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छायंसा में एक ही दिन में तीन बच्चों की मौत, एक पखवाड़े में सात बच्चों की जा चुकी है जान

Sat, 02 Oct 2021 10:24 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 02 Oct 2021 10:24 PM IST
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Three children died in a single day in Chhayansa, seven children have died in a fortnight
हथीन। गांव छायंसा में पिछले एक पखवाड़े में बुखार से सात बच्चों की मौत हो गई, जिनमें से तीन बच्चों की मौत एक ही दिन शुक्रवार को हुई। बच्चों की इतनी मौत होने के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मेडिकल अफसर महेश के नेतृत्व में सर्वेक्षण कर रही है।
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गांव निवासी मुश्ताक ने बताया कि शुक्रवार को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज नूंह में उपचार के दौरान एजाज की सात वर्षीया बेटी मुकशीरा एवं सम्मू की पुत्री मुंशीदा की मौत हो गई। शाकिर का तीन माह का बेटा दिलशान का पलवल के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पूर्व पिछले 15 दिनों के अंदर गांव में अनम, मिसकीना, अनम एवं एक अन्य बच्चे की मौत हो चुकी है। इससे गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। गांव में अभी भी सौ से ज्यादा बुखार के मरीज हैं, जोकि विभिन्न स्थानों पर इलाज करा रहे हैं। गांव में चारों तरफ बारिश पानी भरा है। गांव के अंदर गंदगी के ढेर भी लगे हैं। गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में मरीजों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। नए भवन के रास्तों में पानी भरा है। आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त डॉक्टर रिषभ गुप्ता आते नहीं हैं, उन्हें विभाग ने पलवल में अस्थायी ड्यूटी पर लगा रखा है। जबकि, दूसरे मेडिकल अफसर महेश गांव में अपनी टीम के साथ सर्वेक्षण कार्य में जुटे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त दोनों डॉक्टरों की तैनाती अविलंब की जाए।
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प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि गांव में सर्वेक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है। मौतें किन कारणों से हुई है, इसकी जांच की जा रही है। छायंसा निवासी नजमू ने बताया कि बुखार का प्रकोप पूरे गांव में है। विशेष रूप से बच्चे ज्यादा प्रभावित हैं। बुखार होते ही प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। सरकार को गांव के अंदर ही स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करनी चाहिए। गांव निवासी शहीद ने बताया कि गांव में हो रही मौतों से ग्रामीणों में भय है। बच्चे इस बुखार से उबर नहीं पा रहे हैं। गांव निवासी नासिर ने बताया कि उनकी बच्ची भी बुखार से जंग हार गई। पिछले सप्ताह उसकी मौत हो गई है। उन्होंने मांग की है कि पूरे गांव की सफाई कराई जाए और गांव के अंदर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
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