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Palwal News: एक साथ उठे चार जनाजों से हर चेहरा उदास
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नूंह-तावडू रोड पर पेट्रोल पंप के पास हुए हादसे में युवक, दो बच्चों और साली की मौत
अपनों की मौत से अस्पताल में बेखर है नसरीन
मदरसे में पढ़ाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे साकिर
रिजवान खान
नूंह। मंगलवार देर रात नूंह-तावडू रोड पर पेट्रोल पंप के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने दो गांवों की खुशियां मातम में बदल दी। हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक सदस्य गंभीर रूप से घायल है। चारों शव पोस्टमार्टम के बाद जब पाडला गांव पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। हर आंख नम थी और हर चेहरा गम में डूबा नजर आया। युवक को दोनों बच्चों और साली समेत गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, मृतक साकिर नूंह के एक मदरसे में बच्चों को पढ़ाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। गांव के लोग उन्हें नेकदिल और मिलनसार इंसान बताते हैं। मंगलवार देर शाम वह अपने ससुर से मिलने के लिए परिवार के साथ बाइक से जा रहे थे। नूंह-तावडू रोड पर पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे खड़े होने के दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि साकिर और तीन मासूमों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी नसरीन गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। चार शव एक साथ गांव पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। परिजन अपनों के शव देखकर दहाड़ मारकर रो पड़े। कब्रिस्तान में एक साथ चार कब्रें खोदी गईं और कुछ ही देर में चारों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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हादसे में घायल नसरीन अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं। वह न पति के अंतिम सफर में शामिल हो सकीं और न ही अपने बच्चों को आखिरी बार देख पाईं। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह हादसा ऐसा गहरा जख्म छोड़ गया है, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा।
विधायक मामन खान ने जताया शोक
पाडला शाहपुरी गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर मिलने के बाद फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे और शोक व्यक्त किया। उन्होंने दुखी परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि यह बेहद दुखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरा परिवार अकेला नहीं है और सभी लोग उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने घायल महिला के जल्द स्वस्थ होने की दुआ की।
पहले भी परिवारों को निगल चुके हैं सड़क हादसे
मार्च 2024 में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर झिमरावट के पास कार हादसे में एक परिवार के सात लोग दुर्घटना का शिकार हुए थे।
5 नवंबर 2025 को फिरोजपुर झिरका के बीवां मार्ग पर ट्रक की टक्कर से पति-पत्नी और दो बच्चों की मौत हुई थी।
22 दिसंबर 2025 को नूंह-होडल रोड पर अड़बर गांव के पास हादसे में महिला, उसकी बहू और पोते की मौत हो गई थी।
25 फरवरीको धमाला गांव के पास बाइक और टाटा मैजिक की टक्कर में तीन लोगों की मौत हुई थी।
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अपनों की मौत से अस्पताल में बेखर है नसरीन
मदरसे में पढ़ाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे साकिर
रिजवान खान
नूंह। मंगलवार देर रात नूंह-तावडू रोड पर पेट्रोल पंप के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने दो गांवों की खुशियां मातम में बदल दी। हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक सदस्य गंभीर रूप से घायल है। चारों शव पोस्टमार्टम के बाद जब पाडला गांव पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। हर आंख नम थी और हर चेहरा गम में डूबा नजर आया। युवक को दोनों बच्चों और साली समेत गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, मृतक साकिर नूंह के एक मदरसे में बच्चों को पढ़ाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। गांव के लोग उन्हें नेकदिल और मिलनसार इंसान बताते हैं। मंगलवार देर शाम वह अपने ससुर से मिलने के लिए परिवार के साथ बाइक से जा रहे थे। नूंह-तावडू रोड पर पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे खड़े होने के दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि साकिर और तीन मासूमों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी नसरीन गंभीर रूप से घायल हो गईं।
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हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। चार शव एक साथ गांव पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। परिजन अपनों के शव देखकर दहाड़ मारकर रो पड़े। कब्रिस्तान में एक साथ चार कब्रें खोदी गईं और कुछ ही देर में चारों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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हादसे में घायल नसरीन अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं। वह न पति के अंतिम सफर में शामिल हो सकीं और न ही अपने बच्चों को आखिरी बार देख पाईं। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह हादसा ऐसा गहरा जख्म छोड़ गया है, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा।
विधायक मामन खान ने जताया शोक
पाडला शाहपुरी गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर मिलने के बाद फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे और शोक व्यक्त किया। उन्होंने दुखी परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि यह बेहद दुखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरा परिवार अकेला नहीं है और सभी लोग उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने घायल महिला के जल्द स्वस्थ होने की दुआ की।
पहले भी परिवारों को निगल चुके हैं सड़क हादसे
मार्च 2024 में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर झिमरावट के पास कार हादसे में एक परिवार के सात लोग दुर्घटना का शिकार हुए थे।
5 नवंबर 2025 को फिरोजपुर झिरका के बीवां मार्ग पर ट्रक की टक्कर से पति-पत्नी और दो बच्चों की मौत हुई थी।
22 दिसंबर 2025 को नूंह-होडल रोड पर अड़बर गांव के पास हादसे में महिला, उसकी बहू और पोते की मौत हो गई थी।
25 फरवरीको धमाला गांव के पास बाइक और टाटा मैजिक की टक्कर में तीन लोगों की मौत हुई थी।