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पंचकूला: सकेतड़ी में 12 खुला मंदिर, उमड़ पड़े श्रद्धालु
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संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। महाशिवरात्रि पर भोले बाबा के भक्तों में भारी उत्साह है। सकेतड़ी (महादेवपुर) में स्थित प्राचीन मंदिर में रात 12 बजे से और बाकी सभी मंदिरों में सुबह चार बजे से जलाभिषेक शुरू होगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों को सजाया जा चुका है। लगभग सभी बड़े मंदिरों के साथ एतिहासिक कथाएं जुड़ी हुई हैं।
सकेतड़ी प्राचीन महादेव मंदिर
सकेतड़ी के पास महादेवपुर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर हजारों साल पुराना बताया जा रहा है। कहा जाता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहां पर समय बिताया था और भगवान शिव की आराधना की थी। उसके बाद लोगों को करीब 70 साल पहले यहां खुदाई के दौरान शिवलिंग मिला। वहीं पर मंदिर की स्थापना कर दी गई। हर साल शिवरात्रि और महाशिवरात्रि पर लाखों लोग यहां बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंचते ह। यहां रात 12 बजे से जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।
सेक्टर-9 प्राचीन शिव मंदिर
कहा जाता है कि पांडवों ने कुछ समय सेक्टर-9 में बने प्राचीन शिवमंदिर की जगह पर भी बिताया था। जिस वट वृक्ष के नीचे पांडव समय बिताते थे वो आज भी मंदिर में है। खेत की जुताई करते समय एक किसान का हल शिवलिंग से टकरा गया था, जिससे उसमें से रक्त निकलना शुरू हो गया था। उसके बाद बड़े-बड़े पंडित यहां पहुंचे थे और मंदिर बनाने का फैसला लिया था। जिस परिवार की यह जगह थी, उसने मंदिर बनाने के लिए इसको दान कर दिया।
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सेक्टर-17 गौरी शंकर मंदिर
सेक्टर-17 में स्थित गौरी शंकर मंदिर का इतिहास भी 35 साल पुराना है। पंडित पंकज मिश्रा ने बताया कि मंदिर का निर्माण इस तरीके से किया गया है कि बीच में खड़े होने पर भक्त सभी देवताओं के भी मध्य में आ जाते हैं। मंदिर में एक ही विशाल गुंबद का निर्माण किया गया है। मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुल जाएंगे और श्रद्धालु भोले बाबा का जलाभिषेक कर सकेंगे।
सेक्टर-19 शिव मंदिर
सेक्टर-19 के शिव मंदिर का निर्माण स्वयंभू शिवलिंग पर किया गया था। खुदाई के दौरान यहां शिवलिंग मिला था। उसके बाद यहां मंदिर निर्माण का फैसला लिया गया। मंदिर कमेटी के महासचिव कृष्ण गोयल ने बताया कि शुरुआत में एक कमरे से मंदिर की शुरुआत की थी, जो आज भव्य रूप ले चुका है। इस मंदिर के साथ हजारों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। सुबह चार बजे से मंदिर में शिव जलाभिषेक शुरू होगा।
सेक्टर-5 शिव मंदिर
शहर के सेक्टर-5 में करीब 30 साल पहले शिव मंदिर का निर्माण किया गया था। पंडित गिरीश ने बताया कि इस मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। महाशिवरात्रि पर यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि सुबह 5 बजे से यहां भोले नाथ की पूजा शुरू की जाएगी।
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सकेतड़ी प्राचीन महादेव मंदिर
सकेतड़ी के पास महादेवपुर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर हजारों साल पुराना बताया जा रहा है। कहा जाता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहां पर समय बिताया था और भगवान शिव की आराधना की थी। उसके बाद लोगों को करीब 70 साल पहले यहां खुदाई के दौरान शिवलिंग मिला। वहीं पर मंदिर की स्थापना कर दी गई। हर साल शिवरात्रि और महाशिवरात्रि पर लाखों लोग यहां बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंचते ह। यहां रात 12 बजे से जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।
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सेक्टर-9 प्राचीन शिव मंदिर
कहा जाता है कि पांडवों ने कुछ समय सेक्टर-9 में बने प्राचीन शिवमंदिर की जगह पर भी बिताया था। जिस वट वृक्ष के नीचे पांडव समय बिताते थे वो आज भी मंदिर में है। खेत की जुताई करते समय एक किसान का हल शिवलिंग से टकरा गया था, जिससे उसमें से रक्त निकलना शुरू हो गया था। उसके बाद बड़े-बड़े पंडित यहां पहुंचे थे और मंदिर बनाने का फैसला लिया था। जिस परिवार की यह जगह थी, उसने मंदिर बनाने के लिए इसको दान कर दिया।
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सेक्टर-17 गौरी शंकर मंदिर
सेक्टर-17 में स्थित गौरी शंकर मंदिर का इतिहास भी 35 साल पुराना है। पंडित पंकज मिश्रा ने बताया कि मंदिर का निर्माण इस तरीके से किया गया है कि बीच में खड़े होने पर भक्त सभी देवताओं के भी मध्य में आ जाते हैं। मंदिर में एक ही विशाल गुंबद का निर्माण किया गया है। मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुल जाएंगे और श्रद्धालु भोले बाबा का जलाभिषेक कर सकेंगे।
सेक्टर-19 शिव मंदिर
सेक्टर-19 के शिव मंदिर का निर्माण स्वयंभू शिवलिंग पर किया गया था। खुदाई के दौरान यहां शिवलिंग मिला था। उसके बाद यहां मंदिर निर्माण का फैसला लिया गया। मंदिर कमेटी के महासचिव कृष्ण गोयल ने बताया कि शुरुआत में एक कमरे से मंदिर की शुरुआत की थी, जो आज भव्य रूप ले चुका है। इस मंदिर के साथ हजारों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। सुबह चार बजे से मंदिर में शिव जलाभिषेक शुरू होगा।
सेक्टर-5 शिव मंदिर
शहर के सेक्टर-5 में करीब 30 साल पहले शिव मंदिर का निर्माण किया गया था। पंडित गिरीश ने बताया कि इस मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। महाशिवरात्रि पर यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि सुबह 5 बजे से यहां भोले नाथ की पूजा शुरू की जाएगी।