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गैंगरेप के दोनों आरोपी बरी
Updated Wed, 19 Jul 2017 09:59 PM IST
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भाभी से गैंगरेप के आरोपी दोनों भाई बरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
भाभी से गैंगरेप के मामले में जिला अदालत ने आरोपी मनीमाजरा निवासी दोनों भाइयों मोहम्मद फरमान (20) और मोहम्मद इरफान (19) को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दोनों के खिलाफ आईजी के आदेश पर मनीमाजरा पुलिस ने सामूहिक दुराचार की धाराओं में केस दर्ज किया था।
27 अगस्त 2016 को दर्ज मामले के अनुसार पीड़िता का कहना था कि वह लोगों के घरों में काम कर अपना परिवार चलाती है। उसका पति ड्राइवर है और शराब पीने का आदी है। वह ज्यादातर वक्त घर से बाहर ही रहता है। उसके ससुर की दूसरी शादी से चार बच्चे हैं। इनमें दो बेटे मोहम्मद इरफान और फरमान हैं। सितंबर 2015 में ससुर के देहांत के बाद एक रात को दोनों देवर अचानक उसके घर आए और खाना खिलाने को कहा।
इस दौरान उन्होंने उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाई और उसके बाद वह बेहोश हो गई। सुबह जब वह उठी तो वह निर्वस्त्र थी। इसके बाद उसे पता चला कि उससे दुराचार हुआ है। उसने इसकी शिकायत सौतेली सास से की। लेकिन, आरोप के अनुसार उसने उल्टा उसे ही धमका दिया। साथ ही उसे घर खाली छोड़ने को लेकर धमकाया। साथ ही इस बारे में लोगों को बताकर उसे बदनाम करने की धमकी दी। इससे पीड़िता डर गई और खामोश हो गई। लेकिन, इसके बाद से दोनों देवर पति की गैरमौजूदगी में उसके घर आते और उससे उन्होंने कई बार दुराचार किया। एक दिन पीड़िता ने दोनों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी, लेकिन उन्होंने इस पर केस दर्ज नहीं किया। इसके बाद पीड़िता ने तत्कालीन आईजी से इसकी शिकायत की। इसके बाद उनके आदेश पर मनीमाजरा थाना पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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आईजी के आदेश पर मनीमाजरा पुलिस ने दर्ज किया था मामला
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
भाभी से गैंगरेप के मामले में जिला अदालत ने आरोपी मनीमाजरा निवासी दोनों भाइयों मोहम्मद फरमान (20) और मोहम्मद इरफान (19) को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दोनों के खिलाफ आईजी के आदेश पर मनीमाजरा पुलिस ने सामूहिक दुराचार की धाराओं में केस दर्ज किया था।
27 अगस्त 2016 को दर्ज मामले के अनुसार पीड़िता का कहना था कि वह लोगों के घरों में काम कर अपना परिवार चलाती है। उसका पति ड्राइवर है और शराब पीने का आदी है। वह ज्यादातर वक्त घर से बाहर ही रहता है। उसके ससुर की दूसरी शादी से चार बच्चे हैं। इनमें दो बेटे मोहम्मद इरफान और फरमान हैं। सितंबर 2015 में ससुर के देहांत के बाद एक रात को दोनों देवर अचानक उसके घर आए और खाना खिलाने को कहा।
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इस दौरान उन्होंने उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाई और उसके बाद वह बेहोश हो गई। सुबह जब वह उठी तो वह निर्वस्त्र थी। इसके बाद उसे पता चला कि उससे दुराचार हुआ है। उसने इसकी शिकायत सौतेली सास से की। लेकिन, आरोप के अनुसार उसने उल्टा उसे ही धमका दिया। साथ ही उसे घर खाली छोड़ने को लेकर धमकाया। साथ ही इस बारे में लोगों को बताकर उसे बदनाम करने की धमकी दी। इससे पीड़िता डर गई और खामोश हो गई। लेकिन, इसके बाद से दोनों देवर पति की गैरमौजूदगी में उसके घर आते और उससे उन्होंने कई बार दुराचार किया। एक दिन पीड़िता ने दोनों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी, लेकिन उन्होंने इस पर केस दर्ज नहीं किया। इसके बाद पीड़िता ने तत्कालीन आईजी से इसकी शिकायत की। इसके बाद उनके आदेश पर मनीमाजरा थाना पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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आईजी के आदेश पर मनीमाजरा पुलिस ने दर्ज किया था मामला