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जान गंवाकर चुकानी पड़ी फेसबुक पर अंजान महिला से दोस्ती की कीमत
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पलवल। फेसबुक पर इन दिनों कुछ ऐसे साइबर ठग सक्रिय हैं जो महिला के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। लोगों का अश्लील वीडियो व फोटो लेकर झूठे केस में फंसाने का डर दिखाकर आरोपी लाखों की ठगी कर देते हैं। शिकार को इतना मानसिक व आर्थिक रुप से प्रताड़ित करते हैं कि वह अपनी जिंदगी से ही हार मान जाता है। ऐसा ही एक मामला पलवल के राजीव नगर में सामने आया है, जहां साइबर ठगों का शिकार हुए कैफे संचालक ने 17 फरवरी को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। ठगों ने संचालक से तीन लाख रुपये भी ऐंठ लिए। संचालक की मौत के बाद भी आरोपी रुपयों की मांग कर रहे हैं। कैंप थाना पुलिस ने युवक की पत्नी शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
किठवाड़ी पुलिस चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रीतम सिंह के अनुसार अलीगढ़ रोड स्थित राजीव नगर निवासी कृष्णा उर्फ कविता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि वह ब्यूटी पार्लर चलाती है। उनके पति विजयपाल ने गोपाल साइबर कैफे खोल रखा था। विजयपाल कुछ दिन से परेशान रहते थे, पूछने पर बताया कि एक महिला से उसकी फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। महिला ने वीडियो कॉल के जरिये उसकी आपत्तिजनक वीडियो बना ली, जिसे वे फेसबुक पर वायरल करने की धमकी दे रहे हैं। बार-बार फोन करके झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। बार-बार रुपयों की मांग करते हैं। वह कई बार में करीब तीन लाख रुपये फोन पे के जरिये डाल चुका है। पत्नी ने पुलिस को शिकायत देने के लिए कहा तो विजय पाल ने बताया कि वे झूठे मुकदमे में फंसा देगा। वीडियो वायरल होने के डर से विजयपाल ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने 174 की कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। दूसरे दिन 18 फरवरी को मृतक विजयपाल की विधवा ने इस बारे में पुलिस को शिकायत दी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों द्वारा अभी फोन पर रुपयों की मांग की जा रही है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों का सुराग लगाकर जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पहले भी हो चुके हैं मामले दर्ज
फेसबुक पर दोस्ती कर ठगी का शिकार बनाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पलवल के विभिन्न थानों में इस प्रकार के मामले दर्ज हो चुके हैं। करीब 15 दिन पूर्व ही चांदहट थाना पुलिस ने गांव बड़ौली निवासी व्यक्ति से लाखों की ठगी करने का मामला दर्ज किया था, जिसमें अभी आरोपियों के बारे में पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है। इसके अलावा काफी लोग बदनामी के डर से ठगी की शिकायत ही पुलिस थानों में नहीं देते।
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इस तरह बनाते हैं ठगी के शिकार
फेसबुक पर दोस्ती कर ठगी का शिकार बनाने वाला गिरोह संयोजित तरीके से काम करते हैं। सबसे पहले महिला के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती है। रिक्वेस्ट स्वीकार करते ही गिरोह सक्रिय हो जाता है। कुछ देर बाद ही शिकार के पास संदेश भेजते हैं। उसके बाद महिला की अश्लील फोटो भेजी जाती है। इसके बाद वीडियो कॉल आती है, जिसमें बिना कपड़ों के महिला दिखाई देती है तथा पीड़ित को भी कपड़े उतारने के लिए उत्तेजित किया जाता है। इसके बाद वीडियो रिकॉर्ड कर ली जाती है और फिर ब्लैकमेलिंग का दौर शुरू होता है।
सीआईए व पुलिस अधिकारी बन करते हैं फोन
सबसे पहले महिला द्वारा रुपयों की मांग की जाती है। जब पीड़ित उसकी आईडी को ब्लॉक कर देता है तो सीआईए व पुलिस अधिकारी बनकर फोन किया जाता है। फोन पर झूठे मुकदमे फंसाने का डर दिखाया जाता है और समझौते के नाम पर रुपयों की मांग की जाती है। शिकार रुपये भी दे देता है। व्यक्ति को फंसता देख रुपयों की मांग भी बढ़ जाती है। रुपयों न देने पर अश्लील वीडियो को फेसबुक पर अपलोड कर दिया जाता है।
पुलिस को दे तुरंत सूचना
पुलिस की साइबर शाखा द्वारा बार-बार स्कूलों व कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित जागरूक किया जाता है। साइबर शाखा प्रभारी विनोद कुमार के अनुसार यदि कोई इस तरह की ठगी का शिकार होता है तो मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दे। पुलिस आपकी हर संभव मदद करेगी और आपको मानसिक, सामाजिक व आर्थिक नुकसान होने से बचाएगी।
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किठवाड़ी पुलिस चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रीतम सिंह के अनुसार अलीगढ़ रोड स्थित राजीव नगर निवासी कृष्णा उर्फ कविता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि वह ब्यूटी पार्लर चलाती है। उनके पति विजयपाल ने गोपाल साइबर कैफे खोल रखा था। विजयपाल कुछ दिन से परेशान रहते थे, पूछने पर बताया कि एक महिला से उसकी फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। महिला ने वीडियो कॉल के जरिये उसकी आपत्तिजनक वीडियो बना ली, जिसे वे फेसबुक पर वायरल करने की धमकी दे रहे हैं। बार-बार फोन करके झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। बार-बार रुपयों की मांग करते हैं। वह कई बार में करीब तीन लाख रुपये फोन पे के जरिये डाल चुका है। पत्नी ने पुलिस को शिकायत देने के लिए कहा तो विजय पाल ने बताया कि वे झूठे मुकदमे में फंसा देगा। वीडियो वायरल होने के डर से विजयपाल ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने 174 की कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। दूसरे दिन 18 फरवरी को मृतक विजयपाल की विधवा ने इस बारे में पुलिस को शिकायत दी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों द्वारा अभी फोन पर रुपयों की मांग की जा रही है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों का सुराग लगाकर जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पहले भी हो चुके हैं मामले दर्ज
फेसबुक पर दोस्ती कर ठगी का शिकार बनाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पलवल के विभिन्न थानों में इस प्रकार के मामले दर्ज हो चुके हैं। करीब 15 दिन पूर्व ही चांदहट थाना पुलिस ने गांव बड़ौली निवासी व्यक्ति से लाखों की ठगी करने का मामला दर्ज किया था, जिसमें अभी आरोपियों के बारे में पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है। इसके अलावा काफी लोग बदनामी के डर से ठगी की शिकायत ही पुलिस थानों में नहीं देते।
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इस तरह बनाते हैं ठगी के शिकार
फेसबुक पर दोस्ती कर ठगी का शिकार बनाने वाला गिरोह संयोजित तरीके से काम करते हैं। सबसे पहले महिला के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती है। रिक्वेस्ट स्वीकार करते ही गिरोह सक्रिय हो जाता है। कुछ देर बाद ही शिकार के पास संदेश भेजते हैं। उसके बाद महिला की अश्लील फोटो भेजी जाती है। इसके बाद वीडियो कॉल आती है, जिसमें बिना कपड़ों के महिला दिखाई देती है तथा पीड़ित को भी कपड़े उतारने के लिए उत्तेजित किया जाता है। इसके बाद वीडियो रिकॉर्ड कर ली जाती है और फिर ब्लैकमेलिंग का दौर शुरू होता है।
सीआईए व पुलिस अधिकारी बन करते हैं फोन
सबसे पहले महिला द्वारा रुपयों की मांग की जाती है। जब पीड़ित उसकी आईडी को ब्लॉक कर देता है तो सीआईए व पुलिस अधिकारी बनकर फोन किया जाता है। फोन पर झूठे मुकदमे फंसाने का डर दिखाया जाता है और समझौते के नाम पर रुपयों की मांग की जाती है। शिकार रुपये भी दे देता है। व्यक्ति को फंसता देख रुपयों की मांग भी बढ़ जाती है। रुपयों न देने पर अश्लील वीडियो को फेसबुक पर अपलोड कर दिया जाता है।
पुलिस को दे तुरंत सूचना
पुलिस की साइबर शाखा द्वारा बार-बार स्कूलों व कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित जागरूक किया जाता है। साइबर शाखा प्रभारी विनोद कुमार के अनुसार यदि कोई इस तरह की ठगी का शिकार होता है तो मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दे। पुलिस आपकी हर संभव मदद करेगी और आपको मानसिक, सामाजिक व आर्थिक नुकसान होने से बचाएगी।