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Palwal News: मुंबई में सड़क हादसे में जमालगढ़ के ट्रक चालक की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। गांव जमालगढ़ निवासी 30 वर्षीय मुस्ताक पुत्र अय्यूब की रविवार सुबह मुंबई में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे की खबर गांव में पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई और मृतक के घर पर परिजनों व ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।मृतक के परिजन सैफुल्ला ने बताया कि मुस्ताक ट्रक चालक था और वाहन चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। रविवार सुबह अचानक उसका ट्रक एक बस से टकरा गया। हादसा इतना भीषण था कि मुस्ताक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन शव को घर लाने की तैयारी में जुट गए हैं। बताया गया है कि शव देर रात या सोमवार सुबह तक गांव पहुंच सकता है, जिसके बाद उसे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।परिजनों के अनुसार, मुस्ताक के पीछे उसकी पत्नी और छह बेटियां हैं। हादसे ने परिवार से उसका एकमात्र सहारा छीन लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि मुस्ताक मेहनत-मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहा था।
छह बेटियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस पिता के सहारे बेटियां अपने भविष्य के सपने देख रही थीं, आज उसी पिता के बिछड़ने से घर में खुशियों की जगह मातम छा गया है।
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पिनगवां। गांव जमालगढ़ निवासी 30 वर्षीय मुस्ताक पुत्र अय्यूब की रविवार सुबह मुंबई में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे की खबर गांव में पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई और मृतक के घर पर परिजनों व ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।मृतक के परिजन सैफुल्ला ने बताया कि मुस्ताक ट्रक चालक था और वाहन चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। रविवार सुबह अचानक उसका ट्रक एक बस से टकरा गया। हादसा इतना भीषण था कि मुस्ताक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन शव को घर लाने की तैयारी में जुट गए हैं। बताया गया है कि शव देर रात या सोमवार सुबह तक गांव पहुंच सकता है, जिसके बाद उसे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।परिजनों के अनुसार, मुस्ताक के पीछे उसकी पत्नी और छह बेटियां हैं। हादसे ने परिवार से उसका एकमात्र सहारा छीन लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि मुस्ताक मेहनत-मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहा था।
छह बेटियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस पिता के सहारे बेटियां अपने भविष्य के सपने देख रही थीं, आज उसी पिता के बिछड़ने से घर में खुशियों की जगह मातम छा गया है।
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