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एनआरआई मर्डर केस में जुवेनाइल को तीन साल कैद
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:56 AM IST
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एनआरआई मर्डर केस में जुवेनाइल को तीन साल कैद
- एलांते मॉल के बाहर ऑटो चालक ने की थी हत्या
- वारदात में बेटे को भी लगी भी गंभीर चोट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जनवरी 2015 में इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एलांते मॉल के बाहर एनआरआई जितेंदर सिंह उर्फ हरक सिंह (52) की हत्या के मामले में नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने धारा 302 के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 500 रुपये जुर्माना भी लगाया है। मृतक के बेटे 24 वर्षीय रोरकी पर भी दोषी ने वारदात के वक्त हमला किया था।
एनआरआई जितेंदर सिंह के बेटे रोरकी उर्फ रॉकी के साथ सात जनवरी को कैलिफोर्निया से देश आए थे। 28 जनवरी को वह किसी काम के सिलसिले में चंडीगढ़ आए और यहां एलटिस होटल में ठहरे थे। 29 जनवरी की रात करीब दस बजे वे एलांते मॉल स्थित स्पोर्ट्स लाउंज और बार में बाउलिंग खेलने गए थे। यहां दोनों ने ड्रिंक्स भी लीं। इसके बाद रात करीब 12 बजे दोनों होटल जाने के लिए एलांते मॉल से बाहर आए।
मॉल के गेट नंबर पांच के पास खड़े एक ऑटो चालक से उन्होंने होटल तक छोड़ने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों में बहस होने लगी। बाद में जितेंदर सिंह बेटे रॉकी के साथ वहां से चले गए। वे थोड़ी दूर ही गए थे कि ऑटो चालक ने पीछे से उन पर डंडे से हमला कर दिया। उसने बाप-बेटे के सिर पर वार किए। इस हमले में जितेंदर सिंह और रॉकी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पास ही में खड़े पार्किंग कर्मचारी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। उसने ऑटो का नंबर भी पुलिस को बताया। पीसीआर दोनों घायलों को जीएमसीएच-32 ले गई थी। वहां चिकित्सकों ने जितेंदर को मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने बताए गए ऑटो नंबर की तलाश की और उसके चालक नाबालिग को देर रात गिरफ्तार कर लिया। उससे वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा और ऑटो भी बरामद कर लिया। नाबालिग ब्लॉक-1 कॉलोनी नं-4 इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में रहता था। शुरुआत में पुलिस ने केस में दोषी को बालिग बताया था, लेकिन बाद में अदालत में परिजनों के उसके नाबालिग होने के दस्तावेज सौंपे जाने के बाद अदालत ने उसे जुवेनाइल घोषित कर दिया था। वहीं केस जिला अदालत से जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को ट्रांसफर कर दिया गया था।
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प्रॉपर्टी के सिलसिले में आए थे पंजाब
एनआरआई जितेंदर सिंह करीब 20 करोड़ की प्रॉपर्टी विवाद के सिलसिले में पंजाब आए थे। उनकी पंजाब के फगवाड़ा के गांव हरदासपुर में जमीन है। इसे लेकर कई वर्ष से डीलरों से विवाद चल रहा है। इस विवाद के कारण पहले उनके पिता बगीचा सिंह की तनाव में आने से मौत हो गई थी। उससे पहले जितेंदर के बड़े भाई की अमेरिका के कैलिफोर्निया में प्रॉपर्टी को लेकर हार्ट अटैक आने से मौत हुई थी। जबकि, जितेंदर सिंह उसी प्रॉपर्टी विवाद के सिलसिले में एनआरआई विंग के आईजी और अपने वकील से मिलने चंडीगढ़ आए थे।
पंजाब एआईजी को किया था सबसे पहले फोन
देर रात हुई घटना के बाद एनआरआई के बेटे रॉकी ने सबसे पहले एक महिला रिश्तेदार पंजाब पुलिस की एआईजी को फोन कर सूचना दी थी। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों के फोन के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और फौरन कार्रवाई की थी।
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- एलांते मॉल के बाहर ऑटो चालक ने की थी हत्या
- वारदात में बेटे को भी लगी भी गंभीर चोट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जनवरी 2015 में इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एलांते मॉल के बाहर एनआरआई जितेंदर सिंह उर्फ हरक सिंह (52) की हत्या के मामले में नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने धारा 302 के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 500 रुपये जुर्माना भी लगाया है। मृतक के बेटे 24 वर्षीय रोरकी पर भी दोषी ने वारदात के वक्त हमला किया था।
एनआरआई जितेंदर सिंह के बेटे रोरकी उर्फ रॉकी के साथ सात जनवरी को कैलिफोर्निया से देश आए थे। 28 जनवरी को वह किसी काम के सिलसिले में चंडीगढ़ आए और यहां एलटिस होटल में ठहरे थे। 29 जनवरी की रात करीब दस बजे वे एलांते मॉल स्थित स्पोर्ट्स लाउंज और बार में बाउलिंग खेलने गए थे। यहां दोनों ने ड्रिंक्स भी लीं। इसके बाद रात करीब 12 बजे दोनों होटल जाने के लिए एलांते मॉल से बाहर आए।
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मॉल के गेट नंबर पांच के पास खड़े एक ऑटो चालक से उन्होंने होटल तक छोड़ने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों में बहस होने लगी। बाद में जितेंदर सिंह बेटे रॉकी के साथ वहां से चले गए। वे थोड़ी दूर ही गए थे कि ऑटो चालक ने पीछे से उन पर डंडे से हमला कर दिया। उसने बाप-बेटे के सिर पर वार किए। इस हमले में जितेंदर सिंह और रॉकी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पास ही में खड़े पार्किंग कर्मचारी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। उसने ऑटो का नंबर भी पुलिस को बताया। पीसीआर दोनों घायलों को जीएमसीएच-32 ले गई थी। वहां चिकित्सकों ने जितेंदर को मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने बताए गए ऑटो नंबर की तलाश की और उसके चालक नाबालिग को देर रात गिरफ्तार कर लिया। उससे वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा और ऑटो भी बरामद कर लिया। नाबालिग ब्लॉक-1 कॉलोनी नं-4 इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में रहता था। शुरुआत में पुलिस ने केस में दोषी को बालिग बताया था, लेकिन बाद में अदालत में परिजनों के उसके नाबालिग होने के दस्तावेज सौंपे जाने के बाद अदालत ने उसे जुवेनाइल घोषित कर दिया था। वहीं केस जिला अदालत से जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को ट्रांसफर कर दिया गया था।
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प्रॉपर्टी के सिलसिले में आए थे पंजाब
एनआरआई जितेंदर सिंह करीब 20 करोड़ की प्रॉपर्टी विवाद के सिलसिले में पंजाब आए थे। उनकी पंजाब के फगवाड़ा के गांव हरदासपुर में जमीन है। इसे लेकर कई वर्ष से डीलरों से विवाद चल रहा है। इस विवाद के कारण पहले उनके पिता बगीचा सिंह की तनाव में आने से मौत हो गई थी। उससे पहले जितेंदर के बड़े भाई की अमेरिका के कैलिफोर्निया में प्रॉपर्टी को लेकर हार्ट अटैक आने से मौत हुई थी। जबकि, जितेंदर सिंह उसी प्रॉपर्टी विवाद के सिलसिले में एनआरआई विंग के आईजी और अपने वकील से मिलने चंडीगढ़ आए थे।
पंजाब एआईजी को किया था सबसे पहले फोन
देर रात हुई घटना के बाद एनआरआई के बेटे रॉकी ने सबसे पहले एक महिला रिश्तेदार पंजाब पुलिस की एआईजी को फोन कर सूचना दी थी। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों के फोन के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और फौरन कार्रवाई की थी।