हरियाणा विधानसभा चुनावः चुनावों में बेरोजगार युवाओं को मिल रहा रोजगार
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हरियाणा के 21 अक्तूबर को होने वाले विधानसभा चुनावों में इस बार बेरोजगार युवाओं और पहलवानों को रोजगार मिल रहा है। पिछले काफी समय से खाली बैठे कम्प्यूटर, इंटरनेट और आइटी के जानकार युवाओं को राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों द्वारा सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए एक माह के लिए रोजगार देने का काम किया गया है।
ये युवा प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार कार्यक्रमों, सभाओं और जनसंपर्क अभियान के फोटो, वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर उनका प्रचार कर रहे हैं। इसके अलावा प्रत्याशियों द्वारा किए जा रहे वायदे, उनकी राजनीतिक पार्टी के घोषणा पत्रों, मिल रहे समर्थन का भी सोशल मीडिया पर प्रचार कर रहे हैं। इसके बदले में उन्हें प्रत्याशियों द्वारा एक मुश्त राशि भी दी जाएगी।
वहीं पहलवानों को प्रत्याशियों द्वारा अपने साथ जनसंपर्क अभियान और चुनाव प्रचार में साथ रखने के लिए रखा जा रहा है। उन्हें भी प्रत्याशी उनके हिसाब से प्रतिदिन का पैसा दे रहे हैं।
इस बार विधानसभा चुनावों में प्रचार के मायने काफी बदले नजर आ रहे हैं। पहले प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों के प्रत्याशी झंडों, बैनरों और पोस्टरों आदि के अलावा माइकों, रिक्शा और गाड़ियों में ऑडियो कैसेट चलाकर अपना प्रचार करते नजर आते थे, लेकिन इस बार पोस्टर, बैनर के बजाय सोशल मीडिया पर प्रचार चल रहा है।
इस कारण प्रत्याशियों को उसके लिए सोशल मीडिया के जानकार और इंटरनेट, कम्प्यूटर चलाने में माहिर युवाओं की जरूरत पड़ रही है। इसके लिए जहां बड़े राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने सोशल पीआर एजेंसियों को हायर किया है, वहीं कुछ प्रत्याशियों ने स्थानीय स्तर पर इन मामलों में जानकारी युवाओं को अपने साथ रखा है।
इससे वे युवाओं को अपने साथ जोड़ भी रहे हैं और साथ कुछ समय के लिए उन्हें रोजगार देकर उनके लिए जेब खर्चे का भी इंतजाम कर रहे हैं। फिर पीआर एजेंसियों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए की जाने वाली ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए मांगे जाने वाले अधिक पैसे से भी बच रहे हैं।
अलग बना कर दिए हुए हैं आफिस
प्रत्याशियों ने जिन युवाओं को सोशल मीडिया पर अपना प्रचार और अपने दल की ब्रांडिंग करने के लिए चुनाव के दौरान रखा गया है, उन्हें अलग से कार्यालय बनाकर दिया हुआ है। जहां उन्हें कम्प्यूटर, इंटरनेट की सुविधा, प्रिंटर आदि उपलब्ध कराया गया।
इसके अलावा कुछ युवाओं को जिन्हें फोटोग्राफी की जानकारी है, उन्हें प्रत्याशी अपने साथ लेकर चल रहे हैं। वे फोटो और वीडियो बनाकर कार्यालयों में बैठकर सोशल मीडिया पर प्रचार सामग्री अपलोड कराने वालों को उपलब्ध कराते हैं, उसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड किया जा रहा है।
ऐसे युवाओं से 10 से 15 हजार रुपये के वेतन पर रखा गया है। मतगणना होने के बाद प्रदेश में सरकार का गठन होने तक इन युवाओं का काम सोशल मीडिया पर प्रत्याशी और चुनाव जीतने के बाद उनका पूरा प्रचार करने का रहेगा।
पहलवान चल रहे सुरक्षा कर्मी के रूप में
प्रत्याशियों द्वारा अपने साथ चुनाव प्रचार के दौरान चलने के लिए आठ से 10 ऐसे युवाओं को रखा है, जो देखने में पहलवान लगते हैं। जिम में व्यायाम कर अपना शरीर बनाने वाले बाउंसरों की नौकरी करने वाले युवाओं को अपने साथ सुरक्षा कर्मी के तौर पर रखा गया है, जो भीड़ में प्रत्याशी की देखरेख करने के साथ उन्हें कार्यक्रमों में पहनाई जाने वाली मालाओं को हाथों में लेते हैं। इसके अलावा उनके नारे भी लगा रहे हैं। इस काम के बदले उन्हें प्रत्याशियों की तरफ से प्रतिदिन का खर्च दिया जा रहा है।
मुझे इंटरनेट व सोशल मीडिया के बारे में पूरी जानकारी है। मैं यहां एक प्रत्याशी के लिए काम कर रहा हूं। उनके कार्यक्रमों, सभाओं, जन संपर्क अभियान के सभी फोटो, मैटर, विडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करता हूं। उनके फेसबुक पेज को अपडेट करने का काम करता हूं। मुझे इसके लिए दो नवंबर तक के लिए रखा गया है। इसके लिए मुझे 15 हजार रुपये मिलेंगे।-सुरेंद्र कुमार, युवक पलवल