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स्मार्ट सिटी में अब होगा स्मार्ट ट्रैफिक
Updated Mon, 09 Jul 2018 01:52 AM IST
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अब ट्रैफिक जाम में नहीं फंसेंगे शहरवासी
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प्रशासन का स्मार्ट ट्रैफिक प्लान दिलाएगा जाम से निजात
- शहर का मध्य मार्ग और इससे कनेक्टिंग सड़कों पर मिलेगी ट्रैफिक की जानकारी
- जाम के झाम से दिसंबर तक शहरवासियों को मिल जाएगा छुटकारा
- करीब 17 करोड़ की लागत से विकसित होगा इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम
अनुभव अवस्थी
चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल की यातायात व्यवस्था को स्मार्ट बनाने के लिए प्रशासन तेजी से काम कर रहा है। शहर के मध्य मार्ग के सभी चौक और उससे कनेक्टिंग सड़कों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। इससे आपको ट्रैफिक जाम की स्थिति और वैकल्पिक रूट की जानकारी मिल सकेगी। इस पूरे सिस्टम पर करीब 17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शहरवासियों के लिए स्मार्ट ट्रैफिक किसी सपने से कम नहीं है, लेकिन इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) के तहत यह सपना जल्द ही साकार होने वाला है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दिसंबर के अंत तक आईटीएस चालू होने की उम्मीद है।
शहर के विभिन्न वीआईपी मार्गों पर आईटीएस के मुताबिक सिग्नल और अन्य उपकरण लगाए गए हैं। यहां के ट्रैफिक सिस्टम को और अधिक स्मार्ट बनाने के साथ ही शहर के प्रमुख मार्गों और चौक को इससे जोड़ा जाएगा। इस सिस्टम की ऑपरेटिंग और मॉनीटरिंग के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर (टीएमसी) बनाया जाएगा। आने वाले समय में यह अपना आकार ले लेगा। ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए चौक पर क्षमता के अनुसार एलईडी स्क्रीन लगवाई जाएगी। सिग्नल के सहारे यह स्क्र्रीन ट्रैफिक जाम की स्थिति बताने के साथ ही वैकल्पिक रूट की जानकारी भी देगी।
हर साल 1.52 लाख लोग करते हैं बसों में यात्रा
शहर के लोग अपने टूव्हीलर और फोर व्हीलर छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अपना सकें, इसलिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इस सिस्टम को संचालित करने का जिम्मा फ्रांस की एक कंपनी को सौंपा गया है। यूटी में हर साल करीब 1.52 लाख लोग बसों में यात्रा करते हैं। इसे देखते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए न सिर्फ नई बसें खरीदी जा रही हैं बल्कि लग्जरी कोच भी चलाने की व्यवस्था की जा रही है। यातायात सिस्टम ठीक करने के लिए करीब 17 करोड़ की लागत से यह सिस्टम तैयार होगा। पूरे सिस्टम को चलाने के लिए टेंडर कर दिया गया है। जुलाई के अंत तक टेंडर फाइनल होने की बात कही जा रही है। इसके बाद शहर में आईटीएस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इसमें लगभग चार महीने का समय लगेगा, जिसके बाद सिस्टम शुरू हो जाएगा।
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ऑटोमैटिक काम करेगा सिस्टम
पूरा सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करेगा। यह खुद चौराहों और सड़कों पर लगे कैमरों की मदद से जाम जैसी समस्या देखेगा। उसे देखकर वहां वाहनों का और दबाव न पड़े और जाम जल्दी खत्म हो, इसके लिए आसपास के चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल को कंट्रोल करते हुए उस ओर जाने वाले वाहनों को ज्यादा समय तक रोके भी रखेगा। वहीं, ट्रैफिक क्लीयर होने पर वाहनों को जल्द ग्रीन सिग्नल देकर निकलने में भी मदद करेगा।
पीटीसी की भी होगी मॉनीटरिंग
शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम (पीटीसी) के 10 हजार वाहनों में सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन जीपीएस और पैनिक बटन लगाने जा रहा है, जिससे ऐसे वाहनों पर नजर रखी जा सके और यात्री असुरक्षित महसूस करने पर पैनिक बटन दबाकर सहायता ले सके। पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग भी टीएमसी से ही की जा सकेगी। भविष्य में एडवांस सिग्नल व कैमरों को जोड़कर यातायात और बेहतर किया जा सकेगा।
कोट-
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) के लिए टेंडर कर दिया गया है। कंपनियों में मामूली विवाद के चलते काम रुका हुआ है। जल्द ही टेंडर का मामला फाइनल कर लिया लाएगा।
-अमित तलवार, डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट विभाग
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प्रशासन का स्मार्ट ट्रैफिक प्लान दिलाएगा जाम से निजात
- शहर का मध्य मार्ग और इससे कनेक्टिंग सड़कों पर मिलेगी ट्रैफिक की जानकारी
- जाम के झाम से दिसंबर तक शहरवासियों को मिल जाएगा छुटकारा
- करीब 17 करोड़ की लागत से विकसित होगा इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम
अनुभव अवस्थी
चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल की यातायात व्यवस्था को स्मार्ट बनाने के लिए प्रशासन तेजी से काम कर रहा है। शहर के मध्य मार्ग के सभी चौक और उससे कनेक्टिंग सड़कों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। इससे आपको ट्रैफिक जाम की स्थिति और वैकल्पिक रूट की जानकारी मिल सकेगी। इस पूरे सिस्टम पर करीब 17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शहरवासियों के लिए स्मार्ट ट्रैफिक किसी सपने से कम नहीं है, लेकिन इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) के तहत यह सपना जल्द ही साकार होने वाला है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दिसंबर के अंत तक आईटीएस चालू होने की उम्मीद है।
शहर के विभिन्न वीआईपी मार्गों पर आईटीएस के मुताबिक सिग्नल और अन्य उपकरण लगाए गए हैं। यहां के ट्रैफिक सिस्टम को और अधिक स्मार्ट बनाने के साथ ही शहर के प्रमुख मार्गों और चौक को इससे जोड़ा जाएगा। इस सिस्टम की ऑपरेटिंग और मॉनीटरिंग के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर (टीएमसी) बनाया जाएगा। आने वाले समय में यह अपना आकार ले लेगा। ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए चौक पर क्षमता के अनुसार एलईडी स्क्रीन लगवाई जाएगी। सिग्नल के सहारे यह स्क्र्रीन ट्रैफिक जाम की स्थिति बताने के साथ ही वैकल्पिक रूट की जानकारी भी देगी।
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हर साल 1.52 लाख लोग करते हैं बसों में यात्रा
शहर के लोग अपने टूव्हीलर और फोर व्हीलर छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अपना सकें, इसलिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इस सिस्टम को संचालित करने का जिम्मा फ्रांस की एक कंपनी को सौंपा गया है। यूटी में हर साल करीब 1.52 लाख लोग बसों में यात्रा करते हैं। इसे देखते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए न सिर्फ नई बसें खरीदी जा रही हैं बल्कि लग्जरी कोच भी चलाने की व्यवस्था की जा रही है। यातायात सिस्टम ठीक करने के लिए करीब 17 करोड़ की लागत से यह सिस्टम तैयार होगा। पूरे सिस्टम को चलाने के लिए टेंडर कर दिया गया है। जुलाई के अंत तक टेंडर फाइनल होने की बात कही जा रही है। इसके बाद शहर में आईटीएस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इसमें लगभग चार महीने का समय लगेगा, जिसके बाद सिस्टम शुरू हो जाएगा।
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ऑटोमैटिक काम करेगा सिस्टम
पूरा सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करेगा। यह खुद चौराहों और सड़कों पर लगे कैमरों की मदद से जाम जैसी समस्या देखेगा। उसे देखकर वहां वाहनों का और दबाव न पड़े और जाम जल्दी खत्म हो, इसके लिए आसपास के चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल को कंट्रोल करते हुए उस ओर जाने वाले वाहनों को ज्यादा समय तक रोके भी रखेगा। वहीं, ट्रैफिक क्लीयर होने पर वाहनों को जल्द ग्रीन सिग्नल देकर निकलने में भी मदद करेगा।
पीटीसी की भी होगी मॉनीटरिंग
शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम (पीटीसी) के 10 हजार वाहनों में सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन जीपीएस और पैनिक बटन लगाने जा रहा है, जिससे ऐसे वाहनों पर नजर रखी जा सके और यात्री असुरक्षित महसूस करने पर पैनिक बटन दबाकर सहायता ले सके। पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग भी टीएमसी से ही की जा सकेगी। भविष्य में एडवांस सिग्नल व कैमरों को जोड़कर यातायात और बेहतर किया जा सकेगा।
कोट-
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) के लिए टेंडर कर दिया गया है। कंपनियों में मामूली विवाद के चलते काम रुका हुआ है। जल्द ही टेंडर का मामला फाइनल कर लिया लाएगा।
-अमित तलवार, डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट विभाग