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मिड-डे मील कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Dec 2016 04:44 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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कर्मचारी नेता व सीटू के जिलाध्यक्ष श्रीपाल भाटी ने कहा है कि सरकार कर्मचारियों के साथ शोषण की नीति पर चल रही है। वे सोमवार को लघु सचिवालय पर मिड-डे मील वर्कर यूनियन की ओर से आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान संतोष देवी ने की व संचालन सीता ने किया।
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कर्मचारी नेता भाटी, सचिव भागीरथ व अन्य वक्ताओं ने कहा कि हरियाणा में लगे आउट सोर्सिंग, कच्चे ठेका कर्मचारियों, गेस्ट टीचर आंगनबाड़ी व आशा वर्करों तथा कंप्यूटर प्रोफेशनलों आदि के वेतनमान/मानदेय में 2.57 के फॉर्मूले के वेतन वृद्धि पर कितना खर्च आएगा, इसकी रिपोर्ट संयुक्त सचिव व उपसचिव (वित्त हरियाणा) से मांगी गई है। सरकार यह कवायद हरियाणा के स्थायी कर्मचारियों को दिये गये 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू होने की संगति में कर रही है। लेकिन शिक्षा विभाग से मिड-डे मील में कार्यरत लगभग 32000 गरीब महिलाओं, जिसमें अधिकतर विधवा हैं की बढ़ोतरी का कोई पत्र नहीं लिखा गया। इसलिए मिड-डे मील का कर्मचारी आज पूरे प्रदेश में सड़कों पर हैं।
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मिड डे मील के वर्करों को वर्ष में केवल 10 महीने का वेतन मिलता है वह भी 3 से 4 महीने बीतने के बाद। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की गई है कि सभी मिड-डे मील वर्करों को पक्का किया जाए और जब तक पक्के होने की प्रक्रिया पूरी होती है, तब तक 18000 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन दिया जाए। धरने के बाद सीएम मनोहर लाल के राजनीतिक सचिव दीपक मंगला को ज्ञापन दिया गया व शहर में प्रदर्शन किया गया। धरने को सोनबती, पुष्पा, उर्मिल रावत, आशा देवी, संतोष देवी हसनपुर, सुरेश, मामचंद, महेंद्र, सरोज व सीटू के नेता उदयवीर तथा किशनचंद शर्मा ने भी संबोधित किया।
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