ का ही बजट था। इससे अप्रैल माह में 10 फीसदी की कटौती की गई है और इसी कारण मई और जून महीने की सैलरी नहीं दी गई।
पहले भी रही है दिक्कत :
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत 800 शिक्षकों की भर्ती वर्ष 2001 में की गई थी। एक बार पहले भी एसएसए शिक्षकों की सैलरी देने के लिए पहले भी बजट नहीं होने के कारण शिक्षा विभाग वेतन नहीं दे पाया था। इसके लिए शिक्षा विभाग ने हाउसिंग बोर्ड से 13 करोड़ रुपये का लोन भी लिया था। सर्व शिक्षा अभियान टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अरविंद राना ने बताया कि एमएचआरडी की ओर से ग्रांट न मिलने के कारण इस तरह के हालात बने हुए हैं। जून में ग्रांट आने की संभावना है। अगर यह ग्रांट पहले जारी कर दी जाए तो शिक्षकों को इस तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
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कोट ---
सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकाें को अप्रैल माह की सैलरी दे दी गई है। एमएचआरडी की ओर से जून के अंत तक ग्रांट आने पर शेष सैलरी भी दे दी जाएगी। - रुबिंदर जीत सिंह बराड़, डीएसई, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग।
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- 800 एसएसए शिक्षकाें को दो माह से नहीं मिला वेतन
- एमएचआरडी की ओर से ग्रांट न मिलने से बनी स्थिति
योगेंद्र त्रिपाठी
चंडीगढ़।
शहर के शिक्षा विभाग की ओर से 800 एसएसए शिक्षकों के जहां अप्रैल माह के वेतन में 10 फीसदी कटौती कर दी गई। वहीं दो महीने की तनख्वाह भी अभी तक शिक्षा विभाग नहीं दे पाया है। शिक्षा विभाग इसके लिए एमएचआरडी की ओर से ग्रांट न मिलने को कारण बता रहा है।
इस वर्ष एमएचआरडी की ओर से बजट नहीं दिया गया है। हर महीने एसएसए शिक्षकों की सैलरी का प्रस्तावित बजट चार करोड़ रुपये है, लेकिन 60 लाख की कमी होने के कारण 3.40 करोड़ का ही बजट था। इससे अप्रैल माह में 10 फीसदी की कटौती की गई है और इसी कारण मई और जून महीने की सैलरी नहीं दी गई।
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पहले भी रही है दिक्कत :
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत 800 शिक्षकों की भर्ती वर्ष 2001 में की गई थी। एक बार पहले भी एसएसए शिक्षकों की सैलरी देने के लिए पहले भी बजट नहीं होने के कारण शिक्षा विभाग वेतन नहीं दे पाया था। इसके लिए शिक्षा विभाग ने हाउसिंग बोर्ड से 13 करोड़ रुपये का लोन भी लिया था। सर्व शिक्षा अभियान टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अरविंद राना ने बताया कि एमएचआरडी की ओर से ग्रांट न मिलने के कारण इस तरह के हालात बने हुए हैं। जून में ग्रांट आने की संभावना है। अगर यह ग्रांट पहले जारी कर दी जाए तो शिक्षकों को इस तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
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कोट ---
सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकाें को अप्रैल माह की सैलरी दे दी गई है। एमएचआरडी की ओर से जून के अंत तक ग्रांट आने पर शेष सैलरी भी दे दी जाएगी। - रुबिंदर जीत सिंह बराड़, डीएसई, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग।