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Palwal News: फैक्टरी में टैंक सफाई के दौरान कर्मचारी की मौत, बिना उपकरण उतारने का आरोप
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भुलवाना गांव की मोगली नमकीन फैक्टरी में हुआ हादसा, प्रबंधन पर उतरने के लिए दबाव बनाने का आरोप
1 कर्मचारी की हालत गंभीर
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल/ पलवल। भुलवाना गांव में उमराला रोड पर मोगली नमकीन फैक्टरी में टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से कर्मचारी सुरेंद्र की मौत हो गई। हादसे में एक अन्य कर्मचारी क हालत गंभीर बनी है। मृतक की पत्नी हेमलता ने फैक्टरी मालिक व प्रबंधकों पर बिना सुरक्षा उपकरण के पति को जबरन टैंक में उतारने का आरोप लगाया है। मामले में थाना होडल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, सुरेंद्र ने गैस और सुरक्षा उपकरणों न होने का हवाला देते हुए टैंक में उतरने से इन्कार किया था। आरोप है कि इसके बावजूद सुरेंद्र और 32 वर्षीय सुंदर को टैंक में उतारा गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रबंधन ने साफ शब्दों में कहा था कि नौकरी जारी रखने के लिए टैंक में उतरना ही होगा, जिसके बाद दोनों टैंक में उतरे और हादसा हो गया। इस मामले में फैक्टरी मालिक का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। हादसे के बाद फैक्टरी के गेट पर ताला लगा हुआ है और कोई भी कुछ बोलने से बच रहा है।
हेमलता के अनुसार, पति से फोन पर बातचीत के करीब 15 मिनट बाद उसे हादसे की सूचना मिली। इसके बाद उसके देवर रूपेश और करतार मौके पर पहुंचे। सुरेंद्र को सिविल अस्पताल होडल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद थाना प्रभारी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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पोस्टमार्टम करने से रोका
टैंक सफाई के दौरान कर्मचारी की मौत के मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर में धारा 106 लगाए जाने को लेकर मृतक के परिजनों ने आपत्ति जताई। परिजनों ने पुलिस से मामले में धारा 105 के तहत कार्रवाई करने की मांग की। मांग पूरी न होने पर परिजनों ने पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए शव को ले जाने से रोका। परिजनों का कहना था कि जब तक पुलिस एफआईआर में धारा 105 नहीं जोड़ती, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। परिजनों के विरोध के चलते कुछ समय तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिवार ने पुलिस का सहयोग कर पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस प्रवक्ता संजय ने बताया कि परिवार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आगे की कार्रवाई जारी है ।
सीवर और टैंक सफाई के दौरान पहले भी हो चुके हैं हादसे
अप्रैल 2026 में जैंदापुर गांव में सफाई कर्मचारी जितेंद्र की सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत।
अप्रैल 2024 में हथीन की अनाज मंडी के सार्वजनिक शौचालय की सीवर लाइन साफ करते समय मजदूर भोला की जहरीली गैस से मौत।
मार्च 2024 में धतीर गांव स्थित पेंट बनाने वाली कंपनी के टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत।
जुलाई 2022 में हसनपुर में सीवर की हाथ से सफाई करते समय एक सफाई कर्मचारी की मौत।
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1 कर्मचारी की हालत गंभीर
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल/ पलवल। भुलवाना गांव में उमराला रोड पर मोगली नमकीन फैक्टरी में टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से कर्मचारी सुरेंद्र की मौत हो गई। हादसे में एक अन्य कर्मचारी क हालत गंभीर बनी है। मृतक की पत्नी हेमलता ने फैक्टरी मालिक व प्रबंधकों पर बिना सुरक्षा उपकरण के पति को जबरन टैंक में उतारने का आरोप लगाया है। मामले में थाना होडल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, सुरेंद्र ने गैस और सुरक्षा उपकरणों न होने का हवाला देते हुए टैंक में उतरने से इन्कार किया था। आरोप है कि इसके बावजूद सुरेंद्र और 32 वर्षीय सुंदर को टैंक में उतारा गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रबंधन ने साफ शब्दों में कहा था कि नौकरी जारी रखने के लिए टैंक में उतरना ही होगा, जिसके बाद दोनों टैंक में उतरे और हादसा हो गया। इस मामले में फैक्टरी मालिक का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। हादसे के बाद फैक्टरी के गेट पर ताला लगा हुआ है और कोई भी कुछ बोलने से बच रहा है।
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हेमलता के अनुसार, पति से फोन पर बातचीत के करीब 15 मिनट बाद उसे हादसे की सूचना मिली। इसके बाद उसके देवर रूपेश और करतार मौके पर पहुंचे। सुरेंद्र को सिविल अस्पताल होडल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद थाना प्रभारी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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पोस्टमार्टम करने से रोका
टैंक सफाई के दौरान कर्मचारी की मौत के मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर में धारा 106 लगाए जाने को लेकर मृतक के परिजनों ने आपत्ति जताई। परिजनों ने पुलिस से मामले में धारा 105 के तहत कार्रवाई करने की मांग की। मांग पूरी न होने पर परिजनों ने पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए शव को ले जाने से रोका। परिजनों का कहना था कि जब तक पुलिस एफआईआर में धारा 105 नहीं जोड़ती, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। परिजनों के विरोध के चलते कुछ समय तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिवार ने पुलिस का सहयोग कर पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस प्रवक्ता संजय ने बताया कि परिवार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आगे की कार्रवाई जारी है ।
सीवर और टैंक सफाई के दौरान पहले भी हो चुके हैं हादसे
अप्रैल 2026 में जैंदापुर गांव में सफाई कर्मचारी जितेंद्र की सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत।
अप्रैल 2024 में हथीन की अनाज मंडी के सार्वजनिक शौचालय की सीवर लाइन साफ करते समय मजदूर भोला की जहरीली गैस से मौत।
मार्च 2024 में धतीर गांव स्थित पेंट बनाने वाली कंपनी के टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत।
जुलाई 2022 में हसनपुर में सीवर की हाथ से सफाई करते समय एक सफाई कर्मचारी की मौत।