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संशोधित: जिले में बुखार का प्रकोप जारी, अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की संख्या
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बुखार से एक महिला और दो बच्चियों की मौत
डब्ल्यूएचओे की टीम भी चिल्ली गांव पहुंची, हालात की समीक्षा की
जिले में बुखार का प्रकोप जारी, अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की संख्या, दवाइयों का अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। बुखार से जिले के गांवों में मौत भी लगातार हो रही हैं। सोमवार की देर रात जहां होडल उपमंडल के गांव सौंदहद में पांच वर्षीय बच्ची की बुखार से मौत हो गई, वहीं मंगलवार को चिल्ली में दो माह की बच्ची तथा हथीन शहर में 55 वर्षीय महिला की बुखार से मौत हो गई।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के उत्तर भारत के प्रभारी डॉक्टर विशेष कुमार ने भी मंगलवार को गांव चिल्ली का दौरा किया। उनके साथ डॉक्टर संजीव तंवर भी रहे। विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम ने ग्रामीणों से बात की। इसके अतिरिक्त मौतों का विवरण लिया। उन्होंने गांव में चिकित्सा कर रहे स्वास्थ्य अधिकारियों से भी बात की व दिशा निर्देश भी दिए। टीम ने ग्रामीणों से साफ सफाई रखने पर विशेष ध्यान देने की भी अपील भी की।
बता दें, बुखार से लगातार हो रही इन मौतों से जिले में लोगों के अंदर भय बना हुआ है। एक तरफ जहां निजी अस्पताल व निजी लैब संचालकों की रिपोर्ट के आधार पर मृतकों के परिजन व ग्रामीण मौत का कारण डेंगू बता रहे हैं, वहीं अभी भी स्वास्थ्य विभाग डेंगू से मौत होने की बात नकार रहा है। वहीं जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में दिन रोज बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अकेले जिला नागरिक अस्पताल में ही प्रतिदिन एक हजार के करीब बुखार से ग्रस्त मरीज दवा लेने पहुंच रहे हैं। उसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बने सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में भी इतने ही मरीज बुखार से ग्रस्त पहुंच रहे हैं।
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नहीं मिल रही सरकारी अस्पतालों में दवाइयां
जिला नागरिक अस्पताल सहित जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी भी बनी हुई है। अस्पतालों में मरीजों की जांच करने वाले डॉक्टर जो दवाइयां लिख रहे हैं, वे दवाइयां अस्पताल के अंदर स्थित दवा स्टोर पर नहीं है। इस कारण मरीजों को दवाइयां अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर से लेनी पड़ रही हैं। खास बात यह है कि बाहर भी केवल एक-दो मेडिकल स्टोर पर ही वे दवाइयां उपलब्ध हैं, जो सरकारी अस्पताल के डॉक्टर लिख रहे हैं। इसे लेकर लोगों में रोष बना हुआ है।
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अधिकारियों ने चिल्ली गांव का दौरा किया
चिल्ली गांव में फैले बुखार तथा बुखार से हो रही मौत की जानकारी मिलने के बाद हथीन के एसडीएम लक्ष्मी नारायण तथा जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने दौरा किया। एसडीएम ने वहां पहुंचकर ग्रामीणों से बात की तथा बुखार से मरने वालों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। गांव में लगातार ओपीडी की जा रही है तथा हर घर में जाकर स्वास्थ्य कर्मी लोगों की जांच कर रहे हैं। घरों में ही लोगों को दवाइयां पहुंचाई जा रही है। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने स्वयं अपने हाथों से एक बुजुर्ग को बुखार से बचाव के लिए इंजेक्शन लगाया तथा दवाइयां दी। उधर पलवल जिला नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. लोकवीर व डॉ. अजय मॉम ने अस्पताल में भर्ती बुखार के मरीजों से मुलाकात की तथा उनका हाल पूछा। उनसे समस्याएं जानी। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को बुखार के मरीजों की सही देखभाल करने के निर्देश दिए।
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अब तक चिल्ली मेंहो चुकी हैं 10 मौतें
हथीन उपमंडल के गांव चिल्ली के ग्रामीणों की माने तो एक माह के अंदर बुखार से ही करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है तथा सैकड़ों लोग आज भी बुखार से ग्रस्त हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जितने भी लोगों की बुखार से मौत हुई है, उनके अंदर डेंगू के लक्षण थे। इसकी पुष्टि उनके द्वारा निजी लैब पर कराई गई जांच रिपोर्ट में हुई। गांव निवासी खुर्शीद व असलम का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग इस बात को मानने को तैयार नहीं है। साथ ही मौत क्यों हो रही है, इसका उनके पास कोई जवाब नहीं है। उन्होंने बताया कि हथीन उपमंडल में स्वास्थ्य सेवाएं नाकाफी हैं। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जाए। उटावड निवासी उमर मोहम्मद का कहना है कि उटावड पीएचसी पर दवाइयां तक नहीं मिलती। अन्य सुविधाएं तो दूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मंगलवार को भी गांव के जफरू की दो माह की बच्ची तरन्नुम की बुखार से मौत हुई है। वहीं हथीन शहर में भी 55 वर्षीया प्रौढ़ महिला योगेश कुमारी की बुखार से मौत हो गई। उसे चार दिन पहले बुखार आया था। उसे हथीन के एक निजी क्लीनिक में दिखाया गया। आराम नहीं हुआ तो उसको फरीदाबाद स्थित अस्पताल में ले जाया गया।
होडल उपमंडल के सबसे बड़े गांव सौंदहद में सोमवार की देर रात पांच वर्षीय बच्ची अनन्या की मौत हो गई। उसके पिता संतराम ने बताया कि उनकी बेटी को तीन दिन पहले बुखार आया। दवाइयां भी दिलवाईं, लेकिन सोमवार को उसकी मौत हो गई।
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फोटो 14 पीएएलपी-17,18,19,20 में है।
कैप्शन: 17- हथीन के गांव चिल्ली में बुखार के एक मरीज को इंजेक्शन लगाते सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह
कैप्शन: 18- होडल एक बुखार से ग्रस्त बच्चों की जांच करते डॉक्टर
कैप्शन: 19- पलवल में दवाइयां लेने के लिए लगी बुखार से ग्रस्त मरीजों की लाइन
कैप्शन: 20- पलवल जिला नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करते हुए वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. लोकवीर
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डब्ल्यूएचओे की टीम भी चिल्ली गांव पहुंची, हालात की समीक्षा की
जिले में बुखार का प्रकोप जारी, अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की संख्या, दवाइयों का अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। बुखार से जिले के गांवों में मौत भी लगातार हो रही हैं। सोमवार की देर रात जहां होडल उपमंडल के गांव सौंदहद में पांच वर्षीय बच्ची की बुखार से मौत हो गई, वहीं मंगलवार को चिल्ली में दो माह की बच्ची तथा हथीन शहर में 55 वर्षीय महिला की बुखार से मौत हो गई।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के उत्तर भारत के प्रभारी डॉक्टर विशेष कुमार ने भी मंगलवार को गांव चिल्ली का दौरा किया। उनके साथ डॉक्टर संजीव तंवर भी रहे। विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम ने ग्रामीणों से बात की। इसके अतिरिक्त मौतों का विवरण लिया। उन्होंने गांव में चिकित्सा कर रहे स्वास्थ्य अधिकारियों से भी बात की व दिशा निर्देश भी दिए। टीम ने ग्रामीणों से साफ सफाई रखने पर विशेष ध्यान देने की भी अपील भी की।
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बता दें, बुखार से लगातार हो रही इन मौतों से जिले में लोगों के अंदर भय बना हुआ है। एक तरफ जहां निजी अस्पताल व निजी लैब संचालकों की रिपोर्ट के आधार पर मृतकों के परिजन व ग्रामीण मौत का कारण डेंगू बता रहे हैं, वहीं अभी भी स्वास्थ्य विभाग डेंगू से मौत होने की बात नकार रहा है। वहीं जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में दिन रोज बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अकेले जिला नागरिक अस्पताल में ही प्रतिदिन एक हजार के करीब बुखार से ग्रस्त मरीज दवा लेने पहुंच रहे हैं। उसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बने सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में भी इतने ही मरीज बुखार से ग्रस्त पहुंच रहे हैं।
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नहीं मिल रही सरकारी अस्पतालों में दवाइयां
जिला नागरिक अस्पताल सहित जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी भी बनी हुई है। अस्पतालों में मरीजों की जांच करने वाले डॉक्टर जो दवाइयां लिख रहे हैं, वे दवाइयां अस्पताल के अंदर स्थित दवा स्टोर पर नहीं है। इस कारण मरीजों को दवाइयां अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर से लेनी पड़ रही हैं। खास बात यह है कि बाहर भी केवल एक-दो मेडिकल स्टोर पर ही वे दवाइयां उपलब्ध हैं, जो सरकारी अस्पताल के डॉक्टर लिख रहे हैं। इसे लेकर लोगों में रोष बना हुआ है।
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अधिकारियों ने चिल्ली गांव का दौरा किया
चिल्ली गांव में फैले बुखार तथा बुखार से हो रही मौत की जानकारी मिलने के बाद हथीन के एसडीएम लक्ष्मी नारायण तथा जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने दौरा किया। एसडीएम ने वहां पहुंचकर ग्रामीणों से बात की तथा बुखार से मरने वालों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। गांव में लगातार ओपीडी की जा रही है तथा हर घर में जाकर स्वास्थ्य कर्मी लोगों की जांच कर रहे हैं। घरों में ही लोगों को दवाइयां पहुंचाई जा रही है। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने स्वयं अपने हाथों से एक बुजुर्ग को बुखार से बचाव के लिए इंजेक्शन लगाया तथा दवाइयां दी। उधर पलवल जिला नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. लोकवीर व डॉ. अजय मॉम ने अस्पताल में भर्ती बुखार के मरीजों से मुलाकात की तथा उनका हाल पूछा। उनसे समस्याएं जानी। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को बुखार के मरीजों की सही देखभाल करने के निर्देश दिए।
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अब तक चिल्ली मेंहो चुकी हैं 10 मौतें
हथीन उपमंडल के गांव चिल्ली के ग्रामीणों की माने तो एक माह के अंदर बुखार से ही करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है तथा सैकड़ों लोग आज भी बुखार से ग्रस्त हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जितने भी लोगों की बुखार से मौत हुई है, उनके अंदर डेंगू के लक्षण थे। इसकी पुष्टि उनके द्वारा निजी लैब पर कराई गई जांच रिपोर्ट में हुई। गांव निवासी खुर्शीद व असलम का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग इस बात को मानने को तैयार नहीं है। साथ ही मौत क्यों हो रही है, इसका उनके पास कोई जवाब नहीं है। उन्होंने बताया कि हथीन उपमंडल में स्वास्थ्य सेवाएं नाकाफी हैं। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जाए। उटावड निवासी उमर मोहम्मद का कहना है कि उटावड पीएचसी पर दवाइयां तक नहीं मिलती। अन्य सुविधाएं तो दूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मंगलवार को भी गांव के जफरू की दो माह की बच्ची तरन्नुम की बुखार से मौत हुई है। वहीं हथीन शहर में भी 55 वर्षीया प्रौढ़ महिला योगेश कुमारी की बुखार से मौत हो गई। उसे चार दिन पहले बुखार आया था। उसे हथीन के एक निजी क्लीनिक में दिखाया गया। आराम नहीं हुआ तो उसको फरीदाबाद स्थित अस्पताल में ले जाया गया।
होडल उपमंडल के सबसे बड़े गांव सौंदहद में सोमवार की देर रात पांच वर्षीय बच्ची अनन्या की मौत हो गई। उसके पिता संतराम ने बताया कि उनकी बेटी को तीन दिन पहले बुखार आया। दवाइयां भी दिलवाईं, लेकिन सोमवार को उसकी मौत हो गई।
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फोटो 14 पीएएलपी-17,18,19,20 में है।
कैप्शन: 17- हथीन के गांव चिल्ली में बुखार के एक मरीज को इंजेक्शन लगाते सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह
कैप्शन: 18- होडल एक बुखार से ग्रस्त बच्चों की जांच करते डॉक्टर
कैप्शन: 19- पलवल में दवाइयां लेने के लिए लगी बुखार से ग्रस्त मरीजों की लाइन
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