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नहीं हो सका नगीना तिजारा फोर लेन निर्माण
अमर उजाला, पलवल
Updated Tue, 24 Sep 2013 11:31 PM IST
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सरकार और स्थानीय प्रशासन की नजरों में कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी की बातों का कोई महत्व नहीं।
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यही वजह है कि सवा दो साल पहले उनके द्वारा नगीना-तिजारा फोर लेन सड़क के निर्माण की घोषणा अब तक अमल में नहीं आई है। जबकि सप्रंग अध्यक्ष दो अक्तूबर को फिर यहां आने वाली है।
ऐसे में उनसे एक बार फिर मेवात की तरक्की की उम्मीद बंध गई है। इससे पहले सोनिया गांधी एक जून 2011 को मेवात के गांव मांडीखेड़ा से राष्ट्रीय शिशु जननी सुरक्षा योजना की शुरुआत करने यहां आई थीं।
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उसी दौरान उन्हाेंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में ग्रामीणों की दशकों पुरानी नगीना-तिजारा सड़क बनाने की मांग को मानने का ऐलान किया था।
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2 अक्तूबर के प्रस्तावित यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दौरे से मेवात वासियों को उम्मीद बंधी है। यहां के हसन खां मेवात मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया मेवात आ रही हैं। गांव घागस के चौ. दियाला, नोटकी सरपंच उमर मोहम्मद, गुमट सरपंच चंद्रखां का कहना कि प्रदेश सरकार नगीना-तिजारा रोड बनाने में देरी कर रही है जबकि सर्वे कई बार पूरा किया जा चुका है।
चार बार हुआ सर्वे-
नगीना-तिजारा मार्ग को फोर लेन बनाने के लिए चार बार सर्वे हो चुका है। आखिरी बार सर्वेक्षण जुलाई 2012 को किया गया था। खास बात यह है कि इस पर लाखों रुपये खर्च कर दिए गए पर सड़क निर्माण में एक पत्थर भी नहीं लगा। सड़क निर्माण के लिए चार बार प्रपोजल भी बना।
नगीना से वाया तिजारा 39 किलोमीटर की दूरी है। नगीना से नोटकी वाया तिजारा पहाड़ कटने से दूरी महज 15 किलोमीटर रह जाएगी। जबकि नगीना से अलवर फिलहाल 75 किलोमीटर दूरी है। नोटकी से तिजारा सड़क बनने पर अलवर की दूरी 60 किलोमीटर रह जाएगी। फिलहाल नगीना से तिजारा पहुंचने के लिए 45 रुपये किराया और तीन घंटे का समय लगता है।
तिजारा से नगीना पिनगवां और फिरोजपुर झिरका बड़े कस्बों में सब्जियां बड़े पैमाने पर आयात होती हैं। दूसरे शहरों से सब्जियां लाने में दोगुना खर्च करना पड़ता है।
नगीना के आढ़ती कन्हैयालाल, जवाहर, नंजू, समसुद्दीन, बिट्टू, सतपाल सैनी, संजय ने बताया कि अभी गुड़गांव, नौगांव, होडल, आगरा, मथुरा, दिल्ली, फरीदाबाद, पलवल से सब्जियां खरीद कर लाते हैं।
नगीना-तिजारा सड़क बनने से मेवात के 443 गांवों को सीधे तौर पर फायदा होगा। इससेे रोजगार के रास्ते खुलेंगे। तिजारा के आसपास लगने वाले कारखाने में हजारों बेरोजगाराें को रोजगार उपलब्ध होगा।