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खेतों में बाजरा, रिकॉर्ड में धान की फसल

Thu, 14 Oct 2021 10:30 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 14 Oct 2021 10:30 PM IST
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Millet in the fields, paddy crop in record
पलवल (अनूप पाराशर)। डीसी साहब! हमारे खेत में फसल तो बाजरा की है, लेकिन मंडी के रिकॉर्ड में फसल धान की चढ़ाई हुई है। आप ही अब हमें बता दें कि हमारा बाजरा कैसे बिकेगा। क्योंकि रस्टिर्ड फसल धान की है और वह हमारे पास है नहीं। ऐसे में हम अपनी बाजरा की फसल कहां लेकर जाएं। यह कहना है गांव जोहरखेड़ा के किसान महेश, सुंदर, जगत व सूरज का। जिले में केवल ये ही किसान नहीं है, बल्कि अन्य गांवों में भी यही हाल है। ऐसा मार्केटिंग विभाग, पटवारियों व आढ़तियों द्वारा मिलीभगत कर किसानों की पोर्टल पर दर्ज की गई फसल के चलते हुआ है।
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भ्रष्टाचार जिले में किस कदर फैला हुआ है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। किसान अब खेतों में बोई गई बाजरा की फसल को बेचने के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पोर्टल व रिकॉर्ड में धान की फसल दर्ज होने के कारण बाजरा नहीं बिक पा रहा है। ऐसे में किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर बाजरा बेचना पड़ रहा है।
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जिले में राजस्व विभाग, मार्केटिंग बोर्ड तथा राइस मिलर्स ने आपसी मिलीभगत कर गांवों में किसानों के खेतों में खड़ी फसल को गलत तरीके से चढ़ा दिया है। कहीं-कहीं तो किसानों के खेत पूरी तरह से खाली दिखाकर यह दर्शाया गया है कि इन खेतों में किसानों द्वारा इस बार कोई फसल नहीं बोई गई, जबकि खेतों में इस बार बाजरा की फसल बोई गई थी। इस तरह से किसानों की जमीन को गलत तरीके से दर्शाकर किसानों के साथ बड़ा धोखा हुआ है। हालांकि अब इस मामले में उपायुक्त के आदेश पर जांच तो शुरू कर दी गई है, लेकिन किसान उस जांच से संतुष्ट नहीं है। किसानों का कहना है कि जांच तो हर बार होती है, लेकिन पहले उनका समाधान किया जाए। ताकि मंडियों में उनकी बाजरा की फसल सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य पर बिक सके। संवाद
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कुछ खेत खाली भी दिखाई
गांव जोहरखेड़ा निवासी किसान सुंदर, महेश, जगत व सूरज का कहना है कि खेतों में बाजरा बोया था, लेकिन अधिकारियों ने मिल मालिकों से मिलकर उनके खेत की सर्वे दिखाते हुए बाजरा की जगह धान, सब्जी की फसल दिखा दी है। इसके अलावा कुछ खेत खाली दिखा दिए हैं। उन्होंने बताया कि करीब 10 एकड़ जमीन पूरी तरह से खाली दिखाई गई है, जबकि अन्य खेतों में धान की फसल दिखाई गई है। उनके अनुसार जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई तो वे अधिकारियों से मिले, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। आरोप है कि ऐसा कर किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है, जबकि अधिकारी व निजी व्यापारी घोटाला कर सरकार को चंपत लगा रहे हैं। बाद में उनके नाम पर दर्शाए गए धान की फसल को उत्तर प्रदेश से मंगवाकर बेचा दिखा दिया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में जांच की जाए।
गांव जोहरखेड़ा में किसानों की जमीन में खड़ी बाजरा की फसल को धान के रूप में दिखाकर किसानों से धोखा किया गया है। इस बारे में सरपंच होने के नाते उपायुक्त से भी शिकायत की है। यदि इस समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को सारे रिकॉर्ड दिखाऊंगा तथा अधिकारियों द्वारा की जा रही भ्रष्टाचार के मामलों की पोल खोलूूंगा। किसानों को खुलकर लूटा जा रहा है।

-बिजेंद्र डागर, सरपंच गांव जोहरखेड़ा
रजिस्टर्ड कराई गई फसल में फसलों की अदलाबदली पाई गई। इसकी जानकारी मिलते ही जांच शुरू करा दी गई है। जल्द ही इस मामले में खुलासा होते ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पलवल जिले में इस तरह के खेल पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी।
-कृष्ण कुमार, उपायुक्त पलवल
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