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Palwal News: शहर में फोटो खिंचवाने तक ही सीमित है अभियान, मंत्री के जाते ही गायब हो जाते हैं सफाई कर्मी
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- शहर में अभियान तो चलते हैं पर नहीं दिखती सफाई व्यवस्था
- अभियान चलाने वाले मंत्री, विधायक के जाते ही गायब हो जाते हैं सफाई कर्मी
- शहर में जगह-जगह पड़े हैं गंदगी के ढेर, कोई उठाने वाला नहीं
- प्रतिदिन घरों से निकलता है 106 टन कूड़ा, 70 लाख रुपये महीना होता है खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मंत्री, विधायक, जिला प्रशासन व नगर परिषद की ओर से शहर में समय-समय पर स्वच्छता अभियान तो चलाए जाते हैं, लेकिन सफाई कहीं दिखाई नहीं देती। सफाई केवल अभियान वाले दिन कुछ देर तक दिखाई देती है, वह भी केवल उसी स्थान पर जहां अभियान की शुरूआत की जाती है। इसके अलावा न तो कहीं सफाई कर्मी नजर आता है और न ही सफाई होती दिखाई देती है। आज भी पूरा शहर गंदगी के ढेरों से अटा पड़ा है। जहां देखे गंदगी के ढेर नजर आते हैं, लेकिन यह न तो नगर परिषद अधिकारियों को दिखाई देता है और न ही मंत्री, विधायक व जिला प्रशासन को। अभियान चलाने के अलावा 70 लाख रुपये प्रति माह खर्च करने के बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप है।
अभी तीन दिन पहले भी शहर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान की शुरूआत पलवल के विधायक व हरियाणा के खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम द्वारा बस अड्डा चौक पर की गई। उस समय उपायुक्त सहित नगर परिषद तथा राजमार्ग प्राधिकरण के सभी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। अभियान के दौरान जब तक मंत्री मौके पर रहे अधिकारी वहीं हाजिरी मारते रहे, लेकिन उनके जाने के बाद शहर में कहीं भी सफाई नहीं की गई। जिसके चलते यह सफाई अभियान भी केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित रहा। वहीं,नगर परिषद के रिकार्ड के अनुसार शहर से रोजाना 106 टन कूड़ा निकलता है। यह कूड़ा पिछले पांच सालों से निरंतर निकल रहा है।
शहर में रहने वाले मुकेश धारीवाल, नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन नेत्रपाल तंवर व केशव देव मुंजाल का कहना है कि बरसात के मौसम में कूड़ा प्रति व्यक्ति 200 ग्राम और सर्दी व गर्मी के मौसम में प्रति व्यक्ति 50 ग्राम कूड़ा ही निकल पाता है। रेहड़ी-पटरी बाजार और अन्य भीड़ वाले इलाकों में भी प्रति व्यक्ति 200 ग्राम कूड़ानिकल पाता है। बिल्डिंग मैटेरियल का सामान बेचने वाले और कबाड़ी का काम करने वालों को भी शामिल किया जाए तो भी कूडा प्रति व्यक्ति 400 ग्राम नहीं होता। लेकिन हालात ये हैं कि शहर की सफाई व्यवस्था पर पूरी तरह से ग्रहण लगा हुआ है।
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शहर में नजर आते हैं जगह-जगह कूड़े के ढेर
शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग, सोहना रोड, किठवाड़ी रोड, रसूलपुर रोड, माल गोदाम रोड, रेलवे रोड, जवाहर नगर कैंप, सिविल लाइन कालोनी, न्यू कालोनी, पैंठ मोहल्ला, अलावलपुर चौक, आदर्श कालोनी, न्यू एक्स्टेंशन कॉलोनी, मोहन नगर, कैलाश नगर समेत अनेक स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। यह कूड़े के ढेर बीते लंबे समय से लगे हुए हैं। जिला प्रशासन की बैठकों में भी हर बार सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठता है
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शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने व गंदगी उठाने के लिए टेंडर छोड़ा जाना है। उसके लिए प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेजा हुआ है। वहां से अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। एस्टीमेट पास होकर आते ही ठेका छोड़ दिया जाएगा। फिलहाल गंदगी उठाने व घर-घर से कूड़ा उठाने का काम पुरानी कंपनी ही कर रही है। मैं स्वयं व्यक्तिगत रूप से प्रयास करूंगा व नया टेंडर छूटने तक सफाई व्यवस्था हो। इसके लिए सफाई निरीक्षक व अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। -डॉ. यशपाल, चेयरमैन नगर परिषद पलवल
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- अभियान चलाने वाले मंत्री, विधायक के जाते ही गायब हो जाते हैं सफाई कर्मी
- शहर में जगह-जगह पड़े हैं गंदगी के ढेर, कोई उठाने वाला नहीं
- प्रतिदिन घरों से निकलता है 106 टन कूड़ा, 70 लाख रुपये महीना होता है खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मंत्री, विधायक, जिला प्रशासन व नगर परिषद की ओर से शहर में समय-समय पर स्वच्छता अभियान तो चलाए जाते हैं, लेकिन सफाई कहीं दिखाई नहीं देती। सफाई केवल अभियान वाले दिन कुछ देर तक दिखाई देती है, वह भी केवल उसी स्थान पर जहां अभियान की शुरूआत की जाती है। इसके अलावा न तो कहीं सफाई कर्मी नजर आता है और न ही सफाई होती दिखाई देती है। आज भी पूरा शहर गंदगी के ढेरों से अटा पड़ा है। जहां देखे गंदगी के ढेर नजर आते हैं, लेकिन यह न तो नगर परिषद अधिकारियों को दिखाई देता है और न ही मंत्री, विधायक व जिला प्रशासन को। अभियान चलाने के अलावा 70 लाख रुपये प्रति माह खर्च करने के बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप है।
अभी तीन दिन पहले भी शहर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान की शुरूआत पलवल के विधायक व हरियाणा के खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम द्वारा बस अड्डा चौक पर की गई। उस समय उपायुक्त सहित नगर परिषद तथा राजमार्ग प्राधिकरण के सभी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। अभियान के दौरान जब तक मंत्री मौके पर रहे अधिकारी वहीं हाजिरी मारते रहे, लेकिन उनके जाने के बाद शहर में कहीं भी सफाई नहीं की गई। जिसके चलते यह सफाई अभियान भी केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित रहा। वहीं,नगर परिषद के रिकार्ड के अनुसार शहर से रोजाना 106 टन कूड़ा निकलता है। यह कूड़ा पिछले पांच सालों से निरंतर निकल रहा है।
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शहर में रहने वाले मुकेश धारीवाल, नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन नेत्रपाल तंवर व केशव देव मुंजाल का कहना है कि बरसात के मौसम में कूड़ा प्रति व्यक्ति 200 ग्राम और सर्दी व गर्मी के मौसम में प्रति व्यक्ति 50 ग्राम कूड़ा ही निकल पाता है। रेहड़ी-पटरी बाजार और अन्य भीड़ वाले इलाकों में भी प्रति व्यक्ति 200 ग्राम कूड़ानिकल पाता है। बिल्डिंग मैटेरियल का सामान बेचने वाले और कबाड़ी का काम करने वालों को भी शामिल किया जाए तो भी कूडा प्रति व्यक्ति 400 ग्राम नहीं होता। लेकिन हालात ये हैं कि शहर की सफाई व्यवस्था पर पूरी तरह से ग्रहण लगा हुआ है।
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शहर में नजर आते हैं जगह-जगह कूड़े के ढेर
शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग, सोहना रोड, किठवाड़ी रोड, रसूलपुर रोड, माल गोदाम रोड, रेलवे रोड, जवाहर नगर कैंप, सिविल लाइन कालोनी, न्यू कालोनी, पैंठ मोहल्ला, अलावलपुर चौक, आदर्श कालोनी, न्यू एक्स्टेंशन कॉलोनी, मोहन नगर, कैलाश नगर समेत अनेक स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। यह कूड़े के ढेर बीते लंबे समय से लगे हुए हैं। जिला प्रशासन की बैठकों में भी हर बार सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठता है
शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने व गंदगी उठाने के लिए टेंडर छोड़ा जाना है। उसके लिए प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेजा हुआ है। वहां से अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। एस्टीमेट पास होकर आते ही ठेका छोड़ दिया जाएगा। फिलहाल गंदगी उठाने व घर-घर से कूड़ा उठाने का काम पुरानी कंपनी ही कर रही है। मैं स्वयं व्यक्तिगत रूप से प्रयास करूंगा व नया टेंडर छूटने तक सफाई व्यवस्था हो। इसके लिए सफाई निरीक्षक व अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। -डॉ. यशपाल, चेयरमैन नगर परिषद पलवल