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शिकायतकर्ता बयान से पलटा, हत्यारोपी बरी
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:55 AM IST
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शिकायतकर्ता बयान से पलटा, हत्यारोपी बरी
- युवक पर किया था चाकू से हमला, उपचार के दौरान हुई थी मौत
- अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर सका हत्या का मकसद
- दोनों पक्ष एक दूसरे को पहले से नहीं जानते थे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हत्या के मामले में जिला अदालत ने शिकायतकर्ता के मुकरने और हत्या का कारण सामने न आने पर आरोपी सेक्टर-25 निवासी प्रदीप उर्फ नोनगढ़ को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। प्रदीप के खिलाफ सेक्टर-11 थाना पुलिस ने मृतक के साथी की शिकायत पर हत्या की धारा के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस में दर्ज शिकायत में सेक्टर-30बी निवासी राजाराम ने कहा था कि वह 18 सितंबर 2015 को सेक्टर-25 निवासी दोस्त के घर गया था। राम बिलास मजदूरी करता था। उसने उसे घर पर खाने को बुलाया था। यहां से दोनों मछली बाजार चिकन खाने गए थे। यहां दोनों एक फड़ी के पीछे बैठकर खा रहे थे। इसी दौरान राजाराम बाथरूम करने के लिए गया। जब वह लौटा तो देखा कि 2-3 लड़के राम बिलास से झगड़ा कर रहे थे। उनमें से एक ने जेब से चाकू निकाल कर राम बिलास की छाती में घाेंप दिया। इसके बाद राजाराम ने शोर मचाया तो राम बिलास उसे बचाने के लिए दौड़ा। शोर के बाद तीनों आरोपी वहां से फरार हो गए। राजाराम ने घटना की सूचना पुलिस को दी और राम बिलास को जीएमएसएच-16 पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसे बरी कर दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रदीप के खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज किया था।
बचाव पक्ष की वकील इंद्रजीत बस्सी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अदालत में दिए बयान में आरोपी को पहचानने से इंकार कर दिया था। वहीं अभियोजन पक्ष हत्या का कारण साबित नहीं कर सका था। वहीं दोनों पक्ष एक-दूसरे को पहले से जानते भी नहीं थे। ऐसे में हत्या का कारण समझ नहीं आया था। इसके अलावा पुलिस की ओर से पेश किए गए एक गवाह संदीप ने भी प्रदीप को पहचानने से इंकार कर दिया था।
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- युवक पर किया था चाकू से हमला, उपचार के दौरान हुई थी मौत
- अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर सका हत्या का मकसद
- दोनों पक्ष एक दूसरे को पहले से नहीं जानते थे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हत्या के मामले में जिला अदालत ने शिकायतकर्ता के मुकरने और हत्या का कारण सामने न आने पर आरोपी सेक्टर-25 निवासी प्रदीप उर्फ नोनगढ़ को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। प्रदीप के खिलाफ सेक्टर-11 थाना पुलिस ने मृतक के साथी की शिकायत पर हत्या की धारा के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस में दर्ज शिकायत में सेक्टर-30बी निवासी राजाराम ने कहा था कि वह 18 सितंबर 2015 को सेक्टर-25 निवासी दोस्त के घर गया था। राम बिलास मजदूरी करता था। उसने उसे घर पर खाने को बुलाया था। यहां से दोनों मछली बाजार चिकन खाने गए थे। यहां दोनों एक फड़ी के पीछे बैठकर खा रहे थे। इसी दौरान राजाराम बाथरूम करने के लिए गया। जब वह लौटा तो देखा कि 2-3 लड़के राम बिलास से झगड़ा कर रहे थे। उनमें से एक ने जेब से चाकू निकाल कर राम बिलास की छाती में घाेंप दिया। इसके बाद राजाराम ने शोर मचाया तो राम बिलास उसे बचाने के लिए दौड़ा। शोर के बाद तीनों आरोपी वहां से फरार हो गए। राजाराम ने घटना की सूचना पुलिस को दी और राम बिलास को जीएमएसएच-16 पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसे बरी कर दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रदीप के खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज किया था।
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बचाव पक्ष की वकील इंद्रजीत बस्सी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अदालत में दिए बयान में आरोपी को पहचानने से इंकार कर दिया था। वहीं अभियोजन पक्ष हत्या का कारण साबित नहीं कर सका था। वहीं दोनों पक्ष एक-दूसरे को पहले से जानते भी नहीं थे। ऐसे में हत्या का कारण समझ नहीं आया था। इसके अलावा पुलिस की ओर से पेश किए गए एक गवाह संदीप ने भी प्रदीप को पहचानने से इंकार कर दिया था।
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