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स्कूलों में लड़कियां नहीं सेफ, उम्र के साथ बढ़ रहा ड्रॉपआउट- सुप्रीत धीमान

Sun, 24 Mar 2019 12:52 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Sun, 24 Mar 2019 12:52 AM IST
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स्कूलों में लड़कियां नहीं सेफ, उम्र के साथ बढ़ रहा ड्रॉपआउट- सुप्रीत धीमान
(फोटो सहित)
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फ्लैग : पीयू में टेडएक्स-टॉक कार्यक्रम में एंड इंसेस्ट ट्रस्ट की रिसर्च एंड प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुप्रीत धीमान बोलीं-

आज लड़कियों की पढ़ाई छूटने के पीछे असुरक्षा सबसे बड़ी वजह

26/11 के ऑपरेशन ब्लैक टॉरनैडो के फोर्स कमांडर ब्रिगेडियर रांगी ने भी साझा किए अनुभव
फूड पॉलिसी एनालिस्ट रिसर्चर और लेखक देवेंद्र शर्मा ने भारतीय किसानों की दुर्दशा में रखी अपनी बात

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। साल दर साल करोड़ों रुपये का बजट बढ़ने के बावजूद देश के कई ग्रामीण इलाकों में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ी है। छात्राओं के मामले में उम्र बढ़ने के साथ उनका ड्रॉप आउट प्रतिशत भी बढ़ता जा रहा है। ड्रॉपआउट हमारे समाज की एक ऐसी समस्या है जो हमारी शिक्षा व्यवस्था को तो घुन की तरह खा ही रही है और देश के भविष्य को भी खतरे में डाल रही है। यह कहना है एंड इंसेस्ट ट्रस्ट की रिसर्च एंड प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुप्रीत धीमान का। वह शनिवार को पीयू के पीएल आनंद ऑडिटोरियम में टेडएक्स-टॉक में लोगों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा ड्रॉपआउट बिहार और झारखंड में है। झारखंड में ड्रॉपआउट का प्रतिशत लगातार बढ़ा है। नीति आयोग के अनुसार साल 2010-11 तक ड्रॉपआउट 15 प्रतिशत भी नहीं था, वहीं यह 2017 में यह 36.64 प्रतिशत हो गया, जो चौंकाने वाली स्थिति है। इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें लड़कियों की सुरक्षा अहम कारण है। इसके अलावा गरीबी, स्कूल का दूर होना, शौचालय की समस्या आदि है। इस टॉक में सिपला के प्रेसिडेंट प्रबीर झा, एक्शन सेंटर फॉर ट्रांसफॉर्मेशन की फाउंडर डायरेक्टर नीलांजना दास, कोका कोला इंडिया के टेक्निकल वाइस प्रेसिडेंट सुनील गुलाटी, वीगन फैशन डिजाइनर और एंटरप्रिन्योर राव श्रुति राठौर, फोर्ब्स 30 की सूची में शामिल मंनीत गोहिल, ओमिदयर नेटवर्क के वाइस प्रेसिडेंट सौरभ निगम, डॉ. कुलविंदर सिंह भी शामिल रहे।

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भारत में हर घंटे 2 किसान कर रहे आत्महत्या
फूड पॉलिसी एनालिस्ट रिसर्चर और लेखक देवेंद्र शर्मा ने कहा कि भारत में किसानों के आत्महत्या के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। किसानों के आत्महत्या से जुड़े सरकार कोई डाटा नहीं एकत्रित करती क्योंकि इससे उन पर सवाल उठने लगेंगे। उन्होंने कहा कि फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया में दिन में 4 और वहीं, भारत में हर घंटे 2 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। इनमें से पंजाब के किसान ज्यादा हैं। शर्मा ने कहा कि पंजाब का एक किसान अपने पांच साल के बेटे को कमर से बांधकर नहर में कूद गया। यह बताने को काफी है कि देश के किसान किस कदर पीड़ित हैं। एक सर्वे के अनुसार भारत के किसानों की औसत सालाना आय 20 हजार रुपए है, यानी करीब 17 सौ रुपये महीना। ऐसे में किसान कैसे जीवन गुजार सकता है।
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26/11 हमले में कई चुनौतियों से हुआ सामना
26/11 के ऑपरेशन ब्लैक टॉरनैडो के फोर्स कमांडर ब्रिगेडियर रांगी ने कहा कि आतंकियों ने स्ट्रैटेजी के तहत मुबंई को चुना। वह जानते थे कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी व मीडिया हब है। हमले के वक्त एनएसजी के जवानों के पास कई तरह की चुनौतियां थीं। पूरे विश्व की नजरें एनएसजी पर थीं। वीआईपी की कॉल आ रही थी कि उनके रिश्तेदारों को पहले निकाला जाए। एनएसजी इन सभी समस्याओं से जूझते हुए ऑपरेशन को अंजाम दिया। हमले के बाद देश में काफी बदलाव आए। मीडिया कवरेज पॉलिसी में बदलाव किया गया। हमले के वक्त लोगों का क्या रिएक्शन होना चाहिए इसको लेकर बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। देश में एनएसजी के अन्य शहरों में हब बनाए गए।
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