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Palwal News: प्रसव से 12 घंटे पहले ही गर्भ में हो चुकी थी नवजात की मौत
Mon, 13 Oct 2025 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Mon, 13 Oct 2025 11:31 PM IST
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-संबंधित डॉक्टर के खिलाफ जांच समिति गठित, परिजनों ने उठाए लापरवाही के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल के बाहर सड़क पर हुए प्रसव और नवजात की मौत के मामले में नई जानकारी सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि नवजात की मौत प्रसव से लगभग 12 घंटे पहले ही गर्भ में हो चुकी थी। गौरतलब है कि रविवार सुबह करीब 11 बजे एक गर्भवती महिला ने अस्पताल के बाहर सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के तुरंत बाद नवजात मृत पाया गया था। इस घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि यदि डॉक्टरों ने समय रहते इलाज शुरू किया होता तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
महिला के पति कृष्ण ने बताया कि वह अपनी गर्भवती पत्नी रेखा को लेकर जच्चा-बच्चा वार्ड पहुंचे थे। जांच के दौरान डॉक्टर ने बताया कि बच्चे की धड़कन सुनाई नहीं दे रही है और संभव है कि बच्चा जीवित न हो। डॉक्टर ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए तत्काल अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी थी। परिजनों का कहना है कि गर्भवती को तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी और किसी भी समय डिलीवरी हो सकती थी, इसलिए उन्होंने अल्ट्रासाउंड नहीं कराया।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुरेश बुरोलिया ने बताया कि घटना की रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पलवल। जिला नागरिक अस्पताल के बाहर सड़क पर हुए प्रसव और नवजात की मौत के मामले में नई जानकारी सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि नवजात की मौत प्रसव से लगभग 12 घंटे पहले ही गर्भ में हो चुकी थी। गौरतलब है कि रविवार सुबह करीब 11 बजे एक गर्भवती महिला ने अस्पताल के बाहर सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के तुरंत बाद नवजात मृत पाया गया था। इस घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि यदि डॉक्टरों ने समय रहते इलाज शुरू किया होता तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
महिला के पति कृष्ण ने बताया कि वह अपनी गर्भवती पत्नी रेखा को लेकर जच्चा-बच्चा वार्ड पहुंचे थे। जांच के दौरान डॉक्टर ने बताया कि बच्चे की धड़कन सुनाई नहीं दे रही है और संभव है कि बच्चा जीवित न हो। डॉक्टर ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए तत्काल अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी थी। परिजनों का कहना है कि गर्भवती को तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी और किसी भी समय डिलीवरी हो सकती थी, इसलिए उन्होंने अल्ट्रासाउंड नहीं कराया।
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डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुरेश बुरोलिया ने बताया कि घटना की रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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