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Palwal News: ब्लाइंड लूट में अंतरराज्यीय गैंग के तीन और आरोपी गिरफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
शहर थाना पुलिस और क्राइम यूनिटों के संयुक्त अभियान में सोना और नकदी की सनसनीखेज ब्लाइंड लूट में शामिल अंतरराज्यीय गैंग के तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक चार आरोपियों को दबोच लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लूट और धोखाधड़ी के कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। डीएसपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल के निर्देशन में गठित टीमों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, साइबर तकनीक और इंटेलिजेंस की मदद से जांच तेज की। इसके बाद 12 अप्रैल को फरीदाबाद की ग्रीनफील्ड कॉलोनी के पास से तीन अन्य आरोपियों को पकड़ा है। पहचान दिल्ली निवासी विजेंद्र कुमार और अमित कुमार तथा झज्जर निवासी नरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार विजेंद्र नकली आईडी कार्ड, मोहर और फर्जी नंबर प्लेट उपलब्ध कराता था, जबकि अमित रेकी और वाहन चालक की भूमिका में था। नरेंद्र वारदात की योजना में शामिल था। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर सोना, नकदी और वाहन की बरामदगी में जुटी है। पुलिस ने 10 अप्रैल को आरोपी लक्ष्मण को आगरा चौक के पास से गिरफ्तार किया गया था।
गौरतलब है कि 2 अप्रैल 2026 को बदमाशों ने खुद को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का अधिकारी बताकर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित हुडा चौक के पास एक सर्राफा कारोबारी की कार को रुकवाया था। इसके बाद कार चालक और कर्मचारी से 30 तोला सोना तथा 31 लाख रुपये नकद लूट लिए गए। आरोपियों ने कर्मचारी का अपहरण कर उसे गुरुग्राम में छोड़ दिया और फरार हो गए।
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पलवल।
शहर थाना पुलिस और क्राइम यूनिटों के संयुक्त अभियान में सोना और नकदी की सनसनीखेज ब्लाइंड लूट में शामिल अंतरराज्यीय गैंग के तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक चार आरोपियों को दबोच लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लूट और धोखाधड़ी के कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। डीएसपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल के निर्देशन में गठित टीमों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, साइबर तकनीक और इंटेलिजेंस की मदद से जांच तेज की। इसके बाद 12 अप्रैल को फरीदाबाद की ग्रीनफील्ड कॉलोनी के पास से तीन अन्य आरोपियों को पकड़ा है। पहचान दिल्ली निवासी विजेंद्र कुमार और अमित कुमार तथा झज्जर निवासी नरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार विजेंद्र नकली आईडी कार्ड, मोहर और फर्जी नंबर प्लेट उपलब्ध कराता था, जबकि अमित रेकी और वाहन चालक की भूमिका में था। नरेंद्र वारदात की योजना में शामिल था। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर सोना, नकदी और वाहन की बरामदगी में जुटी है। पुलिस ने 10 अप्रैल को आरोपी लक्ष्मण को आगरा चौक के पास से गिरफ्तार किया गया था।
गौरतलब है कि 2 अप्रैल 2026 को बदमाशों ने खुद को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का अधिकारी बताकर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित हुडा चौक के पास एक सर्राफा कारोबारी की कार को रुकवाया था। इसके बाद कार चालक और कर्मचारी से 30 तोला सोना तथा 31 लाख रुपये नकद लूट लिए गए। आरोपियों ने कर्मचारी का अपहरण कर उसे गुरुग्राम में छोड़ दिया और फरार हो गए।
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