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भूखे-प्यासे 32 किमी पैदल सफर करने के बाद वापस लौटा यश

Sun, 06 Mar 2022 10:14 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 06 Mar 2022 10:14 PM IST
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Yash returned after traveling 32 km hungry and thirsty
यूक्रेन से घर सकुशल पहुंचने पर यश भारद्वाज का स्वागत करते - फोटो : Palwal
पलवल। भूखे-प्यासे 32 किलोमीटर लंबा सफर पैदल तय करने और यूक्रेन सेना द्वारा की गई बदतमीजी के बावजूद शहर का यश भारद्वाज अपनी एक अन्य साथी बल्लभगढ़ निवासी मानसी मंगला को सकुशल बचाकर भारत लौट आया है। यश के घर लौटने पर उसके परिजनों और रिश्तेदारों ने स्वागत किया। साथ ही बल्लभगढ़ की छात्रा मानसी मंगला के परिजनों ने भी बेटी की सहायता करने पर यश का स्वागत किया और सरकार से यश को सम्मानित करने की मांग की है। पलवल पहुंचने पर यश ने परिजनों और लोगों को आपबीती सुनाकर भावुक कर दिया।
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यश भारद्वाज यूक्रेन स्थित टरनोपिल विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 13 फरवरी से ही युद्ध की आशंका होने पर उसने तथा उसके साथियों ने वापस लौटने का मन बना लिया था, लेकिन विश्वविद्यालय के डीन और अधिकारियों ने वापस आने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद 24 फरवरी को युद्ध शुरू होने पर उन्होंने भारत के लिए हवाई टिकट बुक कराई, जो 28 फरवरी के लिए बुक हुई। लेकिन, हालात खराब होते देख उन्हें बंकर में ठहरा दिया गया। फिर किसी तरह से वह टैक्सी लेकर पोलैंड बॉर्डर के लिए चला, लेकिन भीड़ होने के कारण टैक्सी चालक ने उन्हें 32 किलोमीटर पहले ही छोड़ दिया। किसी तरह से वह पैदल पोलैंड बार्डर पर पहुंचे, जहां यूक्रेन के सैनिकों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। इस कारण वह दो दिन तक भूखे-प्यासे बॉर्डर पर ही माइनस छह डिग्री तापमान के बीच फंसा रहा। किसी तरह वह दूसरी तरफ से 3 चेक पोस्ट पार कर पोलैंड पहुंचा, जहां भारतीय दूतावास के शिविर में उन्हें ठहरने को जगह मिली और खाना मिला।
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यश ने बताया कि जब वह वापस लौटा तो उसे सूचना मिली कि उसके साथ पढ़ने वाली बल्लभगढ़ की मानसी मंगला भी यूक्रेन में फंसी है। इसके बाद उसने हिम्मत दिखाई और वापस अपने विश्वविद्यालय जाकर किसी तरह मानसी को सुरक्षित लेकर पोलैंड पहुंचा। जहां से वे दोनों 4 मार्च को भारत के लिए रवाना हुए और पांच मार्च को भारत लौटने के बाद सकुशल वापस अपने घर पहुंचे। इनके अलावा यूक्रेन से सकुशल लौटे ओमदत्त कौशिक का भी स्वागत किया गया।
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उपायुक्त कार्यालय की सूची में भाई की वापसी दर्शाने का आरोप
पलवल के गौरव ने ट्विटर पर ट्वीट कर आरोप लगाया कि प्रशासन लोगों को गुुमराह कर रहा है। उसने ट्वीट किया है कि सरकार यूक्रेन से 1815 में से 1014 छात्रों के लौटने का दावा कर रही है, जो गलत है। उसका भाई अभी भी यूक्रेन में फंसा हुआ है, जबकि उपायुक्त कार्यालय की सूची में उसके भाई की पलवल वापसी दर्शाई गई है। भाई को सकुशल वापस बुलाने की गुहार लगा रहे हैं। उसका कहना है कि उसका भाई अभी भी सूमि में फंसा हुआ है।
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