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शहर की सुंदरता पर कचरों का दाग
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पलवल। सुरक्षित पर्यावरण में साफ वातावरण की भी अहम भूमिका होती है। लेकिन जिस एजेंसी पर शहर को साफ सुथरा रखने की जिम्मेदारी है, वहीं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर आमादा है। शहर में पड़े कूड़े के ढेर, उनमें मुंह मारते लावारिस पशु, कूड़ेदान का न होना तथा जहां रखे हैं, वहां कूड़ेदान के बजाय सड़क पर गंदगी पड़ी रहना और आए दिन कूड़े में लगाई जाने वाली आग शहर के वातावरण को प्रदूषित कर रही है। इतना ही नहीं सड़कों पर बेची जा रही निर्माण सामग्री से सड़कों पर उड़ती धूल को रुकवाने में भी नगर परिषद फेल हो रही है। जिसका खामियाजा सीधे तौर पर शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
कहां-कहां पड़ी रहती है ज्यादा गंदगी
सोहना रोड पर विभिन्न स्थानों, रसूलपुर रोड, शेखपुरा मोहल्ला, रेलवे रोड, न्यू कॉलोनी, जवाहर नगर, हाउसिंग बोर्ड, पंचवटी कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, सल्लागढ़, नई बस्ती, कस्बा मोहल्ला, जैंदीपुरा, लाइनपुरा, गुप्ता गंज, सल्लागढ़ स्थित सरकारी स्कूल के गेट के बाहर तथा दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर जगह-जगह कूड़े के ढेर पड़े दिखाई देते हैं। शहर की रिहायशी कॉलोनियों में जहां गंदगी के ढेर है, वहां कूड़ेदान नहीं है।
कूड़ेदान में ही लगा देते हैं आग
शहर में जहां भी कूड़ा पड़ा है, वह कई-कई दिन तक उठाया नहीं जाता है। बल्कि उसमें आग लगा दी जाती है। सड़कों पर पड़ा रहने वाला यह कूड़ा सड़कों पर फैला रहता है। कभी उस कूड़े में नगर परिषद के सफाई कर्मी तो कभी लोग उसकी बदबू से तंग आकर उसमें आग लगा देते हैं। कूड़े में आग लगने से लगातार धुआं उठता है तथा पर्यावरण को हानि पहुंचाता है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।
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मुंह मारते रहते हैं लावारिस पशु
कूड़ेदानों में पड़ी गंदगी के कई-कई दिन तक न उठने के कारण उनमें लावारिस पशु मुंह मारते रहते हैं। वे भी उस गंदगी को आसपास फैलाकर वातावरण को प्रदूषित करते रहते हैं। पशुओं के कारण भी गंदगी इधर-उधर फैली रहती है।
कूड़ा निस्तारण केंद्र का अभाव
यही नहीं परिषद के लिए कूड़ा निस्तारण करना भी बड़ी चुनौती है। परिषद क्षेत्र में कोई निस्तारण केंद्र न होने से सफाई कर्मी कूड़े को खाली प्लॉटों में ही डालते रहते हैं। जरा सी हवा चलने पर कूड़े में रखी पॉलीथिन उड़ती रहती हैं, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं। वैसे जिला प्रशासन निस्तारण केंद्र के लिए जमीन तलाश रहा है, पर उसकी यह तलाश कब खत्म होगी और कब निस्तारण केंद्र बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है।
शहर में गंदगी का बुरा हाल है। चारों तरफ गंदगी के ढेर हैं। नगर परिषद का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। परिषद की लापरवाही के कारण ही शहर का वातावरण प्रदूषित रहता है। नगर परिषद को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
-हरीश कौशिक, पलवल
नगर परिषद को इसके लिए विशेष योजना बनानी चाहिए। कूड़ा निस्तारण के लिए सर्व प्रथम निस्तारण केंद्र का निर्माण हो, उसके लिए जगह सुनिश्चित की जाए। प्रतिदिन कूड़ा उठाया जाए। अब कूूड़ा उठाकर राजमार्ग पर डाला जा रहा है। कूड़े में आग लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। तभी जाकर शहर का वातावरण शुद्ध होगा।
-केशव देव मुंजाल, पूर्व्र चेयरमैन नगर परिषद पलवल
शहर को साफ सुथरा रखने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिदिन शहर के अंदर से कूड़ा उठवाया जा रहा है। कूड़े में आग लगाने वालों की पहचान की जा रही है तथा जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गंदगी के ढेरों को उठवाने के लिए आदेश दे दिए गए हैं। लोगों से भी अपील है कि वे गंदगी को सड़कों पर न डाले तथा घर-घर से कूड़ा उठाने आने वाली गंदगी को उसमें डाले।
मनोज यादव, कार्यकारी नगर परिषद पलवल
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कहां-कहां पड़ी रहती है ज्यादा गंदगी
सोहना रोड पर विभिन्न स्थानों, रसूलपुर रोड, शेखपुरा मोहल्ला, रेलवे रोड, न्यू कॉलोनी, जवाहर नगर, हाउसिंग बोर्ड, पंचवटी कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, सल्लागढ़, नई बस्ती, कस्बा मोहल्ला, जैंदीपुरा, लाइनपुरा, गुप्ता गंज, सल्लागढ़ स्थित सरकारी स्कूल के गेट के बाहर तथा दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर जगह-जगह कूड़े के ढेर पड़े दिखाई देते हैं। शहर की रिहायशी कॉलोनियों में जहां गंदगी के ढेर है, वहां कूड़ेदान नहीं है।
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कूड़ेदान में ही लगा देते हैं आग
शहर में जहां भी कूड़ा पड़ा है, वह कई-कई दिन तक उठाया नहीं जाता है। बल्कि उसमें आग लगा दी जाती है। सड़कों पर पड़ा रहने वाला यह कूड़ा सड़कों पर फैला रहता है। कभी उस कूड़े में नगर परिषद के सफाई कर्मी तो कभी लोग उसकी बदबू से तंग आकर उसमें आग लगा देते हैं। कूड़े में आग लगने से लगातार धुआं उठता है तथा पर्यावरण को हानि पहुंचाता है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।
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मुंह मारते रहते हैं लावारिस पशु
कूड़ेदानों में पड़ी गंदगी के कई-कई दिन तक न उठने के कारण उनमें लावारिस पशु मुंह मारते रहते हैं। वे भी उस गंदगी को आसपास फैलाकर वातावरण को प्रदूषित करते रहते हैं। पशुओं के कारण भी गंदगी इधर-उधर फैली रहती है।
कूड़ा निस्तारण केंद्र का अभाव
यही नहीं परिषद के लिए कूड़ा निस्तारण करना भी बड़ी चुनौती है। परिषद क्षेत्र में कोई निस्तारण केंद्र न होने से सफाई कर्मी कूड़े को खाली प्लॉटों में ही डालते रहते हैं। जरा सी हवा चलने पर कूड़े में रखी पॉलीथिन उड़ती रहती हैं, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं। वैसे जिला प्रशासन निस्तारण केंद्र के लिए जमीन तलाश रहा है, पर उसकी यह तलाश कब खत्म होगी और कब निस्तारण केंद्र बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है।
शहर में गंदगी का बुरा हाल है। चारों तरफ गंदगी के ढेर हैं। नगर परिषद का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। परिषद की लापरवाही के कारण ही शहर का वातावरण प्रदूषित रहता है। नगर परिषद को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
-हरीश कौशिक, पलवल
नगर परिषद को इसके लिए विशेष योजना बनानी चाहिए। कूड़ा निस्तारण के लिए सर्व प्रथम निस्तारण केंद्र का निर्माण हो, उसके लिए जगह सुनिश्चित की जाए। प्रतिदिन कूड़ा उठाया जाए। अब कूूड़ा उठाकर राजमार्ग पर डाला जा रहा है। कूड़े में आग लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। तभी जाकर शहर का वातावरण शुद्ध होगा।
-केशव देव मुंजाल, पूर्व्र चेयरमैन नगर परिषद पलवल
शहर को साफ सुथरा रखने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिदिन शहर के अंदर से कूड़ा उठवाया जा रहा है। कूड़े में आग लगाने वालों की पहचान की जा रही है तथा जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गंदगी के ढेरों को उठवाने के लिए आदेश दे दिए गए हैं। लोगों से भी अपील है कि वे गंदगी को सड़कों पर न डाले तथा घर-घर से कूड़ा उठाने आने वाली गंदगी को उसमें डाले।
मनोज यादव, कार्यकारी नगर परिषद पलवल