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गांवों में जन जागृति अभियान चला रहे किसान
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धरना स्थल पर स्वास्थ्य जांच करती दिल्ली से आई टीम।
- फोटो : Palwal
गांवों में जन जागृति अभियान चला रहे किसान
पलवल। 44 दिन से दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहा किसानों का धरना निरंतर गति पकड़ रहा है। किसान सभा के सदस्य गांव-गांव जाकर जन जागृति अभियान चला रहे हैं। वहीं विभिन्न राज्यों से किसानों का धरनास्थल पर पहुंचना जारी है। स्थानीय किसानों ने 24 घंटे सहयोग करने के लिए पालों के हिसाब से टेंट लगा दिए हैं। धरना स्थल पर स्वास्थ्य सेवाओं में भी इजाफा किया गया है।
केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के समीप पर जारी धरने की शुक्रवार को अध्यक्षता देवीलाल शर्मा ने की। वहीं संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। गांव वजादा पहाड़ी के 11 किसान करण सिंह डागर, रमेश चंद, नंदराम पूर्व सरपंच, श्याम सिंह, प्रेम शर्मा, हरिदत्त, तुहीराम, मोहन सिंह, गिर्राज, गंगाराम व कृपाराम भूख हड़ताल पर रहे। स्वामी श्रद्धानंद ने कहा कि किसान आंदोलन अब जन आंदोलन बन गया है। आज पूरे विश्व का किसान एकजुट हो गया है। धरने पर लंगर सेवा दे रहे आगरा से आए सरदार जोगा सिंह ने बताया कि आगरा में भी प्रदर्शन जारी है। सरकार को किसानों की मांगे जल्द मान लेनी चाहिए। धरने को बीर सिंह, सुनील कुमार जैन, धर्मवीर चौधरी, राजपाल, श्रीपाल चौधरी, सुरेश पटेल, ज्ञान सिंह चौहान, मास्टर महेंद्र चौहान, रतन सिंह सौरोत, राजेश बहीन, ऋषिपाल चौहान, रामधन चौहान, बृजमोहन चौहान ने भी संबोधित किया।
वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गांवों में चलाए जा रहे जन जागृति अभियान के तहत शुक्रवार को गांव दीघौट में सभा कर सहयोग की अपील की गई। सभा के जिला प्रधान धर्मचंद, ताराचंद, रमेशचंद सौरौत व शिवराम ने कहा कि तीनों कृषि कानून सरकार को वापस लेने चाहिए। उन्होंने बताया कि 18 जनवरी को महिला किसान दिवस मनाया जाएगा।
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पद्मश्री अवार्ड लौटाने वाले बाबा सेवा सिंह भी पहुंचे
कृषि कानूनों के विरोध में पद्मश्री अवार्ड लौटाने वाले बाबा सेवा सिंह दूसरी बार धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने 24 घंटे की भूख हड़ताल कर रहे किसानों को व्रत खुलवाया। इसके बाद उन्होंने किसानों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा की। बाबा सेवा सिंह को पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के लिए पद्मश्री अवार्ड मिला था। धरना स्थल पर टेंट सेवा देने वाले रणधीर सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे।
दिल्ली से आए डॉक्टरों ने लगाया स्वास्थ्य शिविर
शुक्रवार को दिल्ली से आई डॉक्टरों की टीम धरना स्थल पर स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। जन स्वास्थ्य संस्था से जुड़े मेडिकल ऑफिसर डॉ. अभिषेक ने बताया कि ठंड की वजह से कई किसानों की तबीयत बिगड़ रही है। ऐसे में उनकी टीम सभी धरना स्थलों पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर रही है।
निजी कंपनी के कर्मचारी भी किसानों के साथ
मानेसर स्थित आईएमटी से शुक्रवार को निजी कंपनी के कर्मचारी धरना स्थल पर पहुंचे। किसानों के लिए 20 हजार रुपये की सहायता दी। कर्मचारी यूनियन के प्रधान अतुल कुमार ने बताया कि देश का हर वर्ग किसानों के साथ जुड़ा है। उनकी यूनियन ने हर माह अपने वेतन से किसानों की मदद करने का मन बनाया है। राजेश, जसवीर, अजीत, मोहिंद्र सिंह आदि मौजूद रहेे।
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पलवल। 44 दिन से दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहा किसानों का धरना निरंतर गति पकड़ रहा है। किसान सभा के सदस्य गांव-गांव जाकर जन जागृति अभियान चला रहे हैं। वहीं विभिन्न राज्यों से किसानों का धरनास्थल पर पहुंचना जारी है। स्थानीय किसानों ने 24 घंटे सहयोग करने के लिए पालों के हिसाब से टेंट लगा दिए हैं। धरना स्थल पर स्वास्थ्य सेवाओं में भी इजाफा किया गया है।
केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के समीप पर जारी धरने की शुक्रवार को अध्यक्षता देवीलाल शर्मा ने की। वहीं संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। गांव वजादा पहाड़ी के 11 किसान करण सिंह डागर, रमेश चंद, नंदराम पूर्व सरपंच, श्याम सिंह, प्रेम शर्मा, हरिदत्त, तुहीराम, मोहन सिंह, गिर्राज, गंगाराम व कृपाराम भूख हड़ताल पर रहे। स्वामी श्रद्धानंद ने कहा कि किसान आंदोलन अब जन आंदोलन बन गया है। आज पूरे विश्व का किसान एकजुट हो गया है। धरने पर लंगर सेवा दे रहे आगरा से आए सरदार जोगा सिंह ने बताया कि आगरा में भी प्रदर्शन जारी है। सरकार को किसानों की मांगे जल्द मान लेनी चाहिए। धरने को बीर सिंह, सुनील कुमार जैन, धर्मवीर चौधरी, राजपाल, श्रीपाल चौधरी, सुरेश पटेल, ज्ञान सिंह चौहान, मास्टर महेंद्र चौहान, रतन सिंह सौरोत, राजेश बहीन, ऋषिपाल चौहान, रामधन चौहान, बृजमोहन चौहान ने भी संबोधित किया।
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वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गांवों में चलाए जा रहे जन जागृति अभियान के तहत शुक्रवार को गांव दीघौट में सभा कर सहयोग की अपील की गई। सभा के जिला प्रधान धर्मचंद, ताराचंद, रमेशचंद सौरौत व शिवराम ने कहा कि तीनों कृषि कानून सरकार को वापस लेने चाहिए। उन्होंने बताया कि 18 जनवरी को महिला किसान दिवस मनाया जाएगा।
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पद्मश्री अवार्ड लौटाने वाले बाबा सेवा सिंह भी पहुंचे
कृषि कानूनों के विरोध में पद्मश्री अवार्ड लौटाने वाले बाबा सेवा सिंह दूसरी बार धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने 24 घंटे की भूख हड़ताल कर रहे किसानों को व्रत खुलवाया। इसके बाद उन्होंने किसानों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा की। बाबा सेवा सिंह को पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के लिए पद्मश्री अवार्ड मिला था। धरना स्थल पर टेंट सेवा देने वाले रणधीर सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे।
दिल्ली से आए डॉक्टरों ने लगाया स्वास्थ्य शिविर
शुक्रवार को दिल्ली से आई डॉक्टरों की टीम धरना स्थल पर स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। जन स्वास्थ्य संस्था से जुड़े मेडिकल ऑफिसर डॉ. अभिषेक ने बताया कि ठंड की वजह से कई किसानों की तबीयत बिगड़ रही है। ऐसे में उनकी टीम सभी धरना स्थलों पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर रही है।
निजी कंपनी के कर्मचारी भी किसानों के साथ
मानेसर स्थित आईएमटी से शुक्रवार को निजी कंपनी के कर्मचारी धरना स्थल पर पहुंचे। किसानों के लिए 20 हजार रुपये की सहायता दी। कर्मचारी यूनियन के प्रधान अतुल कुमार ने बताया कि देश का हर वर्ग किसानों के साथ जुड़ा है। उनकी यूनियन ने हर माह अपने वेतन से किसानों की मदद करने का मन बनाया है। राजेश, जसवीर, अजीत, मोहिंद्र सिंह आदि मौजूद रहेे।

धरना स्थल पर पालों के हिसाब से लगाए गए टेंट।- फोटो : Palwal

धरने को समर्थन देने आईएमटी मानेसर से कर्मचारी पहुंचे।- फोटो : Palwal

धरने में किसानों से आगामी रणनीति पर चर्चा करते बाबा सेवा सिंह।- फोटो : Palwal

भूख हड़ताल पर बैठे किसान।- फोटो : Palwal