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Palwal News: पराली जलाने के बजाय फसल अवशेषों का प्रबंधन करें किसान
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50 छात्राएं बनेंगी कृषि सखी, प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल।
जिले के गांव भिडूकी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम बैलीना ने किसानों से पराली जलाने के बजाय कृषि यंत्रों और आधुनिक तकनीकों से फसल अवशेषों का प्रबंधन करने की अपील की।
एसडीएम ने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रशासन, कृषि विभाग और किसानों के बीच समन्वय पर जोर दिया।
कार्यक्रम में विद्यालय की 50 छात्राओं ने कृषि सखी बनकर ग्रामीणों को कृषि और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों को सरकारी योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों और फसल अवशेष प्रबंधन के उपायों की जानकारी दी। इस दौरान प्रगतिशील किसानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया और विभागीय स्टालों के माध्यम से कृषि संबंधी जानकारियां भी दी गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल।
जिले के गांव भिडूकी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम बैलीना ने किसानों से पराली जलाने के बजाय कृषि यंत्रों और आधुनिक तकनीकों से फसल अवशेषों का प्रबंधन करने की अपील की।
एसडीएम ने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रशासन, कृषि विभाग और किसानों के बीच समन्वय पर जोर दिया।
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कार्यक्रम में विद्यालय की 50 छात्राओं ने कृषि सखी बनकर ग्रामीणों को कृषि और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों को सरकारी योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों और फसल अवशेष प्रबंधन के उपायों की जानकारी दी। इस दौरान प्रगतिशील किसानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया और विभागीय स्टालों के माध्यम से कृषि संबंधी जानकारियां भी दी गई।
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