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सरकारी संपति को किसी हाथों में न दे प्रशासन: बंसल
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सरकारी संपत्तियों को निजी एजेंसियों के हाथ में न दे प्रशासन : बंसल
चंडीगढ़। पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा है कि सरकारी स्कूलों के भवनों और डिस्पेंसरियों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर चलाने के लिए निजी एजेंसियों को सौंपने पर इसका गंभीर परिणाम होगा।
बंसल ने पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को एक पत्र लिख कर कहा है कि पीपीपी का मकसद सार्वजनिक संपत्तियों को निजी संपत्ति बनाना नहीं होता है। स्कूल और डिस्पेंसरी चलाने के लिए प्राइवेट एजेंसियों को लाने में जो भी नियम और शर्तें हों, लेकिन निजी पार्टियाें को जब भी कार्यभार दिया जाता रहा है उसमें हमेशा दुरुपयोग करने की प्रवित्ति रहेगी।
बंसल ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा राज्य की दो सबसे प्राथमिक जिम्मेदारियां हैं और इससे भागना नहीं चाहिए। आज जरूरत स्वास्थ्य और शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सभी खाली पदों को नियमित आधार पर भरने की है। शिक्षकों का उपयोग छात्रों के शिक्षा से संबंधित होना चाहिए न की किसी गैर शैक्षिक कार्यों के लिए।
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चंडीगढ़। पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा है कि सरकारी स्कूलों के भवनों और डिस्पेंसरियों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर चलाने के लिए निजी एजेंसियों को सौंपने पर इसका गंभीर परिणाम होगा।
बंसल ने पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को एक पत्र लिख कर कहा है कि पीपीपी का मकसद सार्वजनिक संपत्तियों को निजी संपत्ति बनाना नहीं होता है। स्कूल और डिस्पेंसरी चलाने के लिए प्राइवेट एजेंसियों को लाने में जो भी नियम और शर्तें हों, लेकिन निजी पार्टियाें को जब भी कार्यभार दिया जाता रहा है उसमें हमेशा दुरुपयोग करने की प्रवित्ति रहेगी।
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बंसल ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा राज्य की दो सबसे प्राथमिक जिम्मेदारियां हैं और इससे भागना नहीं चाहिए। आज जरूरत स्वास्थ्य और शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सभी खाली पदों को नियमित आधार पर भरने की है। शिक्षकों का उपयोग छात्रों के शिक्षा से संबंधित होना चाहिए न की किसी गैर शैक्षिक कार्यों के लिए।
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