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संभलकर चलिए...‘सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे’
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सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट
- फोटो : Palwal
पलवल। मैं निकला गड्डी लेके, सड़क पे इक होल आया, मैं सारा जग छोड़ आया। संभलकर हुजूर, आप पलवल में हैं। यह पलवल ‘झील’ नगरी जैसी है। यहां कई स्थानों पर सड़कों में इस कदर गड्ढे हैं कि कोई भी वाहन उनमें धंस सकता है और आप दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। ऐसे जुमलों को सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर पलवल के लोग नगर परिषद और जिला प्रशासन के साथ-साथ सरकार पर बारिश के बाद जलभराव को लेकर टिप्पणियां कर रहे हैं।
लोग शहर में लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी पानी निकासी के इंतजाम नहीं होने पर सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट डालकर विरोध कर रहे हैं, लेकिन 36 घंटे बीत जाने के बाद भी नगर आयुक्त और जिला उपायुक्त ने शहर का दौरा कर जलभराव की स्थिति का जायजा नहीं लिया है। इससे लोगों में खासा रोष है।
रविवार रात और सोमवार को रुक-रुककर हुई बारिश के बाद पलवल शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया था। इस कारण लोगों का सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया। लोग इतने परेशान हो गए कि उनके घरों के अंदर भी पानी भर गया। जब लोगों ने इस समस्या को लेकर अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया तो अधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाए। इसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट डालकर सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर टिप्पणियां कीं। इसके बाद भी प्रशासन की नींद नहीं खुली है।
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मंगलवार को भी पानी निकासी के इंतजाम नहीं
प्रशासन द्वारा शहर में जलभराव की समस्या को दूर नहीं किया जा सका। मंगलवार को भी न तो मंडियों में पानी की निकासी हुई और न ही राजमार्ग पर केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के नीचे जलभराव की समस्या दूर हो पाई। केजीपी के नीचे तो अधिक जलभराव के कारण एक ट्रक ही धंस गया। इससे बड़ी दुर्घटना होने से बची। वहीं, पानी अभी भी तीन से चार फिट भरा हुआ है। यही हाल मंडी का है। टैंकरों द्वारा पानी को निकालने का प्रयास किया जा रहा है, जोकि नाकाफी है। क्योंकि, इस जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन के पास न तो मोटर है और न ही ट्यूबवेल।
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सब्जी मंडी का काफी बुरा हाल है। मंडी में जलभराव के कारण फलों और सब्जियों को बाहर रखा नहीं जा सका। ग्राहक भी काफी कम आए। इस कारण आढ़तियों और विक्रेताओं को काफी नुकसान हुआ है। कई बार मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों और विधायक से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन फिर भी समस्या दूर नहीं हुई।
- दीपक गुलाटी, फल आढ़ती
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जलभराव की समस्या का समाधान कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। एसडीएम की ड्यूटी लगा दी गई है। जहां भी शहर में पानी निकासी के इंतजाम नहीं है, वहां तुरंत इंतजाम करा पानी की निकासी कराई जाएगी। इसके अलावा नाले और नालियों की पूरी तरह से सफाई कराई जाएगी।
- नरेश नरवाल, उपायुक्त
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लोग शहर में लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी पानी निकासी के इंतजाम नहीं होने पर सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट डालकर विरोध कर रहे हैं, लेकिन 36 घंटे बीत जाने के बाद भी नगर आयुक्त और जिला उपायुक्त ने शहर का दौरा कर जलभराव की स्थिति का जायजा नहीं लिया है। इससे लोगों में खासा रोष है।
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रविवार रात और सोमवार को रुक-रुककर हुई बारिश के बाद पलवल शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया था। इस कारण लोगों का सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया। लोग इतने परेशान हो गए कि उनके घरों के अंदर भी पानी भर गया। जब लोगों ने इस समस्या को लेकर अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया तो अधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाए। इसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट डालकर सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर टिप्पणियां कीं। इसके बाद भी प्रशासन की नींद नहीं खुली है।
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मंगलवार को भी पानी निकासी के इंतजाम नहीं
प्रशासन द्वारा शहर में जलभराव की समस्या को दूर नहीं किया जा सका। मंगलवार को भी न तो मंडियों में पानी की निकासी हुई और न ही राजमार्ग पर केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के नीचे जलभराव की समस्या दूर हो पाई। केजीपी के नीचे तो अधिक जलभराव के कारण एक ट्रक ही धंस गया। इससे बड़ी दुर्घटना होने से बची। वहीं, पानी अभी भी तीन से चार फिट भरा हुआ है। यही हाल मंडी का है। टैंकरों द्वारा पानी को निकालने का प्रयास किया जा रहा है, जोकि नाकाफी है। क्योंकि, इस जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन के पास न तो मोटर है और न ही ट्यूबवेल।
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सब्जी मंडी का काफी बुरा हाल है। मंडी में जलभराव के कारण फलों और सब्जियों को बाहर रखा नहीं जा सका। ग्राहक भी काफी कम आए। इस कारण आढ़तियों और विक्रेताओं को काफी नुकसान हुआ है। कई बार मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों और विधायक से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन फिर भी समस्या दूर नहीं हुई।
- दीपक गुलाटी, फल आढ़ती
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जलभराव की समस्या का समाधान कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। एसडीएम की ड्यूटी लगा दी गई है। जहां भी शहर में पानी निकासी के इंतजाम नहीं है, वहां तुरंत इंतजाम करा पानी की निकासी कराई जाएगी। इसके अलावा नाले और नालियों की पूरी तरह से सफाई कराई जाएगी।
- नरेश नरवाल, उपायुक्त