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ऑनलाइन होगा मरीजों का डाटा
ब्यूरो/अमर उजाला, पलवल
Updated Tue, 23 Feb 2016 10:11 PM IST
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सिविल अस्पताल में रोगियों की बीमारी और उसकी उपचार प्रक्रिया का डाटा ऑललाइन किया जा रहा है। इसके लिए एक यूएचआईडी नंबर कोड दिया जा रहा है। इसी कोड नंबर के जरिये मरीजों की बीमारी का डाटा ऑनलाइन होगा। ओपीडी पर्ची बनाते समय यह यूएचआईडी नंबर पेस्ट किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गत दिनों यह निर्णय लिया गया था कि रोगियों की बीमारी का सारा डाटा ऑनलाइन हो, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीज को प्रदेश के किसी और अस्पताल में रेफर किया जाए। इसके लिए उन्हें कागजों का झंझट ना उठाना पडे़। प्रदेश में यह पांचवां जिला अस्पताल है, जहां यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 31 मार्च तक प्रदेश के सभी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
क्या है यूएचआईडी नंबर कोड
योजना के अनुसार कोई भी रोगी सिविल अस्पताल में जब ओपीडी पर अपनी पर्ची कटवाएगा उसे एक यूएचआईडी नंबर कोड दिया जाएगा। इस कोड नंबर ये यह जानकारी प्राप्त की जा सकती है कि यह मरीज अस्पताल में किस दिन, किस बीमारी का इलाज कराने आया था और मरीज का इलाज किस डॉक्टर के द्वारा किया गया था। इलाज के दौरान मरीज को कौन सी दवाइयां दी गई थी। मरीज को इलाज के दौरान किस दवाई से आराम मिला था और कौन सी दवाई उसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सब जानकारी उपलब्ध रहेगी।
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सिविल अस्पताल में यह योजना शुरू कर दी गई है। सुविधा शुरू करने वाला पलवल पांचवां जिला है, इससे पूर्व गुड़गांव, पंचकूला, अंबाला व यमुनानगर को ऑनलाइन किया जा चुका है। इस योजना के बाद रोगी को केवल अपना यूएचआईडी कोड नंबर ध्यान रखना है। इस नंबर से प्रदेश के किसी भी अस्पताल में उसका डाटा सामने आ जाएगा। अस्पताल के सारे रिकार्ड ऑनलाइन करने के लिए 62 नए कंप्यूटर आ चुके हैं।
-डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सीएमओ, पलवल।
सरकार द्वारा चलाई गई यह योजना लाभदायक है। योजना के तहत अगर किसी दूसरे अस्पताल में जाकर इलाज कराना हो तो भी इलाज समय रहते शुरू हो जाएगा। इसके लिए रोगी को बीमारी संबंधित दस्तावेज एकत्र करने में लगने वाला समय भी बच जाएगा।
-सुनील रजोलका, सामाजिक कार्यकर्ता।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा गत दिनों यह निर्णय लिया गया था कि रोगियों की बीमारी का सारा डाटा ऑनलाइन हो, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीज को प्रदेश के किसी और अस्पताल में रेफर किया जाए। इसके लिए उन्हें कागजों का झंझट ना उठाना पडे़। प्रदेश में यह पांचवां जिला अस्पताल है, जहां यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 31 मार्च तक प्रदेश के सभी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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क्या है यूएचआईडी नंबर कोड
योजना के अनुसार कोई भी रोगी सिविल अस्पताल में जब ओपीडी पर अपनी पर्ची कटवाएगा उसे एक यूएचआईडी नंबर कोड दिया जाएगा। इस कोड नंबर ये यह जानकारी प्राप्त की जा सकती है कि यह मरीज अस्पताल में किस दिन, किस बीमारी का इलाज कराने आया था और मरीज का इलाज किस डॉक्टर के द्वारा किया गया था। इलाज के दौरान मरीज को कौन सी दवाइयां दी गई थी। मरीज को इलाज के दौरान किस दवाई से आराम मिला था और कौन सी दवाई उसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सब जानकारी उपलब्ध रहेगी।
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सिविल अस्पताल में यह योजना शुरू कर दी गई है। सुविधा शुरू करने वाला पलवल पांचवां जिला है, इससे पूर्व गुड़गांव, पंचकूला, अंबाला व यमुनानगर को ऑनलाइन किया जा चुका है। इस योजना के बाद रोगी को केवल अपना यूएचआईडी कोड नंबर ध्यान रखना है। इस नंबर से प्रदेश के किसी भी अस्पताल में उसका डाटा सामने आ जाएगा। अस्पताल के सारे रिकार्ड ऑनलाइन करने के लिए 62 नए कंप्यूटर आ चुके हैं।
-डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सीएमओ, पलवल।
सरकार द्वारा चलाई गई यह योजना लाभदायक है। योजना के तहत अगर किसी दूसरे अस्पताल में जाकर इलाज कराना हो तो भी इलाज समय रहते शुरू हो जाएगा। इसके लिए रोगी को बीमारी संबंधित दस्तावेज एकत्र करने में लगने वाला समय भी बच जाएगा।
-सुनील रजोलका, सामाजिक कार्यकर्ता।