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Palwal News: छंटनी से मजदूरों में रोष, प्रबंधन पर गैर-कानूनी कार्रवाई का आरोप
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रोजका मेव औद्योगिक क्षेत्र में वेलस्पन कंपनी से 44 स्थायी श्रमिकों की छंटनी
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। रोजका मेव औद्योगिक क्षेत्र स्थित वेलस्पन बीएपीएल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी प्रबंधन पर 44 स्थायी श्रमिकों की गैर-कानूनी तरीके से छंटनी करने का आरोप है। श्रमिकों का कहना है कि वे 10 से 25 वर्षों से कंपनी में कार्यरत थे और बिना किसी आरोप पत्र या अनुशासनात्मक कार्रवाई के 2 अक्टूबर को उन्हें निकाल दिया गया, जबकि उस दिन सरकारी अवकाश था। यूनियन प्रधान सोनू शर्मा समेत सभी स्थायी कर्मचारियों को हटाए जाने से श्रमिकों में भारी गुस्सा है और वे पिछले दो दिनों से धरने पर बैठे हैं।
वेलस्पन बीएपीएल एम्प्लाइज यूनियन रोजका मेव, एटक संबद्ध ने आरोप लगाया है कि प्रबंधन लंबे समय से मजदूर विरोधी नीतियां अपना रहा है। कंपनी के भीतर बड़ी संख्या में बाउंसर और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और स्थायी मजदूरों का काम ठेका श्रमिकों से कराया जा रहा है। यूनियन का यह भी आरोप है कि 25 सितंबर को घोषित वीआरएस योजना स्वैच्छिक न होकर अप्रत्यक्ष रूप से बाहर करने वाली थी और वीआरएस से इनकार करने पर छंटनी की गई, जो अनुचित श्रम अभ्यास है।
यूनियन ने अपने पत्र में कहा है कि पूर्व में सामूहिक मांग पत्र दिया गया था जिस पर 30 सितंबर को सहायक श्रम आयुक्त नूंह के समक्ष समझौता वार्ता हुई, लेकिन छंटनी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। इस मामले में सहायक श्रम आयुक्त जांच और प्रबंधन को नोटिस जारी करने का आश्वासन दिया है। प्रदर्शन के दौरान सोनू शर्मा, रिंकू, विनोद, राकेश, अजीत सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।
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तावड़ू। रोजका मेव औद्योगिक क्षेत्र स्थित वेलस्पन बीएपीएल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी प्रबंधन पर 44 स्थायी श्रमिकों की गैर-कानूनी तरीके से छंटनी करने का आरोप है। श्रमिकों का कहना है कि वे 10 से 25 वर्षों से कंपनी में कार्यरत थे और बिना किसी आरोप पत्र या अनुशासनात्मक कार्रवाई के 2 अक्टूबर को उन्हें निकाल दिया गया, जबकि उस दिन सरकारी अवकाश था। यूनियन प्रधान सोनू शर्मा समेत सभी स्थायी कर्मचारियों को हटाए जाने से श्रमिकों में भारी गुस्सा है और वे पिछले दो दिनों से धरने पर बैठे हैं।
वेलस्पन बीएपीएल एम्प्लाइज यूनियन रोजका मेव, एटक संबद्ध ने आरोप लगाया है कि प्रबंधन लंबे समय से मजदूर विरोधी नीतियां अपना रहा है। कंपनी के भीतर बड़ी संख्या में बाउंसर और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और स्थायी मजदूरों का काम ठेका श्रमिकों से कराया जा रहा है। यूनियन का यह भी आरोप है कि 25 सितंबर को घोषित वीआरएस योजना स्वैच्छिक न होकर अप्रत्यक्ष रूप से बाहर करने वाली थी और वीआरएस से इनकार करने पर छंटनी की गई, जो अनुचित श्रम अभ्यास है।
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यूनियन ने अपने पत्र में कहा है कि पूर्व में सामूहिक मांग पत्र दिया गया था जिस पर 30 सितंबर को सहायक श्रम आयुक्त नूंह के समक्ष समझौता वार्ता हुई, लेकिन छंटनी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। इस मामले में सहायक श्रम आयुक्त जांच और प्रबंधन को नोटिस जारी करने का आश्वासन दिया है। प्रदर्शन के दौरान सोनू शर्मा, रिंकू, विनोद, राकेश, अजीत सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।
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