फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Water is not coming in the rivers, how to irrigate

रजवाहों में नहीं आ रहा पानी, कैसे हो सिंचाई

Sat, 17 Jul 2021 10:54 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jul 2021 10:54 PM IST
विज्ञापन
Water is not coming in the rivers, how to irrigate
पलवल। खेतों में सिंचाई के लिए पानी न मिलने से सूख रही फसलों की तरफ देख किसान अब भगवान से बारिश की गुहार लगा रहे हैं। किसानों की यह समस्या कोई नई नहीं है। हर साल ही जिले में यही हाल रहता है। पिछले कई सालों से कम बारिश होने व रजवाहों में पानी न आने के कारण सिंचाई के लिए हर बार सरकार से पानी छोड़ने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती है, लेकिन पानी नहीं आता। अबकी बार हालात ये हो गए हैं कि खेतों में पानी न पहुंचने के कारण जमीन में भी दरारें पड़ने लगी हैं।
विज्ञापन

जिले के करीब एक दर्जन गांवों में तो रजवाहों में बिल्कुल भी पानी नहीं आ रहा है। उन गांवों के रजवाहे इस तरह सूखे पड़े हैं कि कहीं घास उगी हुई हैं, तो कहीं झाड़ियां उगी हुई हैं। पलवल विधानसभा क्षेत्र के गांव असावटा, सैलोटी, नांगल ब्राह्मण, लाड़ियाका रायदासका, रोनीजा, पिंगोड़, पालरी, भमारिया, अजीजाबाद, गुंडवास रुंधी, बाता सहित ऐसे दर्जन से अधिक गांव हैं, जिनमें से गुजरने वाले रजवाहों में पिछले कई सालों से पानी नहीं आया है। इसको लेकर हर साल किसानों को परेशान होना पड़ता है।
विज्ञापन

कई गांव ऐसे हैं, जहां पानी न मिलने के कारण खेतों की जमीन में भी दरारें पड़ गई हैं। दरारों के कारण धान को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं मिला तो उनके द्वारा बोई गई धान की फसल पूरी तरह से खराब हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार कर रही टेल तक पानी पहुंचाने का दावा
जिले के इन गांवों से गुजरने वाले रजवाहों में ही नहीं, हथीन व होडल क्षेत्र में भी गांवों से गुजरने वाले ऐसे कई रजवाहे हैं, जहां बिल्कुल पानी नहीं है। वहीं सरकार का दावा है कि रजवाहों में टेल तक पानी पहुंच रहा है। सरकार के यह दावे सिंचाई विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट पर किए जा रहे हैं। लेकिन आज तक किसी ने रजवाहों को देखा तक नहीं है कि पानी पहुंच भी रहा है या नहीं।
वर्जन-
धान की रोपाई के लिए रजवाहों में पानी नहीं आ रहा है। जिस कारण लगाई गई पौध सूख रही हैं। ट्यूबवेल से पानी दिया जा रहा है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। असावटा के पास बनाई गई झील को दिन के लिए बंद किया गया था, लेकिन 10 दिन बीतने के बाद भी उसे नहीं खोला गया है। रजवाहों का पानी धान की फसल के काफी अच्छा होता है, लेकिन पानी न होने के कारण किसान काफी परेशान हैं। - गिर्राज जेलदार, रुंधी
धान की फसल की रोपाई के लिए पानी की अधिक आवश्यकता होती है, लेकिन रजवाहों में पानी नहीं है। ऊपर से बारिश भी नहीं हो रही है। सरकार इस पर ध्यान दे और रजवाहों में पानी छोड़ा जाए। - चंदर, पूर्व सरपंच सैलोटी
गांव रायदासका के पास से गुजरने वाले रजवाहे में बिल्कुल पानी नहीं आ रहा है। इससे फसलें सूख रही हैं। अधिकारियों को कई बार इस बारे में लिखा जा चुका है, लेकिन उसके बाद भी कोई ध्यान नहीं है। सरकार को पानी देने के बारे में सोचना चाहिए। - सोनू, रायदासका

सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इस संदर्भ में बोला जा चुका है कि रजवाहों की सफाई कराई जाए और पानी छोड़ा जाए। जिससे कि किसानों को धान की रोपाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सके। इस बारे में मेरी उपायुक्त से भी बात हुई है। जल्द रजवाहों में पानी छुड़वाया जाएगा। - दीपक मंगला, विधायक पलवल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed