फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   water pipeline on buster

बूस्टर तक बिछाई जाएगी पानी की लाइन

Tue, 24 Sep 2013 11:27 PM IST
अमर उजाला, पलवल
अमर उजाला, पलवल Updated Tue, 24 Sep 2013 11:27 PM IST
विज्ञापन

पिछली कई बैठकों में बूस्टरों तक पाइप लाइन बिछाने का मुद्दा उठाया गया लेकिन संबंधित अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई नहीं करते।

विज्ञापन


मंगलवार को हुई ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में फिर से एक बार यह मुद्दा उठाया गया। इस पर निर्णय लिया गया कि अगली बैठक होने के पहले बूस्टर तक हर हालत में पाइप लाइन बिछा दी जाए। इसके अलावा बैठक में 14 परिवादों में अधिकांश को हल करने के आदेश दिए गए। अध्यक्षता महेंद्र प्रताप सिंह ने की।
विज्ञापन



बैठक में डीसी अतुल कुमार के अलावा जिले के सभी अधिकारी मौजूद थे। पहले परिवाद में कहा गया कि रैनीवेल का बूस्टर बना दिया और उस पर एक व्यक्ति की तैनाती कर दी गई है। लेकिन पिछले कई वर्षों से बूस्टर में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


बूस्टर को जाने वाली पेयजल लाइन नहीं बिछाई गई। विभाग ने इस पर कोई पहल नहीं की। एक बार फिर पिछली बार की तरह ही कहा गया कि अगली बैठक  तक बूस्टर तक पानी की लाइन बिछाई जाए। दूसरी शिकायत बिजली विभाग से संबंधित की गई। इसे भी तुरंत निपटाने का आदेश दिया गया। इसी क्रम में तीसरी शिकायत गांव की आबादी में नहरी पानी को रोकने की बात कही। इसके अलावा गांव दुर्गापुर में खोले गए शराब के ठेके के बारे में कहा गया। इस पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर रिपोर्ट देने को कहा गया।

योजना का नहीं मिल रहा लाभ
पांचवीं शिकायत में घुघेरा निवासी मांगेराम ने कहा कि उसे पीआरवाई योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। छठी शिकायत बीपीएल कार्ड बनवाने की थी। गांव थंथरी निवासी पृथ्वीराज की मांग थी कि उसका कार्ड गलत तरीके से बनाया गया है। उसे दोबारा बनाया जाए। सातवीं शिकायत गांव सिकंदरपुर निवासी तुलाराम की थी।

इसमें कहा गया कि उसके घर के सामने पडे़ गोबर को हटवाया जाए। आठवीं शिकायत मीट मार्केट को शिफ्ट करने की थी। नौंवी शिकायत भी बिजली बोर्ड से संबंधित थी। जिसमें कहा गया कि घरों के ऊपर से जाने वाली बिजली की लाइन को हटवाया जाए।


दसवीं शिकायत एग्रो इंडस्ट्रीज की थी। उसमें कहा गया कि उसके मकान को जो किराये पर था, उसे खाली नहीं किया जा रहा है। 11वीं शिकायत गांव दीघोट के दलित समाज की थी।

उनका कहना था कि उनके घरों में पानी भर जाता है। उस पानी की निकासी करवाई जाए। 12वीं व 13वीं शिकायत अवैध कब्जों की थी, जबकि 14वीं शिकायत आंगनबाड़ी कर्मचारी की थी। सभी शिकायतों को निपटाने के आदेश दे दिए गए। बैठक में मुख्य रूप से एडीसी दिनेश यादव, पुलिस अधीक्षक राकेश आर्य, एसडीएम अमित खत्री, ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य दिनेश भारद्ववाज व लेखराज सहित अन्य सदस्य व अधिकारी मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed